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यदि बच्चों की पढ़ाई में आ रही बाधाओं से हैं परेशान तो ये उपाय करेंगे आपकी समस्याओं का समाधान

Fri, 04 Jun 2021 06:57 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Fri, 04 Jun 2021 06:57 PM IST
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Do these measures to get rid of problems in education
(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

शिक्षा का महत्व तो सभी को भलिभांति पता होता है। शिक्षा व्यक्ति के जीवन के अंधकार को दूर करके भविष्य के उज्जवल बनाती है। यदि शिक्षा और संस्कार का अच्छा संगम हो तो व्यक्ति का जीवन सफल हो जाता है। हर माता-पिता अपने बच्चों के अच्छे संस्कार और शिक्षा देना चाहते हैं। अच्छे संस्कार का निर्माण तो बालक में बचपन से ही किया जाता है लेकिन कई बार शिक्षा में बाधाएं आने लगती हैं या जीवन में प्रयास करने के बाद भी असफलता प्राप्त होती है। ऐसे में हर माता-पिता का अपनी संतान के भविष्य के लेकर चिंतित होना स्वाभाविक सी बात है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि यदि किसी की जन्म कुंडली के ग्रह अशुभ फल प्रदान करने लगें तो भी शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ने लगता है। ग्रहों की स्थिति खराब होने पर शिक्षा में बाधाएं आने लगती हैं और कभी-कभी शिक्षा पूरी तरह से बाधित भी हो जाती है, इसलिए ग्रहों को अनुकूल बनाने के उपाय करना भी आवश्यक होता है। तो चलिए जानते हैं कि किन ग्रहों के कारण आती है शिक्षा में रुकावट और इन्हें अनुकूल बनाने के लिए क्या उपाय करने चाहिए। 

Do these measures to get rid of problems in education
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

जन्म कुंडली के पंचम भाव में पापक ग्रह की दृष्टि होना
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली का पंचम भाव का संबंध शिक्षा से माना जाता है। यदि किसी की कुंडली के पंचम भाव में भाव पर पापक ग्रह राहु-केतु की दृष्टि पड़ती है तो शिक्षा में समस्याएं आने लगती हैं। इसके अलावा यदि कुंडली में शनि और मंगल की स्थिति सही न हो तो भी शिक्षा संबंधित समस्याएं आने लगती हैं।  यदि किसी की कुंडली में ये ग्रह अशुभ हो तो तुरंत उन्हें अनुकूल बनाने के प्रयास करने चाहिए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इन ग्रहों का शिक्षा से होता है सीध संबंध
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देव गुरु बृहस्पति और बुध ग्रह शिक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। जहां बृहस्पति ग्रह ज्ञान और सफलता प्रदान करते हैं तो वहीं बुधदेव को बुद्धि और वाकपटुता का कारक माना गया है। गुरु की शुभ स्थिति से व्यक्ति उच्च पद, सफलता, समृद्धि और मान-सम्मान प्राप्त करता है तो वहीं बुध की शुभ स्थिति से व्यक्ति को बुद्धि और वाकपटुता के कारण शिक्षा एवं कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। यदि यह ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो शिक्षा में दिक्कते आने लगती हैं। शिक्षा संबंधित बाधाओं को दूर करने के लिए इन ग्रहों का शुभ होना बहुत आवश्यक होता है। आगे जानिए इन ग्रहों को शुभ करने के उपाय। 

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शिक्षा की बाधाओं को दूर करने के लिए करें ये उपाय
ज्योतिष के अनुसार गुरु ग्रह की अशुभता को दूर करने के लिए भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। यदि शिक्षा में बाधाएं आ रही हैं तो एकादशी का व्रत करना चाहिए। माता-पिता अपनी संतान के लिए यह व्रत कर सकते हैं।

यदि किसी का बुध ग्रह कमजोर हो तो उसे प्रतिदिन भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए और बुधवार के दिन हरी चीजों का दान करना चाहिए। इससे बुध ग्रह की अशुभता दूर होती है और शिक्षा में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। भगवान गणेश को भी बुद्धि का देवता माना गया है। इनकी पूजा से सकारात्मकता और बुद्धि में वृद्धि होती है।

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