वैष्णवाचार्य, शंकराचार्य व अखाड़े कराएं मंदिर का निर्माण: तोगड़िया
अयोध्या पहुंचे अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार को कहा कि साढ़े चार सौ वर्षों के हिंदुओं के संघर्ष व चार लाख पूर्वजों के बलिदान के बाद अब अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण होने जा रहा है। मंदिर बनने का यश संघर्ष करने वाली पीढ़ियों, 100 करोड़ हिंदुओं, बलिदानी कारसेवकों व नेतृत्व करने वाले संतों को जाता है।
उन्होंने इशारों में विहिप, भाजपा व न्यास पर सवाल उठाते हुए कहा कि वैष्णाचार्य, शंकराचार्य व अखाड़े राममंदिर का निर्माण कराएं। इसे राजनीति का अखाड़ा न बनाएं और राजनीतिज्ञों को ट्रस्ट से दूर रखा जाए।
डॉ. तोगड़िया ने कहा कि राममंदिर तो अब बनने ही वाला है, देश की जनता को रामराज्य का भी इंतजार है। राममंदिर निर्माण का हमारा लक्ष्य पूरा होने को है। अब अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद राममंदिर से लेकर रामराज्य तक का लोकतांत्रिक अभियान छेड़ेगी।
इसके जरिए महंगाई मुक्त भारत, महिलाओं को सुरक्षा, कर्ज मुक्त किसान, रोजगार युक्त युवा हो, यही हमारा लक्ष्य होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर का मॉडल कैसा होगा इसका निर्णय सहयोग करने वाले लोगों पर छोड़ दें। इतना जरूर है कि सवा-सवा रुपये और पूजित रामशिला का भी राममंदिर के निर्माण में प्रयोग की व्यवस्था हो ताकि करोड़ों हिंदुओं को यह लगे कि राममंदिर निर्माण में उनका भी योगदान है।
राम जन्मभूमि न्यास के राममंदिर बनाने की मांग पर तोगड़िया ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत उन्हें भी अपनी बात रखने का हक है। राममंदिर निर्माण की बाधाएं सुप्रीम कोर्ट ने दूर कर दी हैं। ट्रस्ट निर्माण की बाधाओं को भी सुप्रीम कोर्ट दूर कर देगा। इस दौरान महंत परशुराम दास, महंत पवन दास शास्त्री, जितेंद्र शास्त्री, दिलीप महाराज आदि मौजूद रहे।
परमहंस, अवैद्यनाथ, अशोक सिंहल समेत बलिदानी कारसेवकों का बने स्मारक
तोगड़िया ने कहा कि राममंदिर बनने के साथ बलिदान करने वाले कारसेवकों को भी सम्मान मिले। जो लोग पूर्वजों को जिंदा रखते हैं वही जाति जिंदा रहती है। सोमनाथ मंदिर में बलिदान देने वाले हमीर सिंह गौहिल व सरदार बल्लभ भाई पटेल की स्मृतियां हैं। अयोध्या में बनने वाले राममंदिर में भी महंत अवैद्यनाथ, रामचंद्र दास परमहंस, अशोक सिंहल और बलिदानी कारसेवकों की स्मृतियां होनी चाहिए।
अयोध्या की शास्त्रीय सीमा में मस्जिद स्वीकार नहीं- तोगड़िया
सुप्रीम कोर्ट के फैसले में मुस्लिमों को पांच एकड़ जमीन देने पर कहा कि हमने पहले भी कहा है कि अयोध्या की शास्त्रीय सीमा में मस्जिद स्वीकार नहीं होगी। बाबर के नाम पर तो पूरे देश में मस्जिद नहीं बनने दी जाएगी। शास्त्रीय सीमा के बाहर मस्जिद बनाई जानी चाहिए, हमें कोई एतराज नहीं होगा।
रामलला के दर्शन किए बगैर गोंडा रवाना
राममंदिर के हक में फैसला आने के बाद अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक प्रवीण भाई तोगड़िया पहली बार अयोध्या पहुंचे और बिना रामलला के दर्शन किए वापस चले गए। पहले रामलला के दर्शन व संतों से मुलाकात का भी कार्यक्रम था, लेकिन तोगड़िया करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचे और पत्रकारों से वार्ता करने के बाद गोंडा के लिए रवाना हो गए।