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UP: पुलिस विभाग में प्रमोशन के लिए फर्जीवाड़ा, गायब कराए सर्विस बुक के पन्ने, लिपिक और तीन कांस्टेबल निलंबित

Tue, 13 Feb 2024 09:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी वाचस्पति पांडेय, अमर उजाला, कानपुर
वाचस्पति पांडेय, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 13 Feb 2024 09:18 AM IST
सार

Kanpur News: पुलिस विभाग में फर्जीवाड़ा करने का अनोखा मामला सामने आया है। इसमें तीन कांस्टेबलों ने प्रमोशन के लिए लिपिक से सर्विस बुक के पन्ने ही गायब करा दिए थे। रिकॉर्ड पदोन्नति के काबिल न होने के बाद भी सूची में नाम आया, तो एडीसीपी महिला अपराध को जांच दी गई थी।

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Fraud for promotion in police department, made pages of service book disappear, clerk and three constables sus
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर पुलिस विभाग में प्रमोशन के लिए फर्जीवाड़ा करने का अपनी तरह का पहला मामला सामने आया है। तीन कांस्टेबलों ने पुलिस मुख्यालय में तैनात एक लिपिक (दरोगा) से मिलीभगत कर सर्विसबुक से वे पन्ने ही गायब करा दिए, जिसमें इनके अच्छे और खराब कार्यों का ब्योरा होता है।

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इन तीनों का नाम प्रमोशन की सूची में शामिल हुआ, तो जांच बैठी। डीसीपी ने चारों को निलंबित करते हुए कांस्टेबलों पर न्यूनतम वेतनमान की कार्रवाई की है। वहीं, लिपिक पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। उसे नोटिस भेजा गया है। वर्ष 2023 में कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल की प्रमोशन सूची जारी होनी थी।

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गोपनीय विभाग ने ऐसे लोगों की सूची बनाई। इस सूची में महिला कांस्टेबल प्रतिमा राजपूत, कांस्टेबल अश्वनी बाथम व डिस्पैच विभाग में मुंशी पद पर तैनात कांस्टेबल युगराज के नाम भी शामिल थे। हालांकि, इन तीनों कांस्टेबलों का सर्विस रिकॉर्ड पदोन्नति के काबिल नहीं था। इसके चलते इन लोगों ने पुलिस मुख्यालय में तैनात लिपिक दरोगा देवेंद्र मौर्य की मदद से सर्विस बुक से बैड एंट्री के पन्ने हटवा दिए थे।

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चारों पुलिसकर्मियों को एक माह पूर्व निलंबित कर दिया था
तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने मामला संज्ञान में आने के बाद चारों पुलिसकर्मियों को एक माह पूर्व निलंबित कर दिया था। विभागीय जांच में भी दोषी पाए गए, तो कांस्टेबलों पर तीन साल की न्यूनतम वेतनमान की कार्रवाई की गई। वहीं लिपिक को बर्खास्त किया जा सकता है।

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सर्विस बुक से पेज नंबर 77 किया गया गायब
तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने चारों पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच एडिशनल डीसीपी महिला अपराध अमिता सिंह को सौंपी थी। जांच में सामने आया कि गोपनीय विभाग में तैनात लिपिक दरोगा देवेंद्र मौर्य ने तीनों पुलिस कर्मियों की सर्विस बुक (चरित्र पंजिका) के पेज नंबर 77 को गायब कर दिया था। इसमें बैड एंट्री समेत सर्विस रिकॉर्ड का डाटा था।

सर्विस रिकॉर्ड से छेड़छाड़ घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। लिपिक देवेंद्र सिंह ने तीनों पुलिस कर्मियों के सर्विस रिकॉर्ड से पन्ने गायब किए थे। उसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। उसे नोटिस भेज दिया गया है। तीनों सिपाहियों को तीन साल के न्यूनतम वेतन की सजा सुनाई गई है।  -नीलाब्जा चौधरी, जेसीपी, क्राइम/मुख्यालय

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