कारोबार के आगे पॉलिथीन पर रोक बेअसर, दुकानदारों ने बचने के लिए नया तरीका ढूंढा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार ने बुधवार से 50 माइक्रोन तक की पॉलीथिन पर रोक लगा दी है। पहले दिन इसका ज्यादा असर बाजारों में देखने को नहीं मिला। कुछ दुकानदारों को रोक तक की जानकारी नहीं थी। जबकि कुछ दुकानदार जानकारी होते हुए भी 50 माइक्रोन तक की पॉलीथिन बैग में सामान बेच रहे थे। इनका कहना था कि पॉलीथिन का स्टॉक पड़ा हुआ है। जब तक स्टॉक खत्म नहीं होता, तब तक इसी में सामान देंगे। अगर इस स्टॉक को फेंक देंगे तो भी तो नुकसान ही होगा। हालांकि, हम लोगों ने कपड़े के बैग मंगाए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किए जा सकें।
प्रशासन तक की तरफ से नहीं दी गई जानकारी
रविवार की दोपहर 3 बजे हरौला बाजार में सब्जियों की रेहड़ी पटरी लग गई। छुट्टी का दिन होने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने आना शुरू कर दिया। लेकिन यहां के अधिकतर दुकानदारों को जानकारी तक नहीं थी कि 50 माइक्रोन पॉलीथिन पर रोक लग गई है। दोपहर 3 से लेकर 4 बजे तक यहां पर प्रशासन की टीम तक नहीं थी। दुकानदार विनीत ने बताया कि मीडिया से पता चला है कि 50 माइक्रोन तक की पॉलीथिन पर रोक लग गई है। अब अचानक से कपड़े के बैग कहां से लेकर आएं।
महंगी मार्केट में भी नहीं दिखा असर
सेक्टर - 12 में भी ज्यादा इसका असर नहीं दिखा। कई जगह पर पॉलीथिन बेची जा रही थी। हालांकि, यहां दुकानदारों ने कपड़े के बैग भी रखे थे। ग्राहकों के बोलने पर उसे कपड़े के बैग में ही सब्जी दी जा रही थी। दुकानदार अनूप ने बताया कि 50 माइक्रोन से कम वाली पॉलीथिन का स्टॉक पड़ा हुआ है, इसे फेंक नहीं सकते हैं। वैसे भी कपड़े के बैग 220 रुपये किलो के हिसाब से मिलते हैं, जबकि पॉलीथिन बैग 120 रुपये किलो है और एक किलो बहुत ज्यादा पॉलीथीन आती है।
दुकानदारों ने बचने के लिए नया तरीका ढूंढा
50 माइक्रोन बंद होने के साथ ही दुकानदारों ने नया तरीका ढूंढ लिया है। कई दुकानदार 51 माइक्रोन वाली पॉलीथिन में सब्जियां बेच रहे हैं। उनका कहना था कि पॉलीथिन सस्ती आती है। इसलिए अभी इन्हीं से काम चला रहे हैं। दुकानदार नरेश ने बताया कि जब से बाजार वालों को पता चला है कि 50 माइक्रोन पॉलीथिन पर रोक लग गई है, तब से कपड़े के बैग का स्टॉक हम लोगों को मुश्किल से मिल रहा है। कई जगह पर बैग महंगे दिए जा रहे हैं।
दुकानदारों की राय
मुझे इस रोक की जानकारी नहीं थी। जब बाजार में आया तो दूसरे दुकानदार ने इसकी जानकारी दी। उसके बाद से मैंने पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद कर दिया है। अब कपड़े के बैग मंगाने का ऑर्डर दिया है।
- रामेश्वर, दुकानदार
मुझे अखबारों के जरिए पता चला कि 50 माइक्रोन की पॉलीथिन बैग के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इसलिए मैंने दुकान के बाहर बोर्ड भी लगा दिया।
-परवींदर , दुकानदार
प्रशासन की तरफ से पहले से ही इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। जल्दबाजी में कपड़े के बैग मंगवाने पड़ रहे हैं।
-सत्यनारायण
बाजार में कई जगहों पर कपड़े के बैग तो कहीं पर पॉलीथिन के बैग में सामान दिया जा रहा है।
- सविता