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घायल किसान बोले- हम लोग तड़पते रहे और सिपाही जेब टटोलकर पैसे निकालते रहे

Sat, 07 Oct 2017 09:30 PM IST
amarujala.com, Presented by: शारुख खान
amarujala.com, Presented by: शारुख खान Updated Sat, 07 Oct 2017 09:30 PM IST
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FIVE farmer killed in road accident AT lalitpur OF UTTAR PRADESH
सड़क हादसे में घायल - फोटो : अमर उजाला
एक बार फिर से पुलिस की संवेदनहीनता सामने आई है, पुलिसकर्मी घटना स्थल पर किसानों की जेब टटोलते रहे और रुपये निकालते रहे। जानिए कहां हुई शर्मसार करने वाली घटना
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घटना उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की है।  शुक्रवार की रात बमरौला गांव के पास हाईवे पर कंटेनर की टक्कर से ट्रैक्टर में सवार पांच किसानों की मौत हो गई। तेरह लोग गंभीर रूप से घायल हैं, इनमें दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए झांसी रेफर कर दिया गया। 
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किसान ललितपुर मंडी में अनाज बेचने के बाद ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर रात ग्यारह बजे अपने गांव के लिए रवाना हुए। बारह बजे जब वे बमरौला गांव के पास थे कि इसी दौरान पीछे से कंटेनर ने ट्रैक्टर ट्राली में टक्कर मार दी। मरने वाले एक ही गांव के निवासी हैं।

नाराहट थाना क्षेत्र के सिंगरवारा गांव निवासी बीस किसान दो ट्रैक्टर ट्रालियों में अनाज लादकर शुक्रवार की सुबह ललितपुर मंडी बेचने आए थे। अनाज बेचने के बाद रुपये मिलने पर उन्होंने खाद खरीदा और रात ग्यारह बजे वापस गांव की ओर रवाना हुए। 

ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

FIVE farmer killed in road accident AT lalitpur OF UTTAR PRADESH
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान रात बारह बजे हाईवे पर अचानक विरधा कस्बे से चार किलोमीटर पहले बमरौला गांव के पास दो में से एक ट्रैक्टर खराब हो गया। खराब हुए ट्रैक्टर में सवार लोग दूसरी वाली ट्रैक्टर ट्राली में आकर बैठ गए। ट्रैक्टर ट्राली बमुश्किल दस कदम आगे ही बढ़ी होगी कि पीछे से आ रहे कंटेनर ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। 

इसकी चपेट में आकर सिंगरवारा गांव निवासी भगत सिंह पुत्र जशरथ सिंह (25 वर्ष), मुलू पुत्र भगुन सिंह (35 वर्ष), खरगे पुत्र ननू  (60 वर्ष), खंजू पुत्र खरगे (30 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, तिलक पुत्र मर्दन सिंह (22 वर्ष) की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। 

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हादसे में जगदीश पुत्र रमेश प्रसाद (18 वर्ष), सुंदर सिंह पुत्र देवेंद्र सिंह, भगवत सिंह पुत्र चंद्रभान सिंह, गोपाल रजक पुत्र बल्का, भगवान सिंह पुत्र बल्दू, सालकराम पुत्र कल्यान सिंह, सोन सिंह पुत्र बाबू सिंह, भुलबल पुत्र बाबूलाल, मौसम पुत्र राममिलन, तिलक पुत्र मर्दन, देवेंद्र सिंह पुत्र सुम्मेर सिंह, धर्म सिंह पुत्र देव सिंह और अकतू पुत्र फुंदी घायल हो गए हैं। 

ये सभी लोग सिंगरवारा गांव के ही निवासी हैं। घायलों को जिला अस्पताल लाए जाने पर जगदीश पुत्र रमेश प्रसाद और सुंदर सिंह की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झांसी रेफर कर दिया। 

टक्कर इतनी भीषण थी कि लगभग सौ मीटर तक ट्रैक्टर ट्राली घिसटती चली गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घायलों को निजी एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया और शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
 

पुलिस के कारण हुआ हादसा, लोग तड़पते रहे सिपाही पैसे निकालते रहे 

FIVE farmer killed in road accident AT lalitpur OF UTTAR PRADESH
फाइल
इस मामले में पुलिस की संवेदनहीनता जिस हद तक सामने आई है, वह शर्मसार कर देने वाली है। प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के मुताबिक हादसा हाईवे पर गश्त कर रही यूपी 100 पुलिस के कारण हुआ है। 

ग्रामीणों का कहना है कि कंटेनर को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों ने जैसे ही ड्राइवर पर टार्च लगाई, इससे चालक संतुलन खो बैठा और गाड़ी पीछे से ट्रैक्टर में जा भिड़ी। इसके बाद लगभग बीस मिनट तक पुलिसकर्मी घटना स्थल पर ही रहे और किसानों की जेब से रुपये निकालते रहे

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इसके बाद कंटेनर ड्राइवर को अपने साथ लिवाकर चले गए। चीख रहे लोगों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे आसपास के गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस को फोन किया। 

इसके बाद मौके पर पहुंचे ललितपुर कोतवाली प्रभारी ने निजी एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। चार किलोमीटर दूर मौजूद विरधा चौकी पुलिस भी कोतवाली पुलिस के बाद मौके पर पहुंची। 

सुबह तक नहीं मिला इलाज
घायलों ने बताया कि जिला अस्पताल में भी इलाज के लिए उन्हें सुबह होने का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान न तो उन्हें पलंग नसीब हुए और न ही उनका इलाज किया गया। सुबह घायलों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए, इसके बाद घायलों का इलाज शुरू किया गया। 
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