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शादी के लिए जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लाए केंद्र व राज्य: इंद्रेश
Mon, 23 Nov 2020 03:27 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 23 Nov 2020 03:27 AM IST
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आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार
- फोटो : ANI
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने केंद्र व सभी राज्य सरकारों से शादी के नाम पर हो रहे धर्म परिवर्तनों को रोकने के लिए कानून लाने की मांग की है। उन्होंने कहा, इस तरह की गतिविधियां महिलाओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
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इंद्रेश कुमार ने कहा, इस तरह का धर्म परिवर्तन महिलाओं का शोषण है। पुरुष अपनी गलत पहचान दिखाकर महिलाओं को धोखा देते हैं और उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाते हैं। महिला विवाह के लिए तैयार नहीं हो तो उसे जबरन मजबूर किया जाता है धर्म बदलने के लिए। ऐसा नहीं करने पर उसे जान से मारने की भी धमकी दी जाती है।
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उन्होंने कहा, यह सब देश के संविधान के खिलाफ है और इसे रोकना देश की मौलिक जरूरत है। संविधान में हर नागरिक को सम्मान से जीने का अधिकार है और इस तरह की गतिविधियां इन अधिकारों का उल्लंघन हैं।
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जबरन धर्मांतरण गंभीर समस्या राज्यों को उठाना चाहिए कदम: भाजपा
भाजपा शासित राज्यों में जबरन धर्मांतरण पर कानून लाने की तैयारी हो रही है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने इसको लेकर एक मसौदा तैयार कर लिया है। उत्तराखंड, गुजरात, कर्नाटक और हरियाणा में इस पर कानून लाने को लेकर तैयारियां जोरों पर है।
वहीं, भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने कहा है कि जबरन धर्मांतरण एक गंभीर समस्या है। कई माताओं और बहनों को इसके बुरे परिणाम भुगतने पड़े हैं। यह एक राज्य का मामला है और राज्य सरकारों को इसके खिलाफ कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ राज्य सरकारें इस संबंध में काम कर रही हैं और आगे भी करती रहेंगी।
