UP : माफिया अतीक के फाइनेंसर माशूक प्रधान समेत तीन को हाईकोर्ट से झटका, कोर्ट ने जमानत देने से किया इन्कार
असरौली के ग्राम प्रधान और माफिया अतीक अहमद के फाइनेंसर माशूक समेत उसके बेटे और भतीजे को हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। गैंगस्टर के आरोप में तीनों जेल में बंद है। माशूक पर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एक इंस्पेक्टर के बेटे की हत्या का आरोप है। इंस्पेक्टर के बेटे को उसने धूमनगंज में गोलियों से भून दिया था।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतीक अहमद के करीबी और गैंगस्टर में पांच साल कारावास की सजा पाए असरौली के प्रधान माशूक उर्फ माशूकुद्दीन ,उसके बेटे शाहेजमन और भतीजे असलूब की जमानत अर्जी खारिज कर दी। हालांकि, सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर अदालत सुनवाई करेगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने तीनों की ओर से अपील के साथ दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। राज्य सरकार के अपर शासकीय अधिवक्ता नितेश श्रीवास्तव ने बताया कि माशूक का नाम एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर राम नयन यादव के बेटे बलवंत की हत्या में भी आया था। हालांकि, न्यायालय ने उसे दोषमुक्त कर दिया था, लेकिन इस घटना के बाद क्षेत्र में ऐसा दबदबा बना कि उसके खिलाफ बोलने की किसी की हिम्मत नहीं होती थी। इसी बीच उसका संपर्क माफिया अतीक अहमद से भी हुआ और वह उसका अहम सहयोगी बन गया।
जनवरी 2024 में कौशाम्बी की अपर जिला एवम सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इसे गैंगस्टर मामले में पांच साल की कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ इन्होंने हाईकोर्ट ने अपील दाखिल की है। साथ अपील के निस्तारण तक जमानत पर रिहा किए जाने की गुहार भी लगाई थी। लेकिन, अदालत ने जमानत देने से इन्कार कर दिया। बता दें कि पिछले साल पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के असरौली के प्रधान माशूकउद्दीन का करोड़ों का आलीशान मकान भी जमींदोज किया गया था।
परिवार के नौ पुरुष सदस्यों पर कुल 52 मुकदमे
माशूकउद्दीन पर कुल 16 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। उसके परिवार के 10 पुरुषों में नौ के खिलाफ अलग अलग थानों 52 मुकदमे चल रहे हैं। माशूकउद्दीन की अपराध कथा 47 साल पहले 1975 से शुरू हुई थी। उसने अपने सगे भाई मोहिनुद्दीन के साथ मिलकर असरौली के हाजी उर्फ सनुद्दीन को गोली मार दी थी। हाजी को अस्पताल में भर्ती किया गया था।
इस घटना के पांच दिन बाद माशूकउद्दीन ने अपने भाइयों तथा अन्य साथियों कयूम, महबूब और इदरीस के साथ मिलकर हाजी के साथी सफीकुद्दीन को असरौली में मस्जिद से खींचकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसी दिन अस्पताल में भर्ती हाजी की भी मौत हो गई थी। दिनदहाड़े पांच दिन में दो हत्याओं से इलाका दहल उठा था।
माशूक और परिवार वालों पर दर्ज मुकदमे
1-माशूकउद्दीन : 16 मुकदमे
2-शाहजमन (माशूक का बेटा) : 11 मुकदमे
3-असलूब (माशूक का भतीजा) : 10 मुकदमे
4-शाह फाहेद (माशूक का बेटा) : पांच मुकदमे
5-शाह फैसल (माशूक का बेटा) : दो मुकदमे
6-शाह सऊद (माशूक का बेटा) : पांच मुकदमे
7-सऊद फैसल (माशूक का बेटा : एक मुकदमा
8-शाह खालिद (माशूक का बेटा) : एक मुकदमा
9-शाह औरंगजेब (माशूक का बेटा) एक मुकदमा
10-शाहनवाज ( माशूक का बेटा) : मुकदमा नहीं
घोड़ों पर चढ़कर फायरिंग करते वीडियो हुए थे वायरल
दो साल पहले माशूक के परिवार के कुछ युवकों के वीडियो भी वायरल हुए थे। इसमें वह घोड़ों पर चढ़कर असलहों से फायरिंग करते नजर आए थे। वीडियो वायरल होने के बाद पूरामुफ्ती थाने में इनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।