मध्यप्रदेश: कस्टडी में युवक की मौत व कोरोना से शिक्षक का निधन, मानवाधिकार आयोग ने तीन सप्ताह में मांगा जवाब
नरसिंहपुर जिले के पलोहा थाने में पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। वहीं, कोरोना से जूझ रहे एक शिक्षक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
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मध्यप्रदेश में पुलिस व चिकित्सा विभाग की लापरवाही के दो मामलों में राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया। आयोग ने इन दोनों ही मामलों में संबंधित अधिकारियों से तीन सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है। बता दें कि नरसिंहपुर जिले के पलोहा थाने में पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। वहीं, कोरोना से जूझ रहे एक शिक्षक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। ऐसे में मानवाधिकार आयोग ने एसपी नरसिंहपुर और भिंड कलेक्टर को तीन सप्ताह में जवाब देने का आदेश जारी किया है।
पुलिस कस्टडी में युवक ने लगा ली फांसी
जानकारी के मुताबिक, रायसेन जिले के रिछावर नयाखेड़ा निवासी वीरन के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज था। इस मामले में पुलिस ने उसे इंदौर से गिरफ्तार किया था और नरसिंहपुर के पलोहा थाने में रखा था। बताया जा रहा है कि उसके साथ मारपीट की गई। सूत्रों के मुताबिक, थाने का लॉकअप खराब है। ऐसे में आरोपी वीरन को हथकड़ी लगाकर एक पिलर से बांध दिया गया था। आरोप है कि उसने मंगलवार (15 जून) रात हथकड़ी से ही फांसी लगा ली। परिजनों ने इस मामले में पुलिस पर प्रताड़ित करने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
कोरोना से शिक्षक ने गंवाई जान
उधर, भिंड जिले के अटेर विकासखंड के कूप सर्किल अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय भदाकुर में तैनात शिक्षक का कोरोना से निधन हो गया। ऐसे में शिक्षक के परिवार आजीविका के संकट से जूझ रहा है। बताया जा रहा है कि परिवार को तो सरकार की ओर से आर्थिक मदद नहीं मिली। वहीं, शिक्षा विभाग ने परिवार के किसी भी सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने का आश्वासन दिया। रामदेवी बघेल ने बताया कि उनके पति देवेंद्र बघेल शासकीय माध्यमिक विद्यालय भदाकुर में पदस्थ थे। कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने के बावजूद 14 मई को उनका निधन हो गया।
मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
इन दोनों ही मामलों में मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने स्वत: संज्ञान लिया। साथ ही, संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। आयोग ने एसपी नरसिंहपुर और भिंड कलेक्टर से तीन सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है।
