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विश्व जल दिवस: सीएम शिवराज ने की घोषणा- मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगा जलाभिषेक कार्यक्रम, जनभागीदारी से चलाएंगे अभियान
Tue, 22 Mar 2022 01:57 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 22 Mar 2022 01:57 PM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में एक बार फिर से जल बचाने के लिए अभियान की शुरुआत की है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि वर्षा जल को बचाने के हरसंभव प्रयास हमें करना होंगे।
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विश्व जल दिवस पर मुख्यमंत्री ने की घोषणा- जलाभिषेक कार्यक्रम पुनः प्रारंभ होगा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विश्व जल दिवस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि जलाभिषेक कार्यक्रम पुनः प्रारंभ होगा। गत दो साल कोरोना के कारण और डेढ़ वर्ष सरकार न होने के कारण कार्यक्रम बंद था। अब इसे फिर से शुरू करेंगे। 15 जून तक कार्यक्रम चलेगा। जनभागीदारी से जलसंरक्षण का अभियान छेड़ा जाएगा। जनसहयोग से नवीन जल संरचनाएं निर्मित की जाएंगी।
बता दें कि 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इसी के मद्देनजर शिवराज संबोधित कर रहे थे। सीएम शिवराज ने कहा कि जल ही जीवन है। इसका दुरुपयोग रोकना हम सबका कर्तव्य है। हम पानी बचाने, इसे प्रदूषित होने से रोकने के प्रयास करें। यह हमारी भावी पीढ़ी को स्वस्थ, समृद्ध, खुशहाल जीवन की सौगात होगी।
मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि वर्षा के जल को इकट्ठा करें ताकि भूजलस्तर भी बढ़े। अलग-अलग तालाबों, नहरों का जीर्णोद्धार करें। चेकडेम-स्टॉपडेम जैसी जलसंरचनाएं बचाएं। जन अभियान परिषद ने नदियों को पुनर्जीवित करने का काम व्यापक स्तर पर हाथ में लिया था। काम अच्छा हुआ था, पर बीच में अभियान कोरोना के कारण थम सा गया था। अब हमकों पानी बचाने के क्षेत्र में काम करना है। जल की उपयोगिता हम सब जानते हैं, इसलिए जल जीवन मिशन चला रखा है। हैंडपंप की जगह नल-जल योजना से हर घर में टोटी वाला नल लगाकर पीने पानी दें, सिंचाई के लिए योजना चल ही रही है। हमने लक्ष्य बना रखा है कि सिंचाई की क्षमता 43 लाख हैक्टेयर से बढ़ाकर 65 लाख हैक्टेयर करना है। एक तरफ हम पीने का पानी पहुंचा रहे हैं, दूसरी तरफ हम सिंचाई का रकबा बढ़ाते जा रहे हैं। लेकिन इसके लिए पानी तो चाहिए, इसलिए वर्षा जल को कैसे भी हम संरक्षित कर रख पाएं उसके लिए हमको हर संभव उपाय करना है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जलाभिषेक अभियान चलाया जा रहा है। पूरे अप्रैल, मई और जून के 15 दिन तक जनता के सहयोग से जल संरचनाएं बनाने का अभियान छेड़ेंगे। मैंने जनअभियान परिषद को इसलिए बुलाया कि जनअभियान परिषद जनता को जोड़ेगी, एनजीओ मदद करेगी। जन अभियान खुद तो काम करेगी ही, लेकिन अलग-अलग एनजीओ को जोड़कर इस काम को करवाएगी। जन भागीदारी से जल संरक्षण होगा। इसका उद्देश्य जनता को जल संरक्षण से जोड़ना है।
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बता दें कि 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इसी के मद्देनजर शिवराज संबोधित कर रहे थे। सीएम शिवराज ने कहा कि जल ही जीवन है। इसका दुरुपयोग रोकना हम सबका कर्तव्य है। हम पानी बचाने, इसे प्रदूषित होने से रोकने के प्रयास करें। यह हमारी भावी पीढ़ी को स्वस्थ, समृद्ध, खुशहाल जीवन की सौगात होगी।
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मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि वर्षा के जल को इकट्ठा करें ताकि भूजलस्तर भी बढ़े। अलग-अलग तालाबों, नहरों का जीर्णोद्धार करें। चेकडेम-स्टॉपडेम जैसी जलसंरचनाएं बचाएं। जन अभियान परिषद ने नदियों को पुनर्जीवित करने का काम व्यापक स्तर पर हाथ में लिया था। काम अच्छा हुआ था, पर बीच में अभियान कोरोना के कारण थम सा गया था। अब हमकों पानी बचाने के क्षेत्र में काम करना है। जल की उपयोगिता हम सब जानते हैं, इसलिए जल जीवन मिशन चला रखा है। हैंडपंप की जगह नल-जल योजना से हर घर में टोटी वाला नल लगाकर पीने पानी दें, सिंचाई के लिए योजना चल ही रही है। हमने लक्ष्य बना रखा है कि सिंचाई की क्षमता 43 लाख हैक्टेयर से बढ़ाकर 65 लाख हैक्टेयर करना है। एक तरफ हम पीने का पानी पहुंचा रहे हैं, दूसरी तरफ हम सिंचाई का रकबा बढ़ाते जा रहे हैं। लेकिन इसके लिए पानी तो चाहिए, इसलिए वर्षा जल को कैसे भी हम संरक्षित कर रख पाएं उसके लिए हमको हर संभव उपाय करना है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जलाभिषेक अभियान चलाया जा रहा है। पूरे अप्रैल, मई और जून के 15 दिन तक जनता के सहयोग से जल संरचनाएं बनाने का अभियान छेड़ेंगे। मैंने जनअभियान परिषद को इसलिए बुलाया कि जनअभियान परिषद जनता को जोड़ेगी, एनजीओ मदद करेगी। जन अभियान खुद तो काम करेगी ही, लेकिन अलग-अलग एनजीओ को जोड़कर इस काम को करवाएगी। जन भागीदारी से जल संरक्षण होगा। इसका उद्देश्य जनता को जल संरक्षण से जोड़ना है।
