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देवास में ऐसे हो रहा है वैक्सीनेशनः जिन महिलाओं की महीनों पहले हो चुकी है मौत उनको भी लगा दी वैक्सीन, सर्टिफिकेट भी आए
Fri, 10 Dec 2021 11:37 AM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Fri, 10 Dec 2021 11:37 AM IST
सार
मप्र के देवास में मृत महिलाओं को वैक्सीन लगा दी गई। इनके मोबाइल पर वैक्सीनेशन के सर्टिफिकेट भी आए। सवाल उठ रहा है कि यदि महिला की मौत पहले ही हो चुकी है तो उसे वैक्सीन कैसे लगी और यदि वैक्सीन नहीं लगाई तो उसके मोबाइल पर मैसेज कैसे आए।
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महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
वैक्सीनेशन के लिए शासन-प्रशासन महाअभियान चला रहे हैं। कैसे भी करके शत प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है लेकिन आप ये सुनकर चौंक जाएंगे कि लक्ष्य पूरा करने के लिए मृतकों को भी नहीं छोड़ा जा रहा। उनको भी वैक्सीन लगाई जा रही है। ऐसे में वैक्सीनेशन अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।
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वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट।
- फोटो : सोशल मीडिया
ताजा मामला मध्यप्रदेश के देवास जिले का है। यहां तीन दिन पहले उस महिला को वैक्सीन लगा दी गई जिसकी मौत पांच माह पहले हो चुकी है। महिला के मोबाइल नंबर पर दोनों डोज लगने के मैसेज भी किए गए। अब सवाल उठ रहा है कि यदि महिला की मौत पहले ही हो चुकी है तो उसे वैक्सीन कैसे लगी और यदि वैक्सीन नहीं लगाई तो उसके मोबाइल पर मैसेज कैसे आए। पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली की आलोचना हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी सवालों के घेरे में है।
सवालों के घेरे में वैक्सीनेशन
इस संबंध में सोमवार को यूथ कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन भी किया। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष जितेंद्रसिंह गौड़ ने बताया कि लापरवाह और गैर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा फर्जी वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन कर आंकड़े बढ़ाए जा रहे हैं। जनता के रुपयों से खरीदी गई वैक्सीन का दुरुपयोग हो रहा है। 3 दिन पूर्व देवास जिले की टोंकखुर्द तहसील में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कांताबाई सोनी व सुशीला बाई सोनी को वैक्सीन लगाई। जबकि दोनों की मौत हो चुकी है। इनके मृत्यु प्रमाण पत्र भी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि दोनों महिलाओं को वैक्सीन कैसे लगाई गई क्योंकि उनके नाम के सर्टिफिकेट भी आए हैं। अधिकारी रिकॉर्ड बनाने के लिए फर्जी वैक्सीन लगा रहे हैं। इस प्रकार के फर्जी वैक्सीनेशन पर रोक लगाई जाए और दोषी पर कार्रवाई की जाए। इस मामले को लेकर प्रभारी टीकाकरण अधिकारी को ज्ञापन भी दिया है।
