Umaria: सही तरीके से गाड़ी लगाने का कहने पर रेलवे पार्किंग ठेकेदार से मारपीट, रिपोर्ट लिखाने में लगे सात दिन
उमरिया रेलवे स्टेशन पर पार्किंग ठेकेदार जितेंद्र श्रीवास्तव को वाहन सही जगह खड़ा करने के कहने पर युवकों ने बेरहमी से पीटा। सात दिन तक पुलिस रिपोर्ट सीमा विवाद में फंसी रही। अंततः कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। सुरक्षा व्यवस्था की कमी से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
विस्तार
उमरिया जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन पर पार्किंग ठेकेदार जितेंद्र श्रीवास्तव के साथ हुई मारपीट के मामले में सात दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई।
ठेकेदार को बिलासपुर से आ रहे जीएम के निर्देश पर पार्किंग व्यवस्था सुधारने का आदेश मिला था। जब उन्होंने स्टेशन आने वाले लोगों को सही जगह वाहन खड़ा करने को कहा, तो कुछ युवकों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने ठेकेदार और उनके कर्मचारियों की जमकर पिटाई की, जिससे ठेकेदार का कंधा टूट गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के दौरान सैकड़ों यात्री मौजूद थे, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।
घटना के बाद ठेकेदार ने जीआरपी और कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन सीमा विवाद के कारण मामला टलता रहा। ठेकेदार और उनके परिजन लगातार सात दिन तक पुलिस के चक्कर काटते रहे। अंततः उमरिया कोतवाली में टीआई बालेंद्र शर्मा ने अपराध क्रमांक 579/24 के तहत चार आरोपियों लकी सिंह (ग्राम सलैया), आयुष अवस्थी, ऋषभ सिंह (धावड़ा कॉलोनी), और मनोज जावरकर (चपहा कॉलोनी) के खिलाफ मामला दर्ज किया।
घटनास्थल पर जीआरपी थाना की कमी
रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर जीआरपी थाना या चौकी न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जीआरपी थाना प्रभारी आर.एम. झरिया ने बताया कि विवाद वाहन खड़ा करने को लेकर हुआ था। हालांकि जीआरपी ने मामला उमरिया कोतवाली को सौंप दिया, लेकिन आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। प्रारंभिक रूप से जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
स्थानीय लोगों में असुरक्षा का माहौल
इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा की खामियों को उजागर कर दिया है। स्टेशन पर जीआरपी और पर्याप्त सुरक्षा उपायों की अनुपस्थिति से अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। स्थानीय प्रशासन से रेलवे स्टेशन पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की जा रही है।
