फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   ₹2.8 Lakh Embezzlement Exposed in Rural Livelihood Mission, FIR Registered

Umaria News: फर्जी भुगतान का खेल उजागर, ग्रामीण आजीविका मिशन में ढाई लाख से ज्यादा का गबन, FIR दर्ज

Tue, 03 Feb 2026 04:40 PM IST
उमरिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया Published by: उमरिया ब्यूरो Updated Tue, 03 Feb 2026 04:40 PM IST
सार

उमरिया में ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक महेन्द्र बारसकर पर शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला दर्ज हुआ है। प्रशिक्षण व मानदेय में दोहरा भुगतान और बिना स्वीकृति आहरण से करीब 2.80 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई। जांच जारी है। 

विज्ञापन
₹2.8 Lakh Embezzlement Exposed in Rural Livelihood Mission, FIR Registered
जिला पंचायत फोटो

विस्तार

उमरिया जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला उमरिया में पदस्थ जिला प्रबंधक (कृषि) एवं प्रभारी जिला प्रबंधक (वित्त) महेन्द्र कुमार बारसकर के विरुद्ध शासकीय राशि के दुरुपयोग को लेकर कोतवाली थाना में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच, दस्तावेजी साक्ष्यों और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बाद की गई है।

विज्ञापन


मामले की शुरुआत जिला परियोजना प्रबंधक चंद्रभान सिंह द्वारा प्रस्तुत आवेदन से हुई। आवेदन में आरोप लगाया गया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण व्यय और मानदेय की स्वीकृत राशि का एक बार भुगतान हो जाने के बाद, उन्हीं खातों से उसी दावे का दोबारा भुगतान कर दिया गया। इस तरह स्वीकृत दावों का दोहरा भुगतान कुल 1,43,440 रुपये का बताया गया है। इसके अलावा बिना किसी सक्षम स्वीकृति के 1,36,683 रुपये का आहरण और भुगतान किए जाने का भी आरोप है। कुल मिलाकर लगभग 2,80,123 रुपये की शासकीय राशि के गबन का मामला सामने आया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- प्रेम की सनक में हैवानियत, सात साल के बेटे की कर दी हत्या, धनपुरी में रूह कंपा देने वाली वारदात
विज्ञापन
विज्ञापन


विभागीय जानकारी के अनुसार यह अनियमितता 31 मार्च 2025 से 2 अप्रैल 2025 के बीच की बताई जा रही है। जिला मिशन प्रबंधन इकाई में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के आंतरिक निरीक्षण के दौरान बिल-वाउचर, कैश बुक, लेजर, व्यय पंजी और बैंक स्टेटमेंट का मिलान किया गया। जांच में पाया गया कि कुछ भुगतान एक ही स्वीकृति आदेश के आधार पर दो बार किए गए, जबकि कुछ भुगतान बिना किसी वैध स्वीकृति के सीधे संबंधित खातों में कर दिए गए।

जांच दल ने इन भुगतानों से संबंधित स्वीकृति आदेशों और बैंक स्टेटमेंट की प्रतियां संलग्न कर अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद आरोपी अधिकारी को विभागीय स्तर पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब का अवसर दिया गया, लेकिन प्रस्तुत उत्तर को समाधानकारक नहीं माना गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत उमरिया ने मामले को गंभीर मानते हुए FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। कोतवाली थाना प्रभारी मदनलाल मरावी ने बताया कि आरोपी द्वारा फर्जी बिल और वाउचर के आधार पर राशि निकाले जाने की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर धारा 316(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है और जांच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed