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Umaria News: धमोखर में आतंक मचाने वाली बाघिन को मगधी इंक्लोजर में छोड़ा गया, हमले में घायल नाबालिग की मौत
Thu, 17 Apr 2025 02:38 PM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Thu, 17 Apr 2025 02:38 PM IST
सार
पिपरिया बीट में बाघिन के हमले में एक नाबालिग की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस दुखद घटना के बाद वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाघिन को रेस्क्यू कर मगधी परिक्षेत्र के इंक्लोजर में शिफ्ट कर दिया है।
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इंक्लोजर में स्थानांतरित बाघिन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर परिक्षेत्र में मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष की एक और दुखद घटना सामने आई है। हाल ही में पिपरिया बीट क्षेत्र में बाघिन के हमले में एक नाबालिग की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया, जिसे देखते हुए वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बाघिन को पकड़ने का अभियान शुरू किया। धमोखर परिक्षेत्र की पीएफ 118 पिपरिया बीट से बाघिन को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर मगधी परिक्षेत्र के विशेष रूप से बनाए गए इंक्लोजर में स्थानांतरित किया गया। इस स्थान पर बाघिन की निगरानी और देखभाल के लिए पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। इंक्लोजर में 20 से अधिक प्रशिक्षित वन्यजीव कर्मियों को तैनात किया गया है, जो बारीकी से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
बाघिन के लिए इंक्लोजर में शिकार और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे उसे प्राकृतिक परिवेश जैसा अनुभव मिल सके। बाघिन को जैसे ही बाड़े में छोड़ा गया, वह कुछ देर तक इधर-उधर घूमती रही। फिर वह शांत होकर पानी के पास जा बैठी और थोड़ी देर बाद पानी भी पीया। मंगलवार को उसने इंक्लोजर में पहली बार शिकार किया, जो उसकी सेहत और व्यवहार में स्थिरता का संकेत है।
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धमोखर परिक्षेत्र के अधिकारी विजय श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है। वह बाड़े में निरंतर घूम रही है और स्वाभाविक रूप से शिकार भी कर रही है। यह उसके अनुकूलन की सकारात्मक प्रक्रिया को दर्शाता है। बाघिन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंक्लोजर के चारों ओर सोलर फेंसिंग लगाई गई है। साथ ही एक विशेष गश्ती दल चौबीसों घंटे तैनात है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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यह घटना एक बार फिर से इस बात की ओर इशारा करती है कि बफर जोन में मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव की स्थिति लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में मानव घुसपैठ, खेतों का विस्तार और प्राकृतिक आवास में कमी इस प्रकार की घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं। वन विभाग अब बाघिन के व्यवहार और स्वास्थ्य का विश्लेषण कर यह तय करेगा कि उसे आगे क्या करना है। फिलहाल, उसे इंक्लोजर में ही रखा जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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बाघिन के लिए इंक्लोजर में शिकार और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे उसे प्राकृतिक परिवेश जैसा अनुभव मिल सके। बाघिन को जैसे ही बाड़े में छोड़ा गया, वह कुछ देर तक इधर-उधर घूमती रही। फिर वह शांत होकर पानी के पास जा बैठी और थोड़ी देर बाद पानी भी पीया। मंगलवार को उसने इंक्लोजर में पहली बार शिकार किया, जो उसकी सेहत और व्यवहार में स्थिरता का संकेत है।
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