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सिंहस्थ-2028: उज्जैन में बनेगा देश का सबसे बड़ा तीर्थ डेटा बेस, श्रावण से शुरू होगा हर भक्त का रिकॉर्ड

Tue, 21 Jul 2026 12:59 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Tue, 21 Jul 2026 12:59 PM IST
सार

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन स्मार्ट सिटी श्रद्धालुओं की आवाजाही का विस्तृत सर्वे कराएगी। इससे हर श्रद्धालु के आगमन, यात्रा मार्ग, ठहराव और शहर में गतिविधियों का डेटा तैयार होगा, जिसके आधार पर ट्रैफिक, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन की मास्टर प्लानिंग की जाएगी।

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Ujjain To Track Every Pilgrim From Shravan 2026 For Simhastha 2028 Planning
बाबा महाकाल का दरबार

विस्तार

बाबा श्री महाकाल की नगरी में इस श्रावण से ही सिंहस्थ-2028 की नींव रख दी जाएगी। अब उज्जैन आने वाला हर श्रद्धालु प्रशासन के रडार पर रहेगा। वह किस शहर से आया, किस साधन से पहुंचा, शहर में कहां-कहां गया और कितनी देर रुका। इसका पूरा डेटा बेस तैयार किया जाएगा।
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उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह सर्वे केवल आंकड़े जुटाने के लिए नहीं, बल्कि सिंहस्थ-2028 की मास्टर प्लानिंग का वैज्ञानिक आधार बनेगा।
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जानें क्या है इसका मकसद?
बताया जाता है कि सर्वे का मकसद सिर्फ वाहनों की गिनती करना नहीं है। प्रशासन यह जानना चाहता है कि श्रद्धालु किस राज्य-जिले से आ रहे हैं, कौन से मार्ग सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहे हैं, शहर में पार्किंग की वास्तविक जरूरत क्या है और भीड़ किन स्थानों पर सबसे ज्यादा है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे ट्रैफिक डायवर्जन, नई पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, सड़क चौड़ीकरण और भीड़ प्रबंधन की योजना बनेगी।
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चार चरणों में होगा सर्वे
पहला चरण - ट्रैफिक सर्वे: शहर के 9 प्रवेश और निकास मार्गों पर वीडियो के जरिए वाहनों की गिनती होगी। 7 प्रमुख मार्गों पर लगातार 7 दिन और 2 मार्गों पर 3 दिन तक सर्वे चलेगा।
दूसरा चरण - ओरिजिन डेस्टिनेशन सर्वे: 7 स्थानों पर 48 घंटे तक यह पता किया जाएगा कि वाहन कहां से आए और किस दिशा में गए।
तीसरा चरण - चौराहा सर्वे: शहर के 10 प्रमुख चौराहों पर वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही का अलग से अध्ययन होगा।
चौथा चरण - श्रद्धालु सर्वे: यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। महाकाल, हरसिद्धि, कालभैरव, मंगलनाथ मंदिरों के अलावा उज्जैन जंक्शन, विक्रम नगर, पिंगलेश्वर, नायखेड़ी रेलवे स्टेशन और नानाखेड़ा, देवासगेट बस स्टैंड पर टीमें श्रद्धालुओं से सीधे बात कर जानकारी जुटाएंगी।


तीन दिन में शुरू करना होगा काम
स्मार्ट सिटी द्वारा जारी निविदा के अनुसार चयनित एजेंसी को अनुबंध मिलने के 3 दिन के भीतर सर्वे शुरू करना होगा। काम में देरी पर हर सप्ताह पांच प्रतिशत तक जुर्माना लगेगा। लगातार लापरवाही पर अनुबंध भी निरस्त किया जा सकेगा। अंतिम भुगतान सभी रिपोर्ट और प्रस्तुतीकरण के बाद ही होगा।

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आंकड़ों पर एक नजर
• 9 प्रवेश-निकास मार्गों पर ट्रैफिक अध्ययन
• 10 प्रमुख चौराहों पर भीड़ सर्वे
• 4 प्रमुख मंदिर, 4 रेलवे स्टेशन, 2 बस स्टैंड और सभी पार्किंग पर श्रद्धालु इंटरव्यू
• तैयार रिपोर्ट बनेगी सिंहस्थ-2028 की ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन योजना का आधार
 

बाबा महाकाल का दरबार

बाबा महाकाल का दरबार

 

बाबा महाकाल का दरबार

बाबा महाकाल का दरबार

 

बाबा महाकाल का दरबार

बाबा महाकाल का दरबार

 

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