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Ujjain News: महाकाल दर्शन करने आए बिहार के दो युवक क्षिप्रा में गहरे पानी में डूबने लगे, फिर पुलिस ने बचाई जान
Sun, 07 Jul 2024 09:14 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2024 09:14 AM IST
सार
बिहार से उज्जैन आए दो युवक क्षिप्रा नदी में डूबने से बाल-बाल बच गए। गहरे पानी में डूबते देख पुलिस टीम ने नदी में छलांग लगाकर उन्हें बचा लिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धार्मिक यात्रा पर उज्जैन आए 2 युवक बाबा महाकाल के दर्शन करने से पहले रामघाट पर पहुंचे। वे नदी में नहाने के लिए उतरे, लेकिन गहराई में जाने पर डूबने लगे। युवकों को डूबता देखकर होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे और बड़ी मुश्किल से उन्हें बचाया।
जानकारी के अनुसार बिहार का रहने वाला अभिरंजन पिता ज्योतिषचंद्र दास 23 वर्ष अपने साथी अविनाश पिता रामचंद्र यादव 27 वर्ष के साथ धार्मिक यात्रा पर उज्जैन आया था। महाकाल दर्शन करने से पहले दोनों क्षिप्रा नदी रामघाट पर स्नान करने पहुंचे। इस दौरान अभिरंजन अचानक पैर फिसलने से क्षिप्रा की गहराई में चला गया, उसे डूबता देख अविनाश बचाने के लिए पहुंचा, लेकिन वह भी डूबने लगा। रामघाट चौकी प्रभारी जगदीश सोलंकी की नजर डूबते हुए युवकों पर पड़ी तो तत्काल राहुल सूर्यवंशी, राजेन्द्र के साथ रामघाट पहुंचे और नदी में छलांग लगाकर दोनों को बाहर निकाला।
इसीलिए हो रही दुर्घटना....
दरअसल, रामघाट पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु नहाने के लिए पहुंचते हैं। क्षिप्रा के घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के चलते कुछ लोग गहराई में चलते जाते हैं। घाटों की सीढ़ियों पर फिसलन बनी हुई है, जिसकी वजह से हादसे ज्यादा हो रहे हैं। रामघाट चौकी से लगातार गहराई में नहीं जाने का अलाउंसमेंट किया जाता है, लेकिन फिसलन श्रद्धालुओं को गहराई में ले जाती है। घाटों पर सुरक्षा दृष्टि से रैलिंग भी नहीं लगी है।
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सावन महीने में पहुंचेगें लाखों श्रद्धालु
आगामी दिनों में सावन-भादौ महीने की शुरूआत होने जा रही है। इस दौरान क्षिप्रा के घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होगी। अगर, अब भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो और भी श्रद्धालु हादसे का शिकार हो सकते हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को क्षिप्रा की गहराई का अंदेशा भी नहीं होता है।
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जानकारी के अनुसार बिहार का रहने वाला अभिरंजन पिता ज्योतिषचंद्र दास 23 वर्ष अपने साथी अविनाश पिता रामचंद्र यादव 27 वर्ष के साथ धार्मिक यात्रा पर उज्जैन आया था। महाकाल दर्शन करने से पहले दोनों क्षिप्रा नदी रामघाट पर स्नान करने पहुंचे। इस दौरान अभिरंजन अचानक पैर फिसलने से क्षिप्रा की गहराई में चला गया, उसे डूबता देख अविनाश बचाने के लिए पहुंचा, लेकिन वह भी डूबने लगा। रामघाट चौकी प्रभारी जगदीश सोलंकी की नजर डूबते हुए युवकों पर पड़ी तो तत्काल राहुल सूर्यवंशी, राजेन्द्र के साथ रामघाट पहुंचे और नदी में छलांग लगाकर दोनों को बाहर निकाला।
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इसीलिए हो रही दुर्घटना....
दरअसल, रामघाट पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु नहाने के लिए पहुंचते हैं। क्षिप्रा के घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के चलते कुछ लोग गहराई में चलते जाते हैं। घाटों की सीढ़ियों पर फिसलन बनी हुई है, जिसकी वजह से हादसे ज्यादा हो रहे हैं। रामघाट चौकी से लगातार गहराई में नहीं जाने का अलाउंसमेंट किया जाता है, लेकिन फिसलन श्रद्धालुओं को गहराई में ले जाती है। घाटों पर सुरक्षा दृष्टि से रैलिंग भी नहीं लगी है।
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सावन महीने में पहुंचेगें लाखों श्रद्धालु
आगामी दिनों में सावन-भादौ महीने की शुरूआत होने जा रही है। इस दौरान क्षिप्रा के घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होगी। अगर, अब भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो और भी श्रद्धालु हादसे का शिकार हो सकते हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को क्षिप्रा की गहराई का अंदेशा भी नहीं होता है।
