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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News ›   Smart City's EE Manish Jain convicted for getting sewerage water in Shipra river, dismissed from the post

MP News: मां शिप्रा में सीवरेज का पानी मिलने पर स्मार्ट सिटी के ईई मनीष जैन दोषी करार, पद से बर्खास्त

Tue, 23 May 2023 07:58 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: दिनेश शर्मा Updated Tue, 23 May 2023 07:58 PM IST
सार

रुद्रसागर के सीवरेज का लाखों गैलन गंदा पानी शिप्रा नदी में मिलने के पीछे स्मार्ट सिटी के जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आई थी। इस पूरे मामले को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और निगमायुक्त रोशन कुमार सिंह ने बिल्कुल गंभीरता से लिया और मामले की जांच करवाने के साथ ही स्मार्ट सिटी के ई ई मनीष जैन को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। 

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Smart City's EE Manish Jain convicted for getting sewerage water in Shipra river, dismissed from the post
करीब तीन घंटे तक बदबूदार पानी शिप्रा में मिलता रहा। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उज्जैन में बह रही मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पर नाले का पानी बहने और नदी में मिलने के मामले में कार्रवाई की गई है। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और नगर निगम आयुक्त रोशन कुमार सिंह ने स्मार्ट सिटी के ईई मनीष जैन को दोषी पाया और उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। 
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बता दें कि दो दिन पहले शिप्रा तट रामघाट पर श्रद्धालुओं की आस्था को उस समय गहरा आघात पहुंचा था, जब यहां दर्शन पूजन और आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे श्रद्धालुओं को मां शिप्रा में सीवरेज का गंदा पानी मिलता हुआ दिखाई दिया था। श्रद्धालुओं ने इस घटना पर जमकर आक्रोश जताया था और यह भी कहा था कि ऐसे गंदे पानी में हम तो स्नान नहीं कर सकते। मां शिप्रा में गंदे सीवरेज के पानी के मिलने को लेकर पिछले दो दिनों से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई जा रही थी, जिसके बाद मंगलवार को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और नगर निगम आयुक्त रोशन कुमार सिंह ने इस मामले मे कार्रवाई करते हुए स्मार्ट सिटी के ई ई मनीष जैन को दोषी पाया और उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। 
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रुद्रसागर के सीवरेज का लाखों गैलन गंदा पानी शिप्रा नदी में मिलने के पीछे स्मार्ट सिटी के जिम्मेदारों की लापरवाही सामने आई थी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 14 मई को ही बता दिया था पाइप लाइन में लीकेज है और पानी रिसकर शिप्रा में जा रहा है। बावजूद जिम्मेदारों ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया और यही कारण था कि रविवार के दिन जब स्मार्ट सिटी के ठेकेदार इस चेंबर का निर्माण कर रहे थे। तभी यह पाइपलाइन फूट गई और बड़ी मात्रा में गंदा पानी शिप्रा नदी में जा मिला। पाइप लाइन में गंदे पानी का फ्लो इतना तेज था कि उसे रोक ही नहीं पाए। करीब तीन घंटे तक नाले का पानी शिप्रा में मिलता रहा। हालांकि अधिकारी यह कहकर बचाव करते नजर आ रहे थे कि पाइप लाइन के चैंबर सूखा होने से अंदेशा नहीं था कि इतना गंदा पानी जमा है। 
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इस पूरे मामले को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और निगमायुक्त रोशन कुमार सिंह ने बिल्कुल गंभीरता से लिया और मामले की जांच करवाने के साथ ही स्मार्ट सिटी के ई ई मनीष जैन को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। साथ ही बड़े पुल के पास स्टॉपडेम के गेट को खोलकर गंदे पानी को आगे बहा दिया गया है। 
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