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Ujjain News: सिंहस्थ निर्माण के कार्य हुए तेज, कहीं बनेगा अंडरपास तो कहीं रेलवे लाइन होगी बाईपास; बैठक में तय
Tue, 18 Feb 2025 05:21 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
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Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2025 05:21 PM IST
सार
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत सिंहस्थ बायपास मार्ग का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने शांति पैलेस रोड शिप्रा ब्रिज, उसके पश्चात ग्राम सांवराखेड़ी का निरीक्षण किया गया।
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सिंहस्थ निर्माण के कार्य हुए तेज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत सिंहस्थ बायपास मार्ग का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने शांति पैलेस रोड शिप्रा ब्रिज, उसके पश्चात ग्राम सांवराखेड़ी का निरीक्षण किया गया। सांवरा खेड़ी में अंडरपास ब्रिज बनाए जाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के वक्त अफसरों को जानकारी दी गई कि यहां पर सिंहस्थ में बाहर से आने वाले वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
इसके पश्चात नागदा रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज, अंडरपास, जंक्शन और मोहनपुरा ब्रिज का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने कहा कि मोहनपुरा क्षेत्र सिंहस्थ में यातायात प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। इसके पश्चात कलेक्टर ने ग्राम नईखेड़ी मार्ग, नईखेड़ी स्थित रेलवे स्टेशन का निरिक्षण किया। कलेक्टर ने सिंहस्थ बायपास मार्ग परियोजना के अंतर्गत भू अधिग्रहण का कार्य तेज गति से किये जाने तथा टेंडर प्रक्रिया समाप्त कर कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत जयति सिंह, संभागीय प्रबंधक एमपी आरडीसी एसके मनवानी व सहायक महाप्रबंधक एमपीआरडीसी श्री दीपक कुमार शर्मा मौजूद थे।
पिछले सिंहस्थ में बना था मार्ग, अब इसे चौड़ा करने की योजना
उज्जैन सिंहस्थ बायपास मार्ग का निर्माण सिंहस्थ 2016 के अंतर्गत टू लेन विद पेव्हड शोल्डर किया गया था, जो इंदौर उज्जैन मार्ग के शांति पैलेस चौराहे से प्रारंभ होकर वर्तमान में उज्जैन-जावरा मार्ग के भैरवगढ़ पर समाप्त होता है। सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए इस मार्ग का फोर लेन- लंबाई 19.815 किलोमीटर में उन्नयनीकरण किया जाना प्रस्तावित है, जो उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत ग्राम सुरासा के समीप समाप्त होगा।
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इसमें 5 किमी ग्रीन फील्ड मार्ग बनाया जाना भी प्रस्तावित है जो ग्राम सुरासा पर निर्मित होगा। इस मार्ग के फोरलेन निर्माण हो जाने से आगामी सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन और यातायात प्रबंधन करने में शासन को सुविधा मिलेगी। इस मार्ग के अंतर्गत ग्राम नानाखेड़ा में होटल शांति पैलेस, ग्राम जीवनखेड़ी, सांवराखेड़ी, मंगरौला जियापुरा, मोहनपुरा , भीतरी चक, कोलू खेड़ी कालियादेह, सुरासा और ग्राम ढाबला रेहवारी आएंगे। इसकी निर्माण लागत 701.86 करोड रुपए होगी।
सिंहस्थ 2028 के पहले मुंबई-दिल्ली रेलवे लाइन होगी
सिंहस्थ 2028 के पहले इंदौर से सीधे चिंतामण-फतेहाबाद होकर नागदा रेलवे लाइन का बायपास बनाए जाने का प्रस्ताव प्रशासन ने रेलवे के साथ तैयार किया है। ताकि मुंबई और दिल्ली जाने वाली ट्रेने (मुख्यत: माल गाड़ी) को बाईपास मार्ग के जरिए नागदा से सीधे जोड़ा जा सके। इसके साथ सिंहस्थ के पहले नईखेड़ी और चिंतामण रेलवे स्टेशनों को भी भव्य रूप दिये जाने की योजना है। इस मुद्दे पर प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की बैठक हुई। संभाग आयुक्त संजय गुप्ता की अध्यक्षता में रेलवे के साथ सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में डीआरएम ऑनलाइन जुड़े। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, जिला पंचायत सीईओ जयंती सिंह, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक आदि अफसर मौजूद थे। बैठक में संभाग आयुक्त ने कहा की सिहस्थ 2028 की कार्य योजना के रेलवे से सहयोग अपेक्षित है। बैठक में इंदौर से सीधे चिंतामण-फतेहाबाद होकर नागदा रेलवे लाइन का बायपास बनाए जाने के लिए प्रस्तावित रेलवे ट्रैक के सम्बन्ध चर्चा हुई। जिससे नागदा में इंजन को चेंज करने की समस्या से निदान हो सके और इसके साथ इंदौर-रतलाम-मुंबई मार्ग को नागदा से सीधे रेलवे मार्ग को जोडना और नागदा, रतलाम, देवास, मक्सी, इंदौर स्टेशनों को विस्तृत करने के साथ उनका डेस्टिनेशन के लिए भी तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया है।
सिंहस्थ 2028 के लिए प्रशासन ने मांगी कई रेल सुविधाएं
संभाग आयुक्त ने कहा कि विक्रम स्टेशन से मक्सी के लिए सीधे एक रेलवे ट्रैक बनाया जाना भी उचित रहेगा, चिंतामण स्टेशन से शिप्रा स्टेशन तक की रेलवे लाइन को डबल किए जाने का प्रस्ताव भी है। इसी के साथ क्षिप्रा केबिन पर बनने वाले सैटलाइट टाउन को पक्का और विकसित करने के लिए भी कार्य योजना बनाई गई है। नईखेडी रेलवे स्टेशन को भी विकसित कर कर उसको ऑनलाइन करने का प्रस्ताव है। बैठक में जयसिंह पुरा रेल्वे क्रॉसिंग को भी 21 मीटर चौड़ा बनाए जाने का प्रस्ताव के शीघ्र अनुमोदन पर चर्चा हुई। हरी फाटक ब्रिज के पास से रेलवे का अंडर पास भी बनाए जाना है जो सीधे महाकाल लोक को मिलेगा इस पर भी डीआरएम और रेलवे के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई।
जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त समिति बनेगी
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने रेलवे को प्रस्ताव दिया कि जिला प्रशासन और रेलवे की एक संयुक्त परामर्श दात्री कमेटी बनाई जाए जो सिंहस्थ मे होने वाले कार्यो की प्रतिमाह समीक्षा करे, जिससे सिहस्थ 2028 मे निर्माण कार्यो को गति मिलेगी और समन्वय से कार्य पूर्ण हो। इस समिति के समक्ष सिहस्थ मे किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा और समन्वय हो सकेगा, इस पर रेलवे के डीआरएम ने अपनी सहमति जताते हुए बताया कि इस माह इस प्रकार की कमेटी के लिए नाम प्रस्तावित कर दिए जाएंगे और हर माह रेलवे के साथ जिला प्रशासन की बैठक होगी, जिससे कि निर्माण कार्यों के साथ भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और रेलवे के सुगंम संचालन के लिए विशेष कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जा सकेगा।
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इसके पश्चात नागदा रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज, अंडरपास, जंक्शन और मोहनपुरा ब्रिज का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने कहा कि मोहनपुरा क्षेत्र सिंहस्थ में यातायात प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। इसके पश्चात कलेक्टर ने ग्राम नईखेड़ी मार्ग, नईखेड़ी स्थित रेलवे स्टेशन का निरिक्षण किया। कलेक्टर ने सिंहस्थ बायपास मार्ग परियोजना के अंतर्गत भू अधिग्रहण का कार्य तेज गति से किये जाने तथा टेंडर प्रक्रिया समाप्त कर कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत जयति सिंह, संभागीय प्रबंधक एमपी आरडीसी एसके मनवानी व सहायक महाप्रबंधक एमपीआरडीसी श्री दीपक कुमार शर्मा मौजूद थे।
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पिछले सिंहस्थ में बना था मार्ग, अब इसे चौड़ा करने की योजना
उज्जैन सिंहस्थ बायपास मार्ग का निर्माण सिंहस्थ 2016 के अंतर्गत टू लेन विद पेव्हड शोल्डर किया गया था, जो इंदौर उज्जैन मार्ग के शांति पैलेस चौराहे से प्रारंभ होकर वर्तमान में उज्जैन-जावरा मार्ग के भैरवगढ़ पर समाप्त होता है। सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए इस मार्ग का फोर लेन- लंबाई 19.815 किलोमीटर में उन्नयनीकरण किया जाना प्रस्तावित है, जो उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत ग्राम सुरासा के समीप समाप्त होगा।
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इसमें 5 किमी ग्रीन फील्ड मार्ग बनाया जाना भी प्रस्तावित है जो ग्राम सुरासा पर निर्मित होगा। इस मार्ग के फोरलेन निर्माण हो जाने से आगामी सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन और यातायात प्रबंधन करने में शासन को सुविधा मिलेगी। इस मार्ग के अंतर्गत ग्राम नानाखेड़ा में होटल शांति पैलेस, ग्राम जीवनखेड़ी, सांवराखेड़ी, मंगरौला जियापुरा, मोहनपुरा , भीतरी चक, कोलू खेड़ी कालियादेह, सुरासा और ग्राम ढाबला रेहवारी आएंगे। इसकी निर्माण लागत 701.86 करोड रुपए होगी।
सिंहस्थ 2028 के पहले मुंबई-दिल्ली रेलवे लाइन होगी
सिंहस्थ 2028 के पहले इंदौर से सीधे चिंतामण-फतेहाबाद होकर नागदा रेलवे लाइन का बायपास बनाए जाने का प्रस्ताव प्रशासन ने रेलवे के साथ तैयार किया है। ताकि मुंबई और दिल्ली जाने वाली ट्रेने (मुख्यत: माल गाड़ी) को बाईपास मार्ग के जरिए नागदा से सीधे जोड़ा जा सके। इसके साथ सिंहस्थ के पहले नईखेड़ी और चिंतामण रेलवे स्टेशनों को भी भव्य रूप दिये जाने की योजना है। इस मुद्दे पर प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की बैठक हुई। संभाग आयुक्त संजय गुप्ता की अध्यक्षता में रेलवे के साथ सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में डीआरएम ऑनलाइन जुड़े। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, जिला पंचायत सीईओ जयंती सिंह, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक आदि अफसर मौजूद थे। बैठक में संभाग आयुक्त ने कहा की सिहस्थ 2028 की कार्य योजना के रेलवे से सहयोग अपेक्षित है। बैठक में इंदौर से सीधे चिंतामण-फतेहाबाद होकर नागदा रेलवे लाइन का बायपास बनाए जाने के लिए प्रस्तावित रेलवे ट्रैक के सम्बन्ध चर्चा हुई। जिससे नागदा में इंजन को चेंज करने की समस्या से निदान हो सके और इसके साथ इंदौर-रतलाम-मुंबई मार्ग को नागदा से सीधे रेलवे मार्ग को जोडना और नागदा, रतलाम, देवास, मक्सी, इंदौर स्टेशनों को विस्तृत करने के साथ उनका डेस्टिनेशन के लिए भी तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया है।
सिंहस्थ 2028 के लिए प्रशासन ने मांगी कई रेल सुविधाएं
संभाग आयुक्त ने कहा कि विक्रम स्टेशन से मक्सी के लिए सीधे एक रेलवे ट्रैक बनाया जाना भी उचित रहेगा, चिंतामण स्टेशन से शिप्रा स्टेशन तक की रेलवे लाइन को डबल किए जाने का प्रस्ताव भी है। इसी के साथ क्षिप्रा केबिन पर बनने वाले सैटलाइट टाउन को पक्का और विकसित करने के लिए भी कार्य योजना बनाई गई है। नईखेडी रेलवे स्टेशन को भी विकसित कर कर उसको ऑनलाइन करने का प्रस्ताव है। बैठक में जयसिंह पुरा रेल्वे क्रॉसिंग को भी 21 मीटर चौड़ा बनाए जाने का प्रस्ताव के शीघ्र अनुमोदन पर चर्चा हुई। हरी फाटक ब्रिज के पास से रेलवे का अंडर पास भी बनाए जाना है जो सीधे महाकाल लोक को मिलेगा इस पर भी डीआरएम और रेलवे के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई।
जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त समिति बनेगी
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने रेलवे को प्रस्ताव दिया कि जिला प्रशासन और रेलवे की एक संयुक्त परामर्श दात्री कमेटी बनाई जाए जो सिंहस्थ मे होने वाले कार्यो की प्रतिमाह समीक्षा करे, जिससे सिहस्थ 2028 मे निर्माण कार्यो को गति मिलेगी और समन्वय से कार्य पूर्ण हो। इस समिति के समक्ष सिहस्थ मे किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा और समन्वय हो सकेगा, इस पर रेलवे के डीआरएम ने अपनी सहमति जताते हुए बताया कि इस माह इस प्रकार की कमेटी के लिए नाम प्रस्तावित कर दिए जाएंगे और हर माह रेलवे के साथ जिला प्रशासन की बैठक होगी, जिससे कि निर्माण कार्यों के साथ भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और रेलवे के सुगंम संचालन के लिए विशेष कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जा सकेगा।
