MP Election 2023: नाराज दिलीप शेखावत को मनाने नागदा पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय, किया अपनी बड़ी जीत का दावा
इस समय खासे चर्चित कैलाश विजयवर्गीय मालवा-निमाड़ की सीटों पर फोकस जमाए हुए हैं। गुरुवार को नागदा के नाराज नेता दिलीश शेखावत को मनाने पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपनी जीत का बड़ा दावा भी कर दिया।
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एक घंटे तक चली इस बैठक के दौरान विजयवर्गीय ने दिलीप शेखावत को न सिर्फ मना लिया, बल्कि उन्हें अपने साथ लेकर रंगोली गार्डन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में भी पहुंचे। यहां कार्यकर्ता सम्मेलन में दिलीप शेखावत ने अपने भाषण में कहा, 'मैं भाजपा के साथ था और हमेशा भाजपा के साथ रहूंगा।'
जब उमा भारती सीएम थीं तो उनसे मिलने के पहले दिलीप से बात करना पड़ती थी
कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय वैसे तो कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए कई बातें कहीं, लेकिन विशेष रूप से उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि भारतीय जनता पार्टी में कभी किसी भी कार्यकर्ता का कद नहीं घटता है। आप लोगों ने दिलीप शेखावत को विधायक के रूप में देखा होगा, लेकिन मैं दिलीप को उसे समय से जानता हूं जब प्रदेश में उमा भारती मुख्यमंत्री थीं और उनसे मिलने के पहले हमें दिलीप शेखावत से बात करना पड़ती थी। आपने कहा कि दिलीप बड़े नेता हैं, आप लोग ऐसा कुछ मत करिए जिससे वे छोटे हो जाएं। अपने कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाया कि दिलीप की आन बान और शान की जिम्मेदारी मैं लेता हूं।
कार्यकर्ताओं में था खासा आक्रोश
नागदा से भाजपा द्वारा तेजबहादुर सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पूर्व विधायक भाजपा दिलीप शेखावत ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अपने समर्थकों के साथ कई बार प्रदर्शन कर भोपाल में वरिष्ठ नेताओं से मिलने का मन भी बना चुके थे। दिलीप शेखावत की नाराजगी के चलते भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठों को भी इस बात की धुकधुकी मची हुई थी कि इस नाराजगी में दिलीप शेखावत निर्दलीय चुनाव लड़ने जैसा कोई निर्णय न ले लें।
50,000 से अधिक वोट से जीतूंगा : विजयवर्गीय
नागदा में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मैं मेरे चुनाव क्षेत्र इंदौर-1 में क्षेत्र में जाऊं या ना जाऊं, कम से कम 50,000 वोट से चुनाव जीतूंगा। ज्यादा से भी जीत सकता दूं, चुनाव के दौरान मैं पूरे प्रदेश में घूमूंगा, इसके बाद भी 50,000 वोट से जीतूंगा। चुनाव लड़ने के लिए मैं कोई डर थोड़ी रहा था। हमें संगठन का काम करना है हमें सरकार बनानी है। पूरे प्रदेश में घूमना है, मेरी चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं थी। लेकिन पार्टी ने बोल दिया तो लड़ लिए, घुस गए मैदान में। मैं भी जीतूंगा और सरकार भी बनाएंगे, जो पार्टी का आदेश हो उसका पालन करना चाहिए।
