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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain: Temples to Remain Closed During Lunar Eclipse on September 7, Ritual Timings Changed

MP News: कालभैरव को मदिरा का भोग नहीं, महाकाल की आरती में बदलाव, इस दिन उज्जैन आ रहे हैं तो पहले यह सब जान लें

Thu, 04 Sep 2025 03:49 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Thu, 04 Sep 2025 03:49 PM IST
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Ujjain: Temples to Remain Closed During Lunar Eclipse on September 7, Ritual Timings Changed
सात सितंबर को लगेगा सात सितंबर।

रविवार, 7 सितंबर को साल का पहला और आखिरी चंद्रग्रहण लगेगा, जिसे भारत के कुछ इलाकों में देखा जा सकेगा। धार्मिक ग्रंथों में ग्रहण को अशुभ माना गया है, इस दौरान पूजा-पाठ नहीं होता और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण के नियम सूतक काल से ही लागू हो जाते हैं। चंद्रग्रहण में 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है। ऐसे में सूतक काल की शुरुआत से ही मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं।

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इस वर्ष चंद्रग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:58 बजे से शुरू होगा, जो ग्रहण समाप्त होने तक रहेगा। चंद्रग्रहण का प्रभाव 12 राशियों पर होगा। साथ ही इस दौरान मंदिरों में भगवान की आरती, पूजन और भोग के समय में भी बदलाव होगा। ऐसे में अगर आप, रविवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में पूजन-अर्चन या भगवान के दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो यह खबर आपके काम है।  
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कालभैरव मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि सूतक काल शुरू होते ही मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद हो जाएगा। सूतक लगने से पहले ही भगवान कालभैरव का विशेष पूजन, अर्चन, आरती और मदिरा का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद अगले दिन सोमवार सुबह भगवान कालभैरव का पुनः पूजन-अर्चन कर भोग अर्पित किया जाएगा। सूतक काल और चंद्रग्रहण के दौरान भगवान को न तो स्पर्श किया जा सकेगा और न ही भोग लगाया जा सकेगा।
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महाकालेश्वर मंदिर की शयन आरती का समय बदला
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार रात 9:58 बजे ग्रहण की शुरुआत होगी। इसी कारण प्रतिदिन होने वाली शयन आरती का समय बदलकर रात 9:15 बजे कर दिया गया है। आरती ग्रहण शुरू होने से पहले 9:45 बजे तक समाप्त कर दी जाएगी, इसके बाद मंदिर के पट बंद हो जाएंगे। सोमवार सुबह की भस्म आरती से पहले मंदिर का शुद्धिकरण होगा। इसके बाद बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा।

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शहर के अन्य मंदिरों में भी बदलाव

  • गोपाल मंदिर में सूतक काल से पहले पूजन और आरती कर पट बंद कर दिए जाएंगे।
  • गुरु सांदीपनि आश्रम और अन्य वैष्णव मंदिरों में भी सूतक काल शुरू होने से पहले भगवान का पूजन-अर्चन होगा।
  • हरसिद्धि माता मंदिर में भी सूतक काल से पहले पूजन-अर्चन किया जाएगा और गर्भगृह बंद रहेगा। सोमवार को माता का स्नान, नवीन वस्त्र धारण और श्रृंगार कर आरती की जाएगी।


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मंगलनाथ मंदिर पर भी असर
भगवान मंगल के उत्पत्ति स्थल मंगलनाथ मंदिर पर भी चंद्रग्रहण का प्रभाव रहेगा। रविवार को सुबह 11 बजे तक भात पूजन किया जा सकेगा। इसके बाद गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक केके पाठक ने बताया कि ग्रहण काल के दौरान श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
 

मदिरा का ऐसे लगता है भोग

 

मदिरा का ऐसे लगता है भोग

 

मदिरा का ऐसे लगता है भोग

 

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