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Ujjain News: सोने की आग में झुलसी आयुर्वेद की परंपरा, बच्चों की इम्यूनिटी भी हुई महंगी, जानें क्या है वजह

Wed, 01 Jul 2026 10:55 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Wed, 01 Jul 2026 10:55 PM IST
सार

सोने की रिकॉर्ड महंगाई का असर आयुर्वेदिक दवाओं पर भी पड़ा है। स्वर्ण भस्म की कीमत 24,326 से बढ़कर 36,813 रुपये प्रति ग्राम हो गई, जिससे स्वर्ण प्राशन और कई दवाएं डेढ़ गुना महंगी हो गईं। विशेषज्ञों के अनुसार स्वर्ण भस्म लाभकारी है, लेकिन इसका सेवन चिकित्सकीय सलाह से ही करना चाहिए।

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Gold Burns Ayurveda: Immunity for Kids Gets Pricey as Swarna Bhasma Costs Spike in Ujjain
डॉ सी पी पाटीदार, आयुर्वेदिक एनोरेक्टल सर्जनडॉ एच धाकड़, नाड़ी वैद्य नीललोहित पलशीकर, आयुर्वेदि

विस्तार

सोने की कीमतों में लगी आग अब गहनों की दुकान से निकलकर आयुर्वेद के दरवाजे तक पहुंच गई है। चरक और सुश्रुत ने जिसे रोगों का काल बताया था, वो स्वर्ण भस्म आज खुद महंगाई की मार झेल रही है। असर सीधा बच्चों की इम्यूनिटी पर पड़ा है। पिछले 5-6 महीने में सोने के दाम रिकॉर्ड तोड़ गए। नतीजा ये कि स्वर्ण भस्म भी सोने जैसी कीमती हो गई। एक ग्राम प्रीमियम स्वर्ण भस्म जो पहले 24,326 रुपये में मिलती थी, अब 36,813 रुपये की हो गई। इसका सीधा असर उन सभी दवाओं पर पड़ा जिनमें स्वर्ण भस्म पड़ती है। दर्द निवारक से लेकर शुगर कंट्रोल और इम्यूनिटी बूस्टर तक, सबकी कीमतों में डेढ़ से दोगुना उछाल आया है। शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद चिकित्सालय में हर महीने बच्चों को पिलाई जाने वाली स्वर्ण प्राशन की एक चम्मच अब 50 की जगह 100 रुपये में मिल रही है।

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राजाओं का रसायन, अब गरीब की पहुंच से बाहर
आयुर्वेद में स्वर्ण भस्म को रसायन कहा गया है। डॉ. प्रज्ञान त्रिपाठी, पंचकर्म सेंटर उज्जैन बताते हैं, स्वर्ण भस्म दूसरी दवाओं का असर 10 गुना बढ़ा देती है। मानसिक व शारीरिक बल, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। तभी तो राजा-महाराजा सोने-चांदी के बर्तनों में खाते-पीते थे, लेकिन आज यही रसायन आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है।
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कितनी बढ़ी कीमत
नीललोहित पलशीकर, आयुर्वेदिक दवा विक्रेता उज्जैन ने बताया कि सोने के साथ स्वर्ण भस्म की कीमत बढ़ने से सभी दवाओं के दाम डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। अब ग्राहक भी सोच-समझकर खरीद रहे हैं। उम्मीद है कि अब कीमतें स्थिर होंगी।
वृहतवात चिंतामणि - पहले- 1800 रुपये (10 गोली) - अब- 2620 रुपये (10 गोली)- उपयोग- दर्द निवारण, शक्तिवर्धक
स्वामला कम्पाउंड च्यवनप्राश - पहले- 5250 रुपये प्रति किलो - अब- 7600 रुपये प्रति किलो- उपयोग- इम्यूनिटी बढ़ाने, मौसमी बीमारियों से बचाने, ताकत देने में

वसंत कुसुमाकर- पहले- 2090 रुपये (30 गोली) - अब- 3035 रुपये (30 गोली) - उपयोग- मधुमेह प्रबंधन

चरक संहिता भी मानती है लोहा
डॉ एच धाकड़, नाड़ी वैद्य के अनुसार चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में स्वर्ण भस्म के फायदे बताए गए हैं। मानसिक बीमारी, हृदय रोग, चर्म रोग और मेन्सट्रूअल डिसऑर्डर में यह कारगर है। लेकिन डॉक्टर की सलाह से तय मात्रा में ही लेना चाहिए।

क्यों खास है स्वर्ण भस्म
डॉ सीपी पाटीदार, आयुर्वेदिक एनोरेक्टल सर्जन ने बताया कि स्वर्ण अन्य दवाओं का असर 10 गुना बढ़ाती है यह इम्यूनिटी और स्ट्रेंथ बढ़ाने में मददगार होती है। चरक, सुश्रुत संहिता में इसके उपयोग का वर्णन है। हृदय, मानसिक और चर्म रोगों में यह अतयंत लाभकारी है।

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