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Ujjain News: '12.5 करोड़ लोगों के चंदे का हिसाब कहां है?' दिग्विजय सिंह ने उठाए राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल
Sat, 27 Jun 2026 01:56 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2026 01:56 PM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर की दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा, राम मंदिर ट्रस्ट और उसके महासचिव चंपत राय पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दान राशि के हिसाब और ट्रस्ट की जवाबदेही पर सवाल उठाए। चलिए जानते हैं उज्जैन में दिग्विजय ने और क्या-क्या कहा है?
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पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर की दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र की भाजपा पर हमला बोला है। साथ ही उन्होंने मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
दिग्विजय ने कहा कि भारत के इतिहास में आजादी के पहले व आजादी के बाद पहली बार ऐसी हुकूमत आई है, जिसकी हुकूमत में मंदिर की दान राशि में घोटाला हो रहा है। दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को निशाने पर लेते हुए कहा चंपत राय से बड़ा बेईमान और भ्रष्ट कोई नहीं है। भगवान राम के मंदिर पर जमकर चंदाखोरी की गई। उन्होंने कहा कि केवल किसी ट्रस्टी के इस्तीफे से मामला खत्म नहीं होता। ट्रस्ट की व्यवस्था की जिम्मेदारी चंपत राय पर है और उन्हें पूरे मामले की जवाबदेही लेनी चाहिए।
'12.5 करोड़ लोगों के चंदे का हिसाब नहीं'
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 1992 के बाद राम मंदिर आंदोलन के दौरान करीब साढ़े 12 करोड़ लोगों ने चंदा दिया था, जिसका आज तक पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, उद्धव ठाकरे ने जो एक करोड़ रुपये दिए और चांदी की शिलाएं दीं, उनकी रसीद और हिसाब अब तक नहीं मिला।
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'यह आरएसएस का मॉडल ऑफ गवर्नेंस है'
दिग्विजय सिंह ने कहा, यह आरएसएस मॉडल ऑफ गवर्नेंस है। आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद अयोध्या में चंदा चोरी करने वालों को बचाने में लगे हुए हैं। ये लोग सनातन का विनाश कर रहे हैं और सनातनियों के साथ धोखा कर रहे हैं।
एसआईटी जांच और एफआईआर पर सवाल
पूर्व सीएम ने बताया कि आप पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एसआईटी प्रमुख को 11 बिंदु भेजे और जांच की मांग की थी। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद अयोध्या में एफआईआर हुई, लेकिन दोषियों का रिमांड लिए जाने की बजाय उन्हें गिरफ्तार कर सीधे जेल भेज दिया गया। दिग्विजय ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ विस्तृत जांच कर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
वीएसपी के नियंत्रण पर आपत्ति
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद भी उसकी व्यवस्थाएं विश्व हिंदू परिषद के हाथों में हैं। उन्होंने देशभर के अनेक मंदिरों और मठों का उदाहरण दिया, जिनकी व्यवस्थाएं संत-महात्माओं के पास रहती हैं और वहां इस प्रकार के विवाद या घोटाले सामने नहीं आते।
ये भी पढ़ें- MP: सीएम ने हॉकी खिलाड़ियों का किया सम्मान, स्वर्ण को 3-3 लाख और कांस्य पदक विजेताओं को 1-1 लाख देने की घोषणा
पर्ची के सीएम पर तंज
गुजरात मॉडल को खुद खाओ खूब खिलाओ बताते हुए दिग्विजय ने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में पर्ची के मुख्यमंत्री हैं। जो सीधे नरेंद्र मोदी से जुड़े, वही अब प्रदेशों के मुख्यमंत्री हैं। बात न मानने वाले अफसर को जेल व मनचाहा काम करने वाले अफसर को मनचाही पोस्टिंग मिलती है। दिग्विजय सिंह आज सुबह उज्जैन पहुंचे थे। राम मंदिर ट्रस्ट में हाल ही में एक ट्रस्टी के इस्तीफे के बाद से ही मामले ने फिर तूल पकड़ा है।
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दिग्विजय ने कहा कि भारत के इतिहास में आजादी के पहले व आजादी के बाद पहली बार ऐसी हुकूमत आई है, जिसकी हुकूमत में मंदिर की दान राशि में घोटाला हो रहा है। दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को निशाने पर लेते हुए कहा चंपत राय से बड़ा बेईमान और भ्रष्ट कोई नहीं है। भगवान राम के मंदिर पर जमकर चंदाखोरी की गई। उन्होंने कहा कि केवल किसी ट्रस्टी के इस्तीफे से मामला खत्म नहीं होता। ट्रस्ट की व्यवस्था की जिम्मेदारी चंपत राय पर है और उन्हें पूरे मामले की जवाबदेही लेनी चाहिए।
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'12.5 करोड़ लोगों के चंदे का हिसाब नहीं'
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्ष 1992 के बाद राम मंदिर आंदोलन के दौरान करीब साढ़े 12 करोड़ लोगों ने चंदा दिया था, जिसका आज तक पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, उद्धव ठाकरे ने जो एक करोड़ रुपये दिए और चांदी की शिलाएं दीं, उनकी रसीद और हिसाब अब तक नहीं मिला।
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'यह आरएसएस का मॉडल ऑफ गवर्नेंस है'
दिग्विजय सिंह ने कहा, यह आरएसएस मॉडल ऑफ गवर्नेंस है। आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद अयोध्या में चंदा चोरी करने वालों को बचाने में लगे हुए हैं। ये लोग सनातन का विनाश कर रहे हैं और सनातनियों के साथ धोखा कर रहे हैं।
एसआईटी जांच और एफआईआर पर सवाल
पूर्व सीएम ने बताया कि आप पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एसआईटी प्रमुख को 11 बिंदु भेजे और जांच की मांग की थी। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद अयोध्या में एफआईआर हुई, लेकिन दोषियों का रिमांड लिए जाने की बजाय उन्हें गिरफ्तार कर सीधे जेल भेज दिया गया। दिग्विजय ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ विस्तृत जांच कर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
वीएसपी के नियंत्रण पर आपत्ति
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद भी उसकी व्यवस्थाएं विश्व हिंदू परिषद के हाथों में हैं। उन्होंने देशभर के अनेक मंदिरों और मठों का उदाहरण दिया, जिनकी व्यवस्थाएं संत-महात्माओं के पास रहती हैं और वहां इस प्रकार के विवाद या घोटाले सामने नहीं आते।
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पर्ची के सीएम पर तंज
गुजरात मॉडल को खुद खाओ खूब खिलाओ बताते हुए दिग्विजय ने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में पर्ची के मुख्यमंत्री हैं। जो सीधे नरेंद्र मोदी से जुड़े, वही अब प्रदेशों के मुख्यमंत्री हैं। बात न मानने वाले अफसर को जेल व मनचाहा काम करने वाले अफसर को मनचाही पोस्टिंग मिलती है। दिग्विजय सिंह आज सुबह उज्जैन पहुंचे थे। राम मंदिर ट्रस्ट में हाल ही में एक ट्रस्टी के इस्तीफे के बाद से ही मामले ने फिर तूल पकड़ा है।
