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Ujjain News: सलमान खान से शांतनु बना युवक, वैदिक रीति से अपनाया सनातन धर्म, मंत्रों के बीच ग्रहण की दीक्षा
Mon, 01 Jun 2026 03:53 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 03:53 PM IST
सार
मंदिरों और सनातन परंपराओं के प्रति लगाव ने एक युवक को जीवन का नया रास्ता चुनने के लिए प्रेरित किया। उज्जैन में आयोजित वैदिक अनुष्ठान के दौरान युवक ने सनातन धर्म स्वीकार कर अपना नाम सलमान खान से बदलकर शांतनु रख लिया।
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ऐसे अपनाया हिंदू धर्म
विस्तार
उसे मंदिर जाना अच्छा लगता था, पर नाम की वजह से झिझक होती थी। यही झिझक खत्म करने के लिए मोहननगर निवासी युवक ने रविवार को पूरी श्रद्धा से सनातन धर्म अपना लिया। गंगाघाट के मौनतीर्थ आश्रम में वैदिक मंत्रों के बीच सलमान खान अब शांतनु कहलाएंगे। उन्हें कश्यप गोत्र भी प्रदान किया गया।
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शांतनु ने बताया कि उनका सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति जुड़ाव बचपन से रहा है। मंदिरों, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों में उनकी विशेष रुचि थी। इसी भावना को उन्होंने अपने मित्र पीयूष रघुवंशी से साझा किया। इसके बाद उनकी मुलाकात प्रखंड मंत्री दीपक सूर्यवंशी, गोरक्षा प्रमुख पवन वर्मा, समरसता प्रमुख अभय कैथवास और शिवा रायकवार से हुई, जिन्होंने उन्हें धार्मिक और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी।
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धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करने से पहले युवक ने जिला दंडाधिकारी कार्यालय में शपथ पत्र प्रस्तुत किया। शपथ पत्र में उन्होंने स्पष्ट उल्लेख किया कि सनातन धर्म अपनाने का निर्णय पूरी तरह उनकी स्वेच्छा से लिया गया है तथा इस पर किसी प्रकार का दबाव, प्रलोभन या जबरदस्ती नहीं है।
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रविवार सुबह मौनतीर्थ आश्रम में डॉ. सुमनानंद गिरी महाराज के सान्निध्य में विधिवत धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। कार्यक्रम के तहत शिप्रा नदी में दशविधि स्नान, प्रायश्चित कर्म, पंचगव्य सेवन और हवन कराया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच युवक को नया नाम और गोत्र प्रदान किया गया।
शांतनु ने बताया कि उनके इस निर्णय से परिवार के कुछ सदस्य सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता और भाई-बहनों ने उनसे दूरी बना ली है, लेकिन मित्रों और आश्रम से जुड़े लोगों का उन्हें सहयोग मिल रहा है। पेशे से कारीगर शांतनु का कहना है कि वे अपने कार्य और मेहनत के बल पर जीवन आगे बढ़ाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि मौनतीर्थ आश्रम में इससे पहले भी धर्म दीक्षा और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होते रहे हैं। इस घटना के बाद शहर में विभिन्न स्तरों पर चर्चा का माहौल बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और कानूनी प्रावधानों के तहत संपन्न हुई है।
