Baba Mahakal: आज निकलेगी दूसरी सवारी, शिप्रा का जलस्तर बढ़ा, घाट पर नहीं होगी बाबा महाकाल की पूजा
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सावन के दूसरे सोमवार पर कुछ ही घंटों बाद बाबा महाकाल की सवारी निकलने वाली है। शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इसे देखते हुए प्रशासन ने तय किया है कि महाकाल की पूजा घाट पर नहीं होगी।
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उज्जैन में बाबा महाकाल की दूसरी सवारी आज नगर भ्रमण पर निकलेगी, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष तैयारियां की गई हैं। पिछली सवारी में श्रद्धालुओं को कुछ स्थानों पर असुविधा का सामना करना पड़ा था, जिसे इस बार दूर करने का प्रयास किया गया है। हालांकि, प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती शिप्रा नदी का बढ़ता हुआ जलस्तर है।
उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि श्रावण मास के दूसरे सोमवार बाबा महाकाल की दूसरी सवारी निकलेगी। इस सवारी में विशेष तौर पर 350 जवानों का एक पुलिस बैंड भी रिहर्सल करेगा और सवारी के साथ चलेगा। महाकाल बाबा की पालकी के पीछे चल रही एलईडी को बड़ा किया गया है। अन्य स्थानों पर व्यवस्थाओं में कुछ परिवर्तन किया गया है ताकि श्रद्धालु आसानी से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकें।
शिप्रा नदी का बढ़ता जलस्तर और पूजन की व्यवस्था
रामघाट पर बाबा महाकाल की सवारी का पूजन अर्चन हमेशा होता रहा है, लेकिन आज शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इस कारण बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन घाट की बजाय अन्य स्थान पर किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि जहां तक जलस्तर रहेगा, वहीं पर आज पालकी का पूजन भी किया जाएगा।
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण
भगदड़ की स्थिति न बने, इसके लिए कई जगह पर बैरिकेट्स बढ़ाए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल भी मुख्य स्थानों पर तैनात किया गया है। पिछली बार चार से पांच लाख श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे और इस बार भी इससे अधिक लोगों के आने की संभावना है।
कलेक्टर का संदेश
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया है कि प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है ताकि सभी भक्त आसानी और सुरक्षित रूप से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए संयम बनाए रखें।
