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Ujjain: अमावस्या पर भस्मारती में कुछ ऐसे सजे बाबा महाकाल, सूर्य और चन्द्र की छवि ने मोहा भक्तों का मन
Mon, 08 Apr 2024 08:37 AM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 08 Apr 2024 08:37 AM IST
सार
Ujjain: आज बाबा महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन अर्चन किया। इसके साथ ही बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व पुष्पों की माला धारण करवाई गई।
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बाबा महाकाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज चैत्र कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन अर्चन किया।
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इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि आज अमावस्या की भस्मआरती में बाबा महाकाल का एक अलग ही स्वरूप में श्रृंगार किया गया। जिसमें बाबा महाकाल के मस्तक पर सूर्य और चन्द्र लगाकर श्रृंगारित किया गया।
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महाकाल को भस्म अर्पित की गई
श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्मी रमाई गई और भोग भी लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या मे श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
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