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MP: उज्जैन में कुत्तों के बाद अब आवारा मवेशी का आतंक, तीन दिन पहले कुत्ते की दहशत से गई थी मासूम की जान

Mon, 07 Oct 2024 12:26 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Mon, 07 Oct 2024 12:26 PM IST
सार

MP: उज्जैन में आनंदगंज की झिरी निवासी गोपाल उर्फ साई पिता मोहन अपने घर से बाहर खेलते समय आ रहा था, तभी एक आवारा मवेशी ने उसे उठाकर फेंक दिया। मवेशी ने गोपाल को सींग से इस तरह से उठाकर फेंका, जिससे गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गया।

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After dogs in Ujjain, now there is terror of stray cattle In madhya pardesh
उज्जैन में कुत्तों के बाद अब आवारा मवेशी का आतंक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पशु क्रूरता अधिनियम अब लोगों के लिये परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हर गली-मोहल्ले में आवारा मवेशी और कुत्ते लोगों की जान लेने पर उतारू हो रहे हैं। अभी तक बोहरा समाज के ही तीन लोग आवारा कुत्ते के हमले के शिकार होकर काल के ग्रास में समा गए हैं।
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घटना को लेकर बताया जा रहा है कि आनंदगंज की झिरी निवासी गोपाल उर्फ साई पिता मोहन अपने घर से बाहर खेलते समय आ रहा था। तभी एक आवारा मवेशी ने उसे उठाकर फेंक दिया। मवेशी ने गोपाल को सींग से इस तरह से उठाकर फेंका, जिससे गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी बीच परिजन और मोहल्ले के लोग उसे उठाकर चरक अस्पताल ले गये। यहां पर बच्चों के आईसीयू में उसको भर्ती करा लिया गया। जानकारी में आया है कि गोपाल के पिता मोहन बसों में फेरी लगाकर सामान बेचने का कार्य करते हैं। 
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कांग्रेस का आरोप - आम जनता की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं
कांग्रेस नेता रवि राय ने कहा कि मुख्यमंत्री के शहर उज्जैन में हर दिन मौत की खबरें अखबारों की सुर्खियां बन रहीं। इन मौतों का कारण वो है जो शासन प्रशासन की जिम्मेदारी है। शिप्रा के नाम पर करोड़ों खर्च कर देने वाली भाजपा की सरकार शिप्रा शुद्ध करना तो छोड़ो, श्रद्धालुओंं को डूबकर मरने से नहीं बचा पा रही। समस्याओं का शहर उज्जैन जहां आवारा कुत्तों का आतंक है। हर दिन कई लोगों को काट रहे तो कइयों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ गया। किसी के घर का दिया बुझ गया तो किसी के सर से माता पिता का साया उठ गया।
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आवारा मवेशी आए दिन किसी को उठाकर पट रहे। कोई अपाहिज हो गया तो कोई बिस्तर पर जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहा है। टूटी उखड़ी जानलेवा गड्ढे युक्त सडकें, गड्ढे, बारिश के पानी में कई लोग गिरे, जख्मी हुए और अपनी कमाई का पैसा लगाकर इलाज कराया। पानी गंदा आ रहा, नालियों का जहरीला पानी पी रही स्मार्ट सिटी की जनता।  उज्जैन शहर का अव्यवस्थित यातायात जहां हर चौराहा जाम, ट्रैफिक पुलिस के पास चालान और वसूली के अलावा ओर दूसरा कोई काम नहीं है। रवि राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और पार्षदगण कई बार ज्ञापन और धरना आंदोलन, घेराव, चक्काजाम सब कर चुके हैं, फिर भी सत्ता में काबिज जनप्रतिनिधि और समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे। 
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