आंखों का काजल आंसुओं में बह गया। हाथों की मेहंदी रचने से पहले ही फीकी हो गई। माथे पर सजने से पहले बिंदिया बिखर गई और मांग में भरने से पहले ही सिंदूर मिट गया। कंगन पहनने से पहले सूनी हो गई कलाई...। इसे निष्ठुर नियति ही कहेंगे जिसने खुशियों को मातम में बदल दिया। जहां मंगल गीत गाए जा रहे थे वहां सन्नाटा हो गया।
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बारात के स्वागत के लिए उज्जैन में की गई सजावट और स्वागत की थी तैयारियां, अब पसरा है मातम।
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राजस्थान की चंबल नदी में हुए हादसे से उज्जैन का एक परिवार टूट गया। यहां तीन बहनों की डोली उठने वाली थी मगर एक बेटी का सुहाग बनने से पहले ही उजड़ गया। दरअसल, उज्जैन के भेरूनाला निवासी सुभाष कलोसिया की तीन बेटियों की शादी रविवार को होनी थी। विष्णुवाटिका में कार्यक्रम रखा गया था। वर्षा (21) की बरात श्यामगढ़ और दीपिका (21) की बरात रतलाम के ताल से आ रही है। तीसरी बेटी जया (20) की बरात राजस्थान के बरवाड़ा से आ रही थी। घर में शादी की तैयारियां हो रही थीं और तीनों बहनें भी खुश थीं मगर इसी बीच खबर आई कि छोटी बेटी जया की बारात में आ रही कार चंबल नदी में गिर गई है। इसी कार में जया का दूल्हा अविनाश बैठा था। यह खबर मिलते ही पूरे घर में मातम पसर गया। विलाप और रूदन शुरू हो गया। जया को भी खबर मिली तो बेसुध हो गई। इस हादसे के बाद अब सिर्फ दो बहनों की ही शादी होगी और सादगीपूर्ण तरीके से ही कार्यक्रम होगा। वाल्मीकि समाज के संत उमेश नाथजी महाराज ने इस घटना पर दुःख जताया और कहा कि रीति-रिवाज से अब जया के कंगन और डोरे नदी में प्रवाहित किए जाएंगे।
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जया और अविनाश की विवाह पत्रिका
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छह माह पहले हुई थी जया-अविनाश की सगाई
जानकारी के मुताबिक बरात राजस्थान के बरवाड़ा से आ रही थी। राजस्थान के कोटा के समीप नयापुर क्षेत्र में हादसा हुआ और चंबल नदी के पुल से बरातियों की कार नदी में जा गिरी। दूल्हे अविनाश सहित नौ बरातियों की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। रेस्क्यू अभियान चलाया और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शवों को नदी से बाहर निकाला। दुल्हन के चाचा संदीप और अन्य रिश्तेदार घटना की सूचना के बाद कोटा पहुंचे। चाचा संदीप के अनुसार भतीजी जया और अविनाश की सगाई छह माह पहले हुई थी। घर में एक ही दिन, एक ही मंडप में एक साथ तीन बहनों की शादी होनी थी। परिवार के सभी लोग बारात के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए थे, लेकिन बारात की जगह हादसे की सूचना पहुंची। बताया जा रहा है कि बारात में एक कार और एक बस थी। पाटन में कार सवार दूल्हा व अन्य लोग चाय पीने के लिए रुके थे। बारात में शामिल बस आगे निकल गई। कार नयापुरा चंबल की छोटी पुलिया पर पहुंची, तभी हादसा हो गया।