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उज्जैन: गैस रिसाव से वातावरण पर नहीं हुआ दुष्प्रभाव, लोगों का स्वास्थ्य भी ठीक...वरिष्ठ वैज्ञानिक और रसायनज्ञ की टीम ने सौंपी पर्यावरण विभाग को रिपोर्ट

Thu, 06 Jan 2022 06:30 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Thu, 06 Jan 2022 06:30 PM IST
सार

नागदा में ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट से हुए गैस रिसाव के कारण वातावरण पर कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ है। गैस लीकेज पर शीघ्र ही नियंत्रण पा लिया गया था। लीकेज से प्लांट में मौजूद स्टाफ और नागदा में कोई जन हानि नहीं हुई है।

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Ujjain: The gas leak did not cause any adverse effect on the environment, the health of the people was also fine... the team of senior scientist and chemist submitted the report to the environment department
गैस रिसाव के बाद बाजार में फैल गया था धुआं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नागदा में ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट से हुए गैस रिसाव के कारण वातावरण पर कोई दुष्प्रभाव नहीं हुआ है। गैस लीकेज पर घटना के बाद शीघ्र ही नियंत्रण पा लिया गया था। लीकेज से प्लांट में मौजूद स्टाफ और समीपस्थ नागदा शहर में कोई जन हानि नहीं हुई है। आंखों में जलन होने पर कुछ लोगों ने सिविल अस्पताल नागदा में स्वास्थ्य परीक्षण कराया था। प्राथमिक उपचार के बाद इनका स्वास्थ्य ठीक पाया गया है। खंड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सिविल अस्पताल नागदा में इस संबंध में कोई मरीज भर्ती नहीं है।
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दरअसल ग्रेसिम इंडस्ट्रीज बिरला ग्राम नागदा में बुधवार शाम को गैस रिसाव की जानकारी मिलने के बाद उज्जैन से तत्काल निरीक्षण करने पहुंची वरिष्ठ वैज्ञानिक और रसायनज्ञ की टीम ने पर्यावरण विभाग को सौंपी अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। निरीक्षण में पाया गया कि सल्फ्यूरिक एसिड प्लांट के एवापोरेटर और उससे संलग्न पाइपलाइन में संधारण कार्य चल रहा था। पाइपलाइन में चोकिंग की जानकारी पर दुर्घटना के समय उसे खोलकर सफाई का कार्य किया जा रहा था। घटना के पूर्व सल्फर ट्राई ऑक्साइड एवापोरेटर को खाली कर लिया गया था। यह कार्य वर्ष में एक बार पूर्णत: आइसोलेट कर किया जाता है। घटना के पहले से ही ड्रेन वॉल्व को साफ करने का कार्य चल रहा था। ड्रेन वॉल्व लाइन साफ करने के दौरान अचानक लिक्विड सल्फर ट्राई ऑक्साइड बाहर आने लगा, जो वातावरण में मौजूद नमी के संपर्क में आने पर घने सफेद गुबार (डेंस व्हाइट फ्यूम्स) में निर्मित होने लगा। लीकेज 5-6 मिनट हुआ, जिससे स्थल पर विज़िबिलिटि समाप्त होने के कारण वॉल्व दिखना बंद हो गया और कार्यरत इंजीनियर, प्लांट ऑपरेटर और कर्मचारी आदि घटनास्थल से दूर होकर तुरंत ब्रीदिंग उपकरणों गैस मास्क आदि के साथ लौटे और वॉल्व को बंद किया। नमी होने के कारण कुछ देर तक व्हाइट फ्यूम्स निकलती रही। प्लांट में वार्षिक सफाई एक आवश्यक प्रक्रिया है, जिसमें पाइपलाइन को साफ किया जाना आवश्यक है। उद्योग प्रबंधन द्वारा इस दौरान पूर्ण सुरक्षा अपनाए जाने की जानकारी दी गई है। वस्तुत: स्लज के जमाव से अचानक ड्रेन वॉल्व से तरल सल्फर ट्राई ऑक्साइड लीक होकर यह घटना घटित हुई। बुधवार शाम साढ़े 6 बजे घटना स्थल के आस-पास का वातावरण सामान्य पाया गया।
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