{"_id":"61b846cff3372b120f108bac","slug":"ujjain-statement-of-the-higher-education-minister-examinations-will-be-held-in-the-colleges-of-mp-only-through-offline-method-the-format-is-being-decided","type":"story","status":"publish","title_hn":"उज्जैन: उच्च शिक्षा मंत्री का बयान- मप्र के कॉलेजों में ऑफलाइन पद्धति से ही होंगी परीक्षाएं, तय किया जा रहा है प्रारूप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उज्जैन: उच्च शिक्षा मंत्री का बयान- मप्र के कॉलेजों में ऑफलाइन पद्धति से ही होंगी परीक्षाएं, तय किया जा रहा है प्रारूप
Tue, 14 Dec 2021 01:06 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 14 Dec 2021 01:06 PM IST
सार
कॉलेजों में परीक्षाओं को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव का बयान सामने आया है। मंत्री यादव ने कहा है कि कॉलेजों में ऑफलाइन पद्धति से ही परीक्षाएं होंगी। जल्द ही इसका प्रारूप तय किया जाएगा।
विज्ञापन
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कॉलेजों में परीक्षाओं को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव का बयान सामने आया है। मंत्री यादव ने कहा है कि कॉलेजों में ऑफलाइन पद्धति से ही परीक्षाएं होंगी। जल्द ही इसका प्रारूप तय किया जाएगा। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति की बैठक भी बुलाई जाएगी। इस बयान के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग तैयारियों में जुट गया है। हालांकि छात्र संगठन ऑनलाइन परीक्षाएं करवाने की मांग कर रहे हैं।
दरअसल कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर बीते कई दिनों से असमंजस बरकरार है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के आने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि परीक्षाएं ऑनलाइन पद्धति से ही होंगी। इसी बीच मप्र के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये बयान दिया है कि कॉलेजों की परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं बल्कि ऑफलाइन पद्धति से ही संपन्न करवाई जाएंगी। इसका प्रारूप तय किया जाएगा और जल्द ही मप्र के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाई जाएगी जिसमें इस पर विचार विमर्श होगा। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाएं ऑफलाइन ही होंगे। विद्यार्थियों को परीक्षा देने परीक्षा केंद्रों पर जाना होगा। पूरे प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उससे जुड़े कॉलेजों में एक रूप में परीक्षा होगी। इसके पीछे माना जा रहा है कि कोरोना के चलते लगाए गए प्रतिबंध लगभग खत्म हो गए हैं। शासन ने भी छूट दे दी है। इसके चलते परीक्षाओं को भी ऑफलाइन करवाया जा सकता है।
पिछले साल हुई थी ऑनलाइन व ओपन बुक प्रणाली से परीक्षा
कोरोना के कारण पढ़ाई पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। बीते दो वर्षों में कोरोना के चलते पढ़ाई बाधित हुई। पिछले साल तो कुछ विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन परीक्षाएं हुई थी जबकि कुछ में ओपन बुक प्रणाली के आधार पर परीक्षा ली गई थी। हालांकि पिछले साल नेटवर्क की समस्या सामने आई थी। दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क नहीं मिला था इससे परीक्षाओं में भी परेशानी आई थी। इसके चलते भी शासन ऑफलाइन परीक्षा करवाना चाहता है लेकिन इसमें कोविड प्रोटोकॉल के पालन को अनिवार्य किया जा सकता है। कोविड गाइडलाइन के तहत ही परीक्षाएं ली जाएंगी।
विज्ञापन
छात्र संगठन कर रहे ऑनलाइन परीक्षा की मांग
दरअसल छात्र संगठन मांग कर रहे हैं कि परीक्षाएं ऑनलाइन पद्धति से करवाई जाए। इंदौर में तो इसके चलते विरोध प्रदर्शन भी हुआ है। पूर्व में घोषित परीक्षाएं यूनिवर्सिटी ने स्थगित कर दी है। इसी बीच दो दिन पहले यूजीसी के नाम से एक पत्र वायरल हुआ था जिसमें परीक्षाएं ऑफलाइन करवाने की बात कही गई थी लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि उक्त पत्र फर्जी है। यूजीसी इस तरह का पत्र जारी नहीं करती और यूजीसी की वेबसाइट पर ही सभी तरह के पत्र जारी होते हैं।
विज्ञापन
दरअसल कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर बीते कई दिनों से असमंजस बरकरार है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के आने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि परीक्षाएं ऑनलाइन पद्धति से ही होंगी। इसी बीच मप्र के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये बयान दिया है कि कॉलेजों की परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं बल्कि ऑफलाइन पद्धति से ही संपन्न करवाई जाएंगी। इसका प्रारूप तय किया जाएगा और जल्द ही मप्र के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाई जाएगी जिसमें इस पर विचार विमर्श होगा। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाएं ऑफलाइन ही होंगे। विद्यार्थियों को परीक्षा देने परीक्षा केंद्रों पर जाना होगा। पूरे प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उससे जुड़े कॉलेजों में एक रूप में परीक्षा होगी। इसके पीछे माना जा रहा है कि कोरोना के चलते लगाए गए प्रतिबंध लगभग खत्म हो गए हैं। शासन ने भी छूट दे दी है। इसके चलते परीक्षाओं को भी ऑफलाइन करवाया जा सकता है।
विज्ञापन
पिछले साल हुई थी ऑनलाइन व ओपन बुक प्रणाली से परीक्षा
कोरोना के कारण पढ़ाई पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। बीते दो वर्षों में कोरोना के चलते पढ़ाई बाधित हुई। पिछले साल तो कुछ विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन परीक्षाएं हुई थी जबकि कुछ में ओपन बुक प्रणाली के आधार पर परीक्षा ली गई थी। हालांकि पिछले साल नेटवर्क की समस्या सामने आई थी। दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क नहीं मिला था इससे परीक्षाओं में भी परेशानी आई थी। इसके चलते भी शासन ऑफलाइन परीक्षा करवाना चाहता है लेकिन इसमें कोविड प्रोटोकॉल के पालन को अनिवार्य किया जा सकता है। कोविड गाइडलाइन के तहत ही परीक्षाएं ली जाएंगी।
विज्ञापन
छात्र संगठन कर रहे ऑनलाइन परीक्षा की मांग
दरअसल छात्र संगठन मांग कर रहे हैं कि परीक्षाएं ऑनलाइन पद्धति से करवाई जाए। इंदौर में तो इसके चलते विरोध प्रदर्शन भी हुआ है। पूर्व में घोषित परीक्षाएं यूनिवर्सिटी ने स्थगित कर दी है। इसी बीच दो दिन पहले यूजीसी के नाम से एक पत्र वायरल हुआ था जिसमें परीक्षाएं ऑफलाइन करवाने की बात कही गई थी लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि उक्त पत्र फर्जी है। यूजीसी इस तरह का पत्र जारी नहीं करती और यूजीसी की वेबसाइट पर ही सभी तरह के पत्र जारी होते हैं।
