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उज्जैन महाकाल: दो साल बाद होगा श्रावण महोत्सव, गीत-संगीत व नृत्य की कला त्रिवेणी से सजी रहेंगी पांच शाम
Fri, 06 May 2022 06:36 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 06 May 2022 06:36 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर में दो साल बाद फिर से श्रावण महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। 14 जुलाई से 11 अगस्त के बीच ये महोत्सव होगा। देशभर से श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन करने उमड़ेंगे।
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महाकाल मंदिर में दो साल बाद फिर से श्रावण महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रावण महोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। 14 जुलाई से 11 अगस्त के बीच ये महोत्सव होगा। देशभर से श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन करने उमड़ेंगे।
बता दें कि मंदिर समिति ने ये निर्णय लिया है। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में कोरोना काल के दो साल बाद श्रावण महोत्सव होगा। महोत्सव अंतर्गत गीत-संगीत व नृत्य की कला त्रिवेणी से सजी पांच शामें रहेंगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार कला त्रिवेणी की प्रस्तुति देंगे। समिति ने कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। कलाकारों को श्रावण महोत्सव में प्रस्तुति देने के लिए अपना बायोडाटा, पूर्व में दी गई प्रस्तुतियों की सीडी, मानदेय व साथी कलाकारों के व्यय आदि का ब्योरा देना होगा।
समिति की ओर से बताया गया कि इस बार 14 जुलाई से श्रावण मास का आरंभ हो रहा है। श्रावणी पूर्णिमा पर 11 अगस्त को श्रावण का समापन होगा। इस दौरान महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति ने आयोजन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। समिति ने कलाकारों से मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन तथा मंदिर कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।
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गीत-संगीत व नृत्य की कला त्रिवेणी से सजी पांच शामें खास रहेंगी। जानकारी के अनुसार 17 जुलाई को प्रथम संध्या, 24 जुलाई को द्वितीय संध्या, तीसरी शाम 7 अगस्त को, चौथी शाम 14 अगस्त को तथा पांचवीं और अंतिम संध्या 21 अगस्त को होगी।
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बता दें कि मंदिर समिति ने ये निर्णय लिया है। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में कोरोना काल के दो साल बाद श्रावण महोत्सव होगा। महोत्सव अंतर्गत गीत-संगीत व नृत्य की कला त्रिवेणी से सजी पांच शामें रहेंगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार कला त्रिवेणी की प्रस्तुति देंगे। समिति ने कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। कलाकारों को श्रावण महोत्सव में प्रस्तुति देने के लिए अपना बायोडाटा, पूर्व में दी गई प्रस्तुतियों की सीडी, मानदेय व साथी कलाकारों के व्यय आदि का ब्योरा देना होगा।
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समिति की ओर से बताया गया कि इस बार 14 जुलाई से श्रावण मास का आरंभ हो रहा है। श्रावणी पूर्णिमा पर 11 अगस्त को श्रावण का समापन होगा। इस दौरान महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति ने आयोजन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। समिति ने कलाकारों से मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन तथा मंदिर कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।
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गीत-संगीत व नृत्य की कला त्रिवेणी से सजी पांच शामें खास रहेंगी। जानकारी के अनुसार 17 जुलाई को प्रथम संध्या, 24 जुलाई को द्वितीय संध्या, तीसरी शाम 7 अगस्त को, चौथी शाम 14 अगस्त को तथा पांचवीं और अंतिम संध्या 21 अगस्त को होगी।
