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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Two faces of weather in MP: Daytime heat crosses 36°C, mercury drops to 15.8°C at night; weather to change fro

एमपी में मौसम के दो रंग: दिन में 36 डिग्री पार गर्मी, रात में 15.8 डिग्री पारा, 20 अक्टूबर से बदलेगा मौसम

Mon, 12 Oct 2026 07:06 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 12 Oct 2026 07:06 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में 20 अक्टूबर से रात की ठंड बढ़ने का अनुमान है, जबकि दिन में गर्मी जारी रहेगी। इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री दर्ज हुआ। प्रदेश में इस मानसून सामान्य से चार प्रतिशत कम बारिश हुई, जिसमें पश्चिमी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा कमी रही है।

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Two faces of weather in MP: Daytime heat crosses 36°C, mercury drops to 15.8°C at night; weather to change fro
मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। रात में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ने लगी है, जबकि दिन में तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। इंदौर में रात का तापमान 15.8 डिग्री तक पहुंच गया, वहीं ग्वालियर और नर्मदापुरम में दिन का पारा 36 डिग्री के पार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर से रात की ठंड में और इजाफा हो सकता है। हालांकि, अक्टूबर में दिन के समय गर्मी का असर बना रहने की संभावना है। रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जबकि कई जगह बादल छाए रहे। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, सोमवार से मौजूदा चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव खत्म होने की संभावना है। इसके बाद अगले चार दिन प्रदेश में बारिश की गतिविधियां थमी रह सकती हैं। हालांकि, उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी सिस्टम की स्थिति पर आगे का मौसम निर्भर करेगा।
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कहीं रात में ठंड, कहीं दिन में गर्मी
प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट का असर दिखाई देने लगा है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री दर्ज किया गया। शाजापुर में यह 16.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.9 डिग्री, पचमढ़ी में 17.5 डिग्री और भोपाल में 17.8 डिग्री रहा।दूसरी ओर, दिन में गर्मी से राहत नहीं मिली है। ग्वालियर और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 36 डिग्री के पार चल रहा है। रविवार को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना में मौसम का मिजाज बदला। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई, जबकि अन्य इलाकों में बादल छाए रहे।
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मानसून लौटने के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
प्रदेश से तीन अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद अलग-अलग मौसमी सिस्टम सक्रिय होने से अक्टूबर में बारिश का सिलसिला देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले दस वर्षों के रुझान बताते हैं कि इस महीने गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर रह सकता है। इस बार भी दिन में तेज धूप, रात में ठंडक और कुछ इलाकों में बारिश का मिला-जुला दौर जारी है। फिलहाल अगले चार दिन बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी गतिविधियों के कारण परिस्थितियां बदलने पर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।
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सामान्य से चार प्रतिशत कम हुई मानसूनी बारिश
इस साल प्रदेश में मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। जून से सितंबर के दौरान कुल 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच के मुकाबले यह करीब 1.5 इंच कम है। प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से चार प्रतिशत कम रही। बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच अंतर भी सामने आया। पूर्वी हिस्से में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में कम बारिश का असर पूरे मानसूनी आंकड़े पर पड़ा।

जून की कमी पूरी नहीं कर पाया मानसून
इस साल जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से आंकड़े में सुधार हुआ, लेकिन बाद में मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक बारिश नहीं हुई। सितंबर के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसमी सिस्टम से बारिश जरूर बढ़ी, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश के आंकड़ों में सुधार के बावजूद पूरे सीजन का औसत सामान्य से नीचे रहा। यही वजह है कि प्रदेश से मानसून की विदाई के समय कुल बारिश चार प्रतिशत कम दर्ज की गई।


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25 जिलों में कोटा पूरा, 30 में कमी
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून की सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। इसके विपरीत 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले शामिल हैं। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में बारिश की कमी दर्ज की गई। कुछ जिलों में यह अंतर काफी अधिक रहा। फिलहाल मौसम का रुख यही संकेत दे रहा है कि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में रातें अधिक ठंडी होने लगेंगी, लेकिन दिन में गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।

 
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