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MP News: रतलाम मंडल के लोको पायलट सबसे अधिक शराबी, साढ़े तीन साल में ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में 158 पॉजिटिव

Sun, 10 Dec 2023 08:27 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 10 Dec 2023 08:27 PM IST
सार

MP News: पश्चिम रेलवे में साढ़े तीन साल में पैसेंजर व मालगाड़ी के 273 लोको पायलट व असिस्टेंट लोको पायलट का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पॉजिटिव आया है। इसमें सबसे ज्यादा शराबी ड्राइवर रतलाम रेल मंडल के हैं। यहां 158 ड्राइवरों का टेस्ट पॉजिटिव आया है। इनके अलावा ड्राय स्टेट गुजरात के अहमदाबाद व राजकोट में भी ड्राइवर शराब के नशे में मिले हैं।

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Train drivers of Ratlam division are the most drunkards.
रतलाम मंडल के लोको पायलट सबसे अधिक शराबी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए सबसे बड़ा साधन रेलवे व बस सेवा है। सड़कों पर हम ट्रक, बस व अन्य वाहन ड्राइवरों को शराब पीकर वाहन चलाते देखते ही हैं। सड़क हादसों में 45 से 50 फीसदी मामलों में सामने आता है कि ड्राइवर शराब पीकर वाहन चला रहा था। यह स्थिति सड़कों पर ही नहीं अब पटरियों पर दौड़ने वाली ट्रेनों में भी देखने को मिल रही है।

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बता दें कि नीमच के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने विभिन्न जोन में किए गए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। देश के कई क्षेत्र में अधिकारियों ने जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं कई जोन व मंडल से प्राप्त जानकारी चौंकाने वाली मिली। रेलवे द्वारा सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर आते समय, ट्रेन चलाते समय व ड्यूटी ऑफ होने पर प्लेटफॉर्म से घर जाते समय ड्राइवरों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया जाता है। पश्चिम रेलवे के 6 मंडल में पिछले साढ़े तीन साल में 273 ड्राइवर व सहायक ड्राइवर का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पॉजिटिव मिला। इसमें सबसे अधिक शराबी ड्राइवर रतलाम मंडल में मिले। रतलाम रेल मंडल में पैसेंजर गाड़ी चलाने वाले 38 एवं मालगाड़ी चलाने वाले 120 ड्राइवर का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया।
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यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाता
रेलवे अधिकारियों के अनुसार शराब पीकर ट्रेन चलाने वाले या उससे पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले ड्राइवरों के खिलाफ डिकेटराइज करने की कार्रवाई की जाती है। इन ड्राइवरों को ऑफिस वर्क में या लाइन में डाल दिया जाता है। इसके बाद कभी ट्रेन का ड्राइवर नहीं बनाया जाता। मामले में रेलवे पीआरओ खेमराज मीणा ने बताया कि टेस्ट में ड्राइवर शराब पीया मिलता है तो उसे ड्यूटी पर नहीं भेजते हैं। उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाती है। सुरक्षा के लिए ही टेस्ट किया जाता है। यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाता है।

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