बर्बरताः 'हाथ जोड़कर कहता रहा भगवान के लिए छोड़ दो' फिर भी पीटते रहे, दो आरोपी गिरफ्तार
वीडियो में दबंग एक युवक के साथ जमकर मारपीट करते हुए गालियां दे रहे हैं। युवक रोते हुए भगवान के लिए छोड़ देने की फरियाद कर रहा है, लेकिन वे लात, घूंसे, डंडे, चप्पल जो मिला उसी से पीट रहे हैं।
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सतना में एक बार फिर युवक के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है। बुधवार शाम घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और हरकत में आई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला चार दिन पुराना है। वीडियो में दबंग एक युवक के साथ जमकर मारपीट करते हुए गालियां दे रहे हैं। युवक रोते हुए भगवान के लिए छोड़ देने की फरियाद कर रहा है, लेकिन वे लात, घूंसे, डंडे, चप्पल जो मिला उसी से पीट रहे हैं। आरोपियों ने घटना का वीडियो भी खुद ही बनाया है।
पुलिस के मुताबिक दीपक (20) पुत्र शैलेंद्र सिंह निवासी अबेर ने बताया कि वह अपने दोस्त आदर्श सिंह और धर्मपाल सिंह निवासी के साथ गौरइया होते हुए रीवा जा रहा था। गौरइया पुल पार ही कर रहा था कि पुरानी रंजिश के चलते विनय पाल निवासी गौरइया ने उसका रास्ता रोक लिया। उसके साथ हिमांशु तिवारी, नीरज सिंह निवासी खमरिया और मलखान सिंह निवासी गौरइया भी थे। वीडियो में दिख रहा है कि दबंगों ने दीपक को जबरन अपनी बाइक पर बिठाया और मंदिर के आगे ले जाकर आदर्श तथा धर्मपाल को एक जगह बैठे रहने को कहा। इसके बाद पीड़ित को गालियां दीं और फिर उस पर लात- घूंसे, चप्पल से हमला कर दिया। इसके बाद एक डंडा ले आए और उससे पीटने लगे।
पिटाई का वीडियो बनाते रहे आरोपी
आरोपी उसे नदी के पास ले गए और डुबो कर मारने की बात कहने लगे। दीपक बस रोते हुए माफ कर देने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और वे घटना का वीडियो बनाते रहे। किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर वह अपने घर पहुंचा और परिजनों के साथ कोटर थाने पहुंच कर आपबीती सुनाई। कोटर थाना प्रभारी शैलेंद्र पटेल ने बताया कि दीपक ने 24 अगस्त को शिकायत की थी। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी विनय पाल और मलखान सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
थूक चटवाने का मामला आया था सामने
8 दिन पहले भी ऐसा ही वीडियो सामने आया था। नागौद के बंटी चौराहे पर शशांक सिंह ने अपने साथी सुजीत सिंह के साथ मिलकर संतोष पांडेय नाम के युवक के साथ मारपीट की थी। दोनों ने युवक को पहले लाठी-डंडों से पीटा और बाद में उसे थूक कर चाटने को कहा। डरा-सहमा संतोष जान बचाने के लिए सब कुछ करता रहा। इसके बाद आरोपी उसे गाड़ी में बैठाकर अन्य जगह ले गए और फिर से उसके साथ मारपीट की। प्रारंभिक जांच के बाद बताया जा रहा है कि संतोष ने शशांक से कुछ रुपए उधार लिए थे, लेकिन लौटा नहीं पा रहा था।
