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MP News: 21 साल पहले चोरी हुई रुक्मणि की प्रतिमा वर्षों बाद भी नहीं हुई स्थापित, यादव समाज ने सौंपा ज्ञापन
Thu, 26 Jan 2023 08:16 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 26 Jan 2023 08:16 AM IST
सार
2002 में माता रुक्मणी की प्राचीन प्रतिमा कुंडलपुर के रुकमणी मठ से चोरी हो गई थी। इस प्रतिमा को राजस्थान पुलिस ने जब्त किया था, जो मध्यप्रदेश के ग्यारसपुर संग्रहालय में रखी थी। लोगों की मांग के बाद 2019 में प्रतिमा को दमयंती संग्रहालय लाया गया था।
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संग्रहालय में रखी माता रुक्मणी की प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कुंडलपुर के पास रुक्मणि मठ से माता की प्रतिमा चोरी हो गई थी, जो आज भी संग्रहालय में रखी है, लेकिन मठ में स्थापना नहीं हो पाई। पूरे जिले के लोगों की आस्था माता रुक्मणि मठ में है। बुधवार को यादव समाज के लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर मांग की, कि दमोह दमयंती संग्रहालय में रखी माता रुक्मणी की प्रतिमा को कुंडलपुर के प्राचीन मठ में स्थापित किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता तो उन्हें सभी धार्मिक संगठनों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करना पड़ेगा, जिसमें यदि कोई समस्या होती है, तो पूरी जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।
यादव महासभा के पदाधिकारी परम यादव ने बताया कि साल 2002 में माता रुक्मणी की प्राचीन प्रतिमा कुंडलपुर के रुकमणी मठ से चोरी हो गई थी। इस प्रतिमा को राजस्थान पुलिस ने जब्त किया था, जो मध्यप्रदेश के ग्यारसपुर संग्रहालय में रखी थी। स्थानीय लोगों की मांग के बाद 2019 में इस प्रतिमा को ग्यारसपुर संग्रहालय से दमयंती संग्रहालय लाया गया था, लेकिन अब प्रतिमा संग्रहालय में रखी है। वह चाहते हैं कि माता रुक्मणी लोगों की आस्था की केंद्र हैं, इसलिए प्रतिमा को रुकमणी मठ में स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी कई बार धार्मिक, सामाजिक संगठन मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसीलिए उन्होंने फिर से ज्ञापन दिया है। यदि प्रशासन उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लेता तो वह उग्र आंदोलन करेंगे।
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यादव महासभा के पदाधिकारी परम यादव ने बताया कि साल 2002 में माता रुक्मणी की प्राचीन प्रतिमा कुंडलपुर के रुकमणी मठ से चोरी हो गई थी। इस प्रतिमा को राजस्थान पुलिस ने जब्त किया था, जो मध्यप्रदेश के ग्यारसपुर संग्रहालय में रखी थी। स्थानीय लोगों की मांग के बाद 2019 में इस प्रतिमा को ग्यारसपुर संग्रहालय से दमयंती संग्रहालय लाया गया था, लेकिन अब प्रतिमा संग्रहालय में रखी है। वह चाहते हैं कि माता रुक्मणी लोगों की आस्था की केंद्र हैं, इसलिए प्रतिमा को रुकमणी मठ में स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी कई बार धार्मिक, सामाजिक संगठन मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसीलिए उन्होंने फिर से ज्ञापन दिया है। यदि प्रशासन उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लेता तो वह उग्र आंदोलन करेंगे।
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