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MP News: राजकीय सम्मान के साथ सैनिक को दी गई अंतिम विदाई, 2012 से कर रहे थे देश सेवा, आखिरी झलक पाने उमड़ा गांव
Thu, 09 Feb 2023 01:29 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 09 Feb 2023 01:29 PM IST
सार
आर्मी मैन हरि ओम का सेना में चयन 2012 के समय हुआ था। जिसके बाद 2015 में लांस नायक के पद पर जम्मू में उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी। उन्होंने कई बड़ी बड़ी मुठभेड़ में भी अपनी सहभागिता निभाई।
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सैनिक को अंतिम विदाई देने पहुंचा पूरा गांव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के निवाली ब्लॉक के छोटे से गांव सिदड़ी से देश प्रेम का जज्बा लेकर निकले भारतीय सेना के जवान हरिओम तरोले का बीमारी के चलते मंगलवार रात कोलकाता के आर्मी हेड क्वार्टर में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को गुरूवार को उनके गांव लाया गया। गांव में सलामी देकर अंतिम संस्कार किया गया। सिदडी गाँव के सरपंच और सैनिक के भाई गेंदाराम तरोले ने बताया कि उन्हें आर्मी हेडक्वार्टर से अपने भाई की सूचना मंगलवार रात मिली थी। परिजनों के साथ हम लोग सीधे कोलकाता पहुंचे। जहां आर्मी ब्रिगेडियर ने बताया कि उनकी तबीयत खराब थी और किडनी के साथ अन्य इन्फेक्शन बढ़ने के कारण उनका निधन हो गया। बाकी जांच-पड़ताल के साथ सभी दस्तावेज पूरे कर उन्हें बुधवार शाम फ्लाइट से इंदौर की लाया गया जहां महू हेड क्वार्टर के आर्मी स्टाफ द्वारा भाई हरिओम तरौली के पार्थिव शरीर को लेकर गुरुवार को गृहगांव शिदडी पहुंचे। जहां सैनिक को अंतिम विदाई देने पूरा गांव जन सैलाब के रूप में उमड़ पड़ा। सैनिक को श्रद्धांजलि देने पूर्व केंद्रीय मंत्री अंतर सिंह आर्य शहित भाजपा के कई कार्यकर्ता भी गाँव पहुंचे।
2012 से कर रहे देश सेवा
आर्मी मैन हरि ओम अपने घर में तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके भाई गांव के सरपंच गेंदाराम तरोले ने बताया कि वो मेरे काका के लड़के थे, जिनके तीन भाई थे। उनमें दो बड़े भाइयों के बाद सबसे छोटे के रूप में हरिओम थे। उनकी बचपन से इच्छा आर्मी ज्वॉइन कर देश की सेवा करने की थी और उनका सेना में चयन 2012 के समय हुआ था। जिसके बाद 2015 में लांस नायक के पद पर जम्मू में उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी। लगातार अपने जुनून और जज्बे के साथ गश्त करते हुए उन्होंने कई बड़ी बड़ी मुठभेड़ में भी अपनी सहभागिता निभाई। आज जब अचानक उनकी इस तरह की सूचना आई तो परिवार और घर के सदस्यों को गहरा शोक लगा। साथ ही गांव के लोगों में भी शोक की लहर छा गई।
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2012 से कर रहे देश सेवा
आर्मी मैन हरि ओम अपने घर में तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके भाई गांव के सरपंच गेंदाराम तरोले ने बताया कि वो मेरे काका के लड़के थे, जिनके तीन भाई थे। उनमें दो बड़े भाइयों के बाद सबसे छोटे के रूप में हरिओम थे। उनकी बचपन से इच्छा आर्मी ज्वॉइन कर देश की सेवा करने की थी और उनका सेना में चयन 2012 के समय हुआ था। जिसके बाद 2015 में लांस नायक के पद पर जम्मू में उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी। लगातार अपने जुनून और जज्बे के साथ गश्त करते हुए उन्होंने कई बड़ी बड़ी मुठभेड़ में भी अपनी सहभागिता निभाई। आज जब अचानक उनकी इस तरह की सूचना आई तो परिवार और घर के सदस्यों को गहरा शोक लगा। साथ ही गांव के लोगों में भी शोक की लहर छा गई।
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