सिर मुंडवा कर शिक्षकों ने 'समान कार्य के लिए समान वेतन' की मांग उठाई
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अध्यापक अधिकार यात्रा के तहत शिक्षाकर्मियों ने अपना विरोध दर्ज कराया है। अपनी मांगों के समर्थन में टीचरों ने अपना सिर मुंडवाया। शिक्षाकर्मी लंबे समय से समान कार्यों के लिए समान वेतन और उचित ट्रांसफर नीति की मांग करते रहे हैं। शिक्षाकर्मियों ने इसके साथ ही अन्य मांगें भी उठाई हैं।
सरकार की वादा खिलाफी से नाराज होकर महिला अध्यापकों ने अपने ऐलान के मुताबिक मुंडन कराया। आजाद अध्यापक संघ की प्रांत अध्यक्ष शिल्पी शिवान समेत कई महिला अध्यापकों ने सिर मुंडाया।
इस घटना पर पूरे राज्य में काफी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। अध्यापक लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि उनकी नौकरी स्थायी की जाए और समान कार्यों के लिए समान वेतन दिया जाए। शिक्षकों ने आंदोलन के तहत ज्ञापन, हड़ताल, रैली और कई बार प्रदर्शन किए। लेकिन महिला अध्यापकों ने सरकार की वादा खिलाफी से नाराज होकर यह बड़ा कदम उठाया।
प्रदर्शन की जगह के 1 लाख 44 हजार रूपये किराया मांगा
शिक्षक संगठन ने आरोप लगाया है कि सरकार आंदोलन को दबाने के हथकड़े अपना रही है। संगठन के पदाधिकारी रितुराज तिवारी ने कहा कि, 'विरोध प्रदर्शन के लिए जुटने वाले करीब 25 हजार अध्यापकों को आंदोलन में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई।
बीते दो हफ्ते से प्रशासनिक अधिकारियों ने पदाधिकारियों को शहर में आंदोलन के लिए जगह देने से ही मना कर दिया। अधिकारियों ने बीएचईएल के जंबूरी मैदान पर विरोध प्रदर्शन के लिए 1 लाख 44 हजार रूपये किराया मांगा। पदाधिकारियों के मुताबिक बीएचईएल प्रबंधन को चंदा कर किराये का भुगतान किया जाएगा।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में संविलियन, मृतक अध्यापकों के परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति, वेतन विसंगति, पदोन्नति और सातवें वेतनमान का लाभ देने की मांगों को लेकर अध्यापक लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है।
