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Indore Couple News: इंदौर के दंपती को चारों तरफ से घेरने वाले कौन थे? सोनम के पिता ने जांच पर उठाए सवाल
सार
सोनम के पिता ने शिलांग पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब सोनम और राजा लापता हुए, उस समय कुछ लोगों ने चारों तरफ से गाड़ियां लगाकर उन्हें घेर लिया था। लेकिन शिलांग पुलिस ने उन गाड़ियों और उन लोगों के मोबाइल फोन की ठीक से जांच नहीं की।
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सीसीटीवी से हुआ बड़ा खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंदौर से 20 मई को राजा और सोनम हनीमून पर गए थे। लापता होने के बाद राजा का शव तो मिल गया है लेकिन सोनम की तलाश जारी है। अमर उजाला से बातचीत के दौरान सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने बड़े सवाल उठाए हैं। शिलांग से भाई और बेटे से जो जानकारी मिल रही है, उस आधार पर उठे इन सवालों के जवाब उनको चाहिए। अगर इनके जवाब खोजे जाएं तो हो सकता है सोनम का पता चल जाए। उनका आरोप है कि शिलांग पुलिस होटल वालों को बचाने की दिशा में काम कर रही है। बेटी सोनम को बचाने की पुरजोर कोशिश नहीं हो रही है। सिलसिलेवार आपको बताते हैं कि सोनम के पिता ने कौन-कौन से सवाल खड़े किए हैं।
सोनम और राजा को चारों तरफ से घेरने वाले कौन थे ?
सोनम के पिता ने कहा कि स्कूटी के चारों तरफ चार गाड़ियां आकर लगी थीं। एक गाड़ी आगे थी। एक पीछे। एक बाएं और एक दाएं थी। इन गाड़ियों में कौन लोग आए थे ? उन्होंने कहा कि अगर एक गाड़ी में दो लोगों के आने की बात मानी जाए तो आठ लोगों ने बच्चों को घेरा होगा। ये लोग उनको उठाकर कहां ले गए ?
गाड़ी पर आने वालों के मोबाइल की जांच क्यों नहीं हुई ?
जिन लोगों ने बच्चों को घेरा था। उनके पास कितने मोबाइल थे। उन लोगों ने घटना से पहले किन से बात की ? बच्चों को घेरने के बाद किससे बात की? अभी मोबाइल कहां हैं ? उनकी सर्चिंग क्यों नहीं की गई ? उनकी मोबाइळ कॉल की डिटेल क्यों नहीं शिलांग पुलिस ने निकाली ।
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ये भी पढ़ें-शिलांग की खाई में मिला जैकेट सोनम का, स्कूटर की डिक्की में रखा था
गाड़ियों के नंबर की जांच क्यों नहीं हुई ?
बच्चों को घेरने वाले लोग जिस गाड़ी से आए थे। वो किसके नाम पर थीं। इन गाड़ियों की जांच क्यों नहीं की गई ? वहां की पुलिस सबको बचाने की दिशा में क्यों काम कर रही है ?
जानें क्या है पूरा मामला
इंदौर में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय करने वाले राजा रघुवंशी की शादी 11 मई को सोनम से हुई थी। शादी के करीब 8 दिन बाद 20 मई को दोनों हनीमून पर निकले। पहले गुवाहाटी पहुंचे, फिर वहां कामाख्या देवी के दर्शन किए और फिर 23 मई को मेघालय के शिलांग चले गए। 23 मई के बाद सोनम और राजा का परिवार से संपर्क टूट गया। 24 मई को दोनों के फोन बंद हो गए। कई कोशिशों के बाद भी जब कोई बात नहीं हो पाई तो सोनम के भाई गोविंद और राजा के भाई विपिन शिलांग पहुंचे और पुलिस के साथ खोज शुरू की।
पुलिस और प्रशासन लगातार सर्च कर रहे थे, लेकिन खराब मौसम और कठिन इलाके के कारण खोज में दिक्कतें आईं। दोनों के बैग तो मिले लेकिन मोबाइल और गहने नहीं मिले। खोजी कुत्तों को कपड़े सुंघाकर तलाश भी की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। थक हारकर परिवार ने जानकारी देने वाले को 5 लाख रुपये इनाम की घोषणा की।
2 जून को ड्रोन से खोज के दौरान राजा की लाश शिलांग के डबलडेकर रूट के पास एक 150 फीट गहरी खाई में मिली। पास में एक टी-शर्ट और दवा भी पड़ी थी। शरीर पर कई चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि राजा की धारदार हथियार से हत्या की गई थी और फिर शव को खाई में फेंका गया था। पुलिस को हत्या में इस्तेमाल पेड़ काटने वाला औजार भी मिला।
राजा के अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने इंसाफ की मांग करते हुए कहा कि यह सीधी हत्या है और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने घर पर एक पोस्टर भी लगाया – "मैं मरा नहीं, मारा गया हूं।" अब तक सोनम का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने एक लाल-काली जैकेट बरामद की है जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि पता चले कि वो सोनम की है या नहीं। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और पुलिस टीम लगी हुई है, लेकिन सोनम का अब तक कोई पता नहीं है।
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सोनम और राजा को चारों तरफ से घेरने वाले कौन थे ?
सोनम के पिता ने कहा कि स्कूटी के चारों तरफ चार गाड़ियां आकर लगी थीं। एक गाड़ी आगे थी। एक पीछे। एक बाएं और एक दाएं थी। इन गाड़ियों में कौन लोग आए थे ? उन्होंने कहा कि अगर एक गाड़ी में दो लोगों के आने की बात मानी जाए तो आठ लोगों ने बच्चों को घेरा होगा। ये लोग उनको उठाकर कहां ले गए ?
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गाड़ी पर आने वालों के मोबाइल की जांच क्यों नहीं हुई ?
जिन लोगों ने बच्चों को घेरा था। उनके पास कितने मोबाइल थे। उन लोगों ने घटना से पहले किन से बात की ? बच्चों को घेरने के बाद किससे बात की? अभी मोबाइल कहां हैं ? उनकी सर्चिंग क्यों नहीं की गई ? उनकी मोबाइळ कॉल की डिटेल क्यों नहीं शिलांग पुलिस ने निकाली ।
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गाड़ियों के नंबर की जांच क्यों नहीं हुई ?
बच्चों को घेरने वाले लोग जिस गाड़ी से आए थे। वो किसके नाम पर थीं। इन गाड़ियों की जांच क्यों नहीं की गई ? वहां की पुलिस सबको बचाने की दिशा में क्यों काम कर रही है ?
जानें क्या है पूरा मामला
इंदौर में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय करने वाले राजा रघुवंशी की शादी 11 मई को सोनम से हुई थी। शादी के करीब 8 दिन बाद 20 मई को दोनों हनीमून पर निकले। पहले गुवाहाटी पहुंचे, फिर वहां कामाख्या देवी के दर्शन किए और फिर 23 मई को मेघालय के शिलांग चले गए। 23 मई के बाद सोनम और राजा का परिवार से संपर्क टूट गया। 24 मई को दोनों के फोन बंद हो गए। कई कोशिशों के बाद भी जब कोई बात नहीं हो पाई तो सोनम के भाई गोविंद और राजा के भाई विपिन शिलांग पहुंचे और पुलिस के साथ खोज शुरू की।
पुलिस और प्रशासन लगातार सर्च कर रहे थे, लेकिन खराब मौसम और कठिन इलाके के कारण खोज में दिक्कतें आईं। दोनों के बैग तो मिले लेकिन मोबाइल और गहने नहीं मिले। खोजी कुत्तों को कपड़े सुंघाकर तलाश भी की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। थक हारकर परिवार ने जानकारी देने वाले को 5 लाख रुपये इनाम की घोषणा की।
2 जून को ड्रोन से खोज के दौरान राजा की लाश शिलांग के डबलडेकर रूट के पास एक 150 फीट गहरी खाई में मिली। पास में एक टी-शर्ट और दवा भी पड़ी थी। शरीर पर कई चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि राजा की धारदार हथियार से हत्या की गई थी और फिर शव को खाई में फेंका गया था। पुलिस को हत्या में इस्तेमाल पेड़ काटने वाला औजार भी मिला।
राजा के अंतिम संस्कार के बाद परिजनों ने इंसाफ की मांग करते हुए कहा कि यह सीधी हत्या है और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने घर पर एक पोस्टर भी लगाया – "मैं मरा नहीं, मारा गया हूं।" अब तक सोनम का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने एक लाल-काली जैकेट बरामद की है जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि पता चले कि वो सोनम की है या नहीं। सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और पुलिस टीम लगी हुई है, लेकिन सोनम का अब तक कोई पता नहीं है।
