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शिवपुरी: कोरोना के कमजोर होते ही बढ़ी मोदी जैकेट की डिमांड, बदरवास में 5 हजार लोगों को मिला है रोजगार
Tue, 23 Nov 2021 02:18 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 23 Nov 2021 02:18 PM IST
सार
कोरोना काल में शिवपुरी के बदरवास से मोदी जैकेट की डिमांड 50 प्रतिशत तक कम हो गई थी। इस काम में क्षेत्र के 5 हजार से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर से रोजगार मिलता है।
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शिवपुरी में मोदी जैकेट बनाते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिवपुरी जिले के बदरवास में बनाई जाने वाली मोदी जैकेट की डिमांड देश में बढ़ गई है। कोरोना के कमजोर होने के बाद एकाएक मोदी जैकेट की डिमांड में बढ़ोतरी हुई है। जिले के बदरवास में बनाई जाने वाली यह मोदी जैकेट इस समय उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान सहित नेपाल व अन्य क्षेत्रों में भेजी जा रही है। बदरवास में यह मोदी जैकेट बनाई जाती है। इस जैकेट निर्माण के कारोबार से करीब पांच हजार स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है।
कोरोना काल में कारोबार ठप होने से जैकेट की डिमांड 50 प्रतिशत ही रह गई थी। अब देश में अलग-अलग राज्यों से डिमांड निकल रही है और यहां बनने वाली मोदी जैकेट विभिन्न क्षेत्रों में जा रही है। बाहर से आने वाले व्यापारी जहां से मोदी जैकेट खरीद के ले जाते हैं और वहां बेचते हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में कोरोना संकट काल ने यहां के जैकेट निर्माण के व्यापार की कमर तोड़ दी थी। जैकेट निर्माण से जुड़े कारोबारी रमेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना के कमजोर होने के बाद अब व्यापार में उठाव आया है। जैकेट की मांग बढ़ी है, इससे अब निर्माण भी बढ़ा है।
एक अन्य व्यापारी सुरेश गुप्ता का कहना है कि इस इलाके के हजारों लोगों को इस जैकेट निर्माण से घर बैठे काम मिला है। बीते 15 नवंबर को भोपाल में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं ने मोदी जैकेट की प्रदर्शनी और स्टॉल लगाई थी जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने भी देखा था।
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कोरोना काल में कारोबार ठप होने से जैकेट की डिमांड 50 प्रतिशत ही रह गई थी। अब देश में अलग-अलग राज्यों से डिमांड निकल रही है और यहां बनने वाली मोदी जैकेट विभिन्न क्षेत्रों में जा रही है। बाहर से आने वाले व्यापारी जहां से मोदी जैकेट खरीद के ले जाते हैं और वहां बेचते हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में कोरोना संकट काल ने यहां के जैकेट निर्माण के व्यापार की कमर तोड़ दी थी। जैकेट निर्माण से जुड़े कारोबारी रमेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना के कमजोर होने के बाद अब व्यापार में उठाव आया है। जैकेट की मांग बढ़ी है, इससे अब निर्माण भी बढ़ा है।
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एक अन्य व्यापारी सुरेश गुप्ता का कहना है कि इस इलाके के हजारों लोगों को इस जैकेट निर्माण से घर बैठे काम मिला है। बीते 15 नवंबर को भोपाल में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं ने मोदी जैकेट की प्रदर्शनी और स्टॉल लगाई थी जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने भी देखा था।
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