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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Shahdol News ›   Shahdol: Grandson had to take his grandfather's dead body to village by bike as Hearse was not available

Shahdol: मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर; दादा के शव को बाइक से ले जाना पड़ा गांव, अस्पताल प्रशासन चुप

Sun, 26 Nov 2023 07:23 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 26 Nov 2023 07:23 PM IST
सार

Shahdol Hindi News: परिजनों ने बताया कि उन्होंने जिला अस्पताल प्रबंधन से शव वाहन की मांग की। लेकिन रविवार की वजह से छुट्टी है, कहकर उसकी बात को अनसुना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने बुजुर्ग के शव को बाइक पर ही बैठाया और धुरवार के लिए रवाना हो गए।

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Shahdol: Grandson had to take his grandfather's dead body to village by bike as Hearse was not available
पोता अपने दादा के शव को बाइक से ले जाते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के शहडोल जिला अस्पताल से मानवता को शर्मशार करने वाला मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में रविवार की सुबह धुरवार निवासी ललुईया बैगा (56) की मौत हो गई थी। यहां परिजनों को शव ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला। इस कारण पोता बाइक से ही अपने दादा का शव लेकर जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर अपने गांव रवाना हो गया। इस घटना के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन एक फिर कटघरे में हैं। बाइक से जिस तरह वृद्ध के शव को ले जाया गया, उसके मद्देनजर अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

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शव के पैर को फुट्रेस्ट में जमाया
जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल परिसर में ही बुजुर्ग के शव को जब बाइक पर रखा जा रहा था, तब उसके पैर को फुट्रेस्ट में जमाया गया। उसके बाद बाइक पर एक-एक कर चालक और शव समेत चार लोग सवार हो गए। फिर अस्पताल परिसर से धुरवार गांव के लिए रवाना हो गए।
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परिजनों ने आरोप लगाया कि शनिवार की सुबह 11 बजे के लगभग ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद बुजुर्ग को जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया था। उसके बाद वार्ड में उनके इलाज के लिए किसी डॉक्टर ने सुध नहीं ली। परिजनों ने बताया कि डॉक्टर पोस्टमार्टम करने के लिए चले गए थे।
 
बाइक पर बैठाकर ले गए शव
परिजनों ने बताया कि उन्होंने जिला अस्पताल प्रबंधन से शव वाहन की मांग की। लेकिन रविवार की वजह से छुट्टी है, कहकर उसकी बात को अनसुना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने बुजुर्ग के शव को बाइक पर ही बैठाया और धुरवार के लिए रवाना हो गए। मानवता को शर्मशार करने वाली इस घटना के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन अपने बचाव में जुट गया है।

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