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MP News: आंध्र प्रदेश के चित्तूर में शहडोल के आदिवासी मजदूरों को बनाया बंधक, पुलिस ने छुड़ाया

Thu, 15 Feb 2024 04:06 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: रवींद्र भजनी Updated Thu, 15 Feb 2024 04:06 PM IST
सार

Shahdol News: शहडोल के 12 आदिवासी मजदूरों के साथ आंध्र प्रदेश के चित्तूर में बंधकों जैसा व्यवहार हो रहा है। यह शिकायत पहुंचते ही पुलिस सक्रिय हुई और उन्हें वहां से निकाला। 

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MP News: Tribal laborers of Shahdol taken hostage in Chittoor, Andhra Pradesh, rescued by police
शहडोल के युवाओं ने आंध्र से भेजी अपनी तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहडोल जिले के 12 आदिवासियों को आंध्र प्रदेश के चित्तूर में बंधक बनाने का मामला सामने आया है। इनके साथ बंधकों जैसा व्यवहार हो रहा था। इनके परिजनों नेे पांच फरवरी को पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। जब मामला एसपी कुमार प्रतीक तक पहुंचा तो उनके निर्देश पर पुलिस सक्रिय हुई और इन्हें सुरक्षित लाने के प्रयास शुरू हुए। अब इन मजदूरों को बचा लिया गया है और वह शहडोल लौटने की तैयारी कर रहे हैं। 

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शहडोल और आसपास के जिलों में रोजगार के साधन कम होने से मजदूर अन्य प्रदेशों में पलायन करने को मजबूर हैं। शहडोल के 12 आदिवासी युवक मजदूरी के लिए आंध्र प्रदेश के चित्तूर गए थे। वहां उनके साथ बंधकों जैसा व्यवहार हो रहा था। जब यह बात उन्होंने अपने परिजनों को बताई तो पांच फरवरी को पुलिस को शिकायत की गई। युवकों को वापस लाने की गुहार लगाई गई। इसके बाद भी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इस घटना की सूचना नहीं दी गई। शिकायत के नौ दिन बाद भी एसपी कुमार प्रतीक मामले के प्रति अनभिज्ञता जताते रहे। बाद में उन्होंने इस पर संज्ञान लिया और वहां के पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधा। वहां के अधिकारियों ने ठेकेदारों पर कार्रवाई की और मजदूरों को शहडोल भेजने के प्रबंध किए। एसपी कुमार प्रतीक ने बताया कि आदिवासी युवकों को मुक्त करा लिया गया है। आंध्रप्रदेश के चित्तूर से बंधक बनाए गए युवक शहडोल के लिए रवाना होने वाले हैं।  
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मां ने रो -रोकर बताई बेटों की दास्तां
सोहागपुर थाने से महज पांच सौ मीटर दूर रहने वाली श्यामबाई कोल ने रोते हुए बताया कि उनके दो बेटों के साथ-साथ गांव के 12 युवक मजदूरी के लिए आंध्र प्रदेश गए थे। उन्हें वहां बंधक बनाकर काम कराया जा रहा हैँ। इस बात की जानकारी लगने के बाद शहडोल एसपी से पांच फरवरी को शिकायत की गई थी। इसके बाद भी उनके मातहत अधिकारियों ने उन तक कोई जानकारी नहीं पहुंचाई
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यह मजदूर फंसे थे आंध्र प्रदेश में 
श्यामबाई कोल का बेटा समीर कोल (19) व जितेंद्र कोल (21), भाई राजेश कोल (36), भतीजा रोहित कोल (16), गुरवाही निवासी राजा कोल (19), सिंहपुर निवासी बहन का बेटा छोटू कोल (19), पठरा निवासी गोलू कोल (20), मिठौरी निवासी सीताशरण कोल (18), शोभनाथ (42) उसकी पत्नी बेला कोल (40) और जुबेश कोल (38) सहित अन्य युवकों से बंधकों जैसा व्यवहार हो रहा था। इन सबको पटासी में राजेश कोल के घर पहुंचे छत्तीसगढ़ के मिथुन कोल नागपुर में ज्यूस फैक्टरी में काम होना बताकर साथ लेकर गया था। बाद में वह उन्हें आंध्र प्रदेश लेकर चला गया। 


काम के बाद नही दी जा रही पगार
पीडि़त युवाओं ने आंध्रप्रदेश से फोटो भेजकर अपनी पीड़ा सुनाई है। उन्होंने कहा कि काम करवा लेते हैं लेकिन पैसे नहीं दे रहे। वापस जाने का बोलते हैं तो जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित युवाओं में से एक गुरवाही के राजा कोल ने बुधवार को आंध्रप्रदेश के बट्टू से एक तस्वीर भेजी। उसने बताया कि 25 जनवरी को यहां पहुंचे तो एक सप्ताह काम किया लेकिन मांगने पर पैसे नहीं दिए। यहां लगातार हमारी निगरानी की जा रही है। खाने के नाम पर चावल और नमक दिया जाता है। उसे पकाकर किसी तरह भूख मिटा रहे हैं।

(शहडोल से सादिक खान की रिपोर्ट)

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