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Sehore: एक करोड़ से ज्यादा के गबन में दो बैंककर्मियों को सात-सात साल की जेल, जुर्माना भी लगाया
Sat, 31 Dec 2022 05:43 PM IST
अर्पित याग्निक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिहोर
Published by: अर्पित याग्निक
Updated Sat, 31 Dec 2022 05:43 PM IST
सार
सिहोर में एक करोड़ से ज्यादा का गबन और धोखाधड़ी करने वाले जिला सहकारी बैंक के दो कर्मचारियों को कोर्ट ने सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के दो कर्मियों को सजा
- फोटो : social media
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विस्तार
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक विस्तार शाखा आष्टा में गबन और धोखाधड़ी करने वालों को कोर्ट ने सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सात-सात साल की जेल के साथ जुर्माना भी लगाया है।
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आष्टा में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कंचन सक्सेना के न्यायालय ने आरोपी रमेशचंद्र शर्मा निवासी चंदन नगर आष्टा और मुन्नालाल निरंजन निवासी डॉ.अम्बेडकर नगर गंज सीहोर को धोखाधड़ी व गबन का दोषी पाया है। अपरलोक अभियोजक विजेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सिहोर से जून 2015 व सितंबर 2015 के बीच 41 अमानतदारों ने शिकायत की थी। बैंक कैशियर ने अमानतदारों से रुपये लेकर खातों में जमा नहीं कराए थे।
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एक करोड़ से ज्यादा का गबन किया
आरोपियों ने एक करोड़ 20 लाख 34 हजार से ज्यादा रुपये का गबन किया था। इनके खिलाफ तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजेन्द्र सोलंकी ने आष्टा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह गबन पुरूषोत्तम दास बैरागी और उनके कार्यकाल में पदस्थ शाखा प्रबंधक एवं कर्मचारियों ने किया। प्रकरण में विवेचना के उपरांत न्यायालय में आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से साक्ष्य कराई गई दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश कंचन सक्सेना ने आरोपियों को सात-सात वर्ष की जेल और छह-छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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