जो मोदी-केजरीवाल नहीं कर पाए वो इन सात दोस्तों ने कर दिखाया
चुनाव से पहले पूरी दिल्ली में फ्री वाईफाई शुरू करने का वादा करने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल बेशक सत्ता में आकर भी अपना यह वादा पूरा न कर पाए हों लेकिन इंदौर के कुछ युवाओं ने यह पहल कर दी है।
इंदौर के सात युवाओं के एक ग्रुप ने शहर के युवाओं के लिए फ्री वाईफाई का सपना पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। आईएम फ्री वाई फाई के नाम से शुरू हुई फ्री वाई फाई की यह सेवा शहर के चुनिंदा सार्वजनिक स्थलों पर मिलेगी।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार साल 2014 से ही इस प्रोजक्ट पर काम कर रहे कालेज पास आउट सात युवा शहर के अलग अलग इलाकों में इसका परीक्षण कर रहे थे।
एक बार में सात हजार लोग कर सकते हैं इस्तेमाल
इस योजना के सह संस्थापक शिवम शुक्ला ने बताया कि हमारा ग्रुप शुरू ने शुरू में शहर के ट्रेसर आइसलैंड मॉल और उसके बाद छप्पन दुकान एरिया में यह सुविधा शुरू की थी। शुरूआत में कुछ महीनों के लिए लोगों को फ्री वाइफाई मुहैया कराया गया।
बाद में लोगों का रुझान जानने के बाद हमने इसमें और सुधार की दिशा में काम किया। शिवम आगे बताते हैं कि हमें इसका विचार अपने कालेज के दिनों से आया जब हमे इंटरनेट इस्तेमाल करने में दिक्कत होती थी क्योंकि काफी लोगों के पास फोन में या लैपटॉप आदि में इंटरनेट सुविधा नहीं होती थी।
शुरूआती प्रयोग के बाद अब हमने छप्पन दुकान और भवरकुंआ क्षेत्र में युवाओं के लिए फ्री वाई फाई की सुविधा शुरू कर दी है। शिवम बताते हैं कि हमारे कदम की सराहना करते हुए अब काफी संख्या में हमें प्रायोजक और विज्ञापनदाता भी मिल गए हैं।
बिना किसी सरकारी सहायता के शुरू किया फ्री वाईफाई
हमारी तकनीकी टीम के अनुसार रोजाना कम से कम सात हजार लोग विभिन्न जगहों पर इस सुविधा का लाभ उठाते हैं। उनका लक्ष्य आगामी महीनों में इसे बढ़ाकर 65 हजार यूजर तक करना है।
उन्होंने बताया कि अब हम शहर में 10 और जगहों पर वाईफाई रूटर लगाने की तैयारी कर रहे हैं जिनमें से प्रत्येक की रेंज कम से कम 150 मीटर तक रहेगी। इस दौरान एक बार में 50 लोग 1 एमबीपीएस की स्पीड से डाउनलोडिंग की सुविधा उठा सकेंगे।
शिवम के अलावा उनके साथी अंजली नागदेव, अंशुल दूबे, अक्षय अनिल अवस्थी, विकास यादव, मोहम्मद शारिक और सुनील चौहान इस काम में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि हमारा आगामी लक्ष्य शहर के बाद इसे नजदीकी शहरों के अलावा गांवों तक इस सुविधा को पहुंचाना है।
