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सीहोर: साढ़े चार एकड़ जमीन के लिए छह भाई-बहनों में ठनी, 75 वर्षीय पिता पहुंचे पुलिस पंचायत, फिर ऐसे बनी बात
Wed, 23 Sep 2026 07:33 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 07:33 PM IST
सार
सीहोर में सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में संपत्ति विवाद, पारिवारिक कलह, मारपीट और पुराने लेनदेन से जुड़े मामलों की सुनवाई हुई। समझाइश के बाद कुछ परिवारों में विवाद सुलझे और बेटों ने बुजुर्ग माता-पिता से माफी मांगी। पंचायत ने बुजुर्गों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए सुविधा निशुल्क है।
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बुजुर्गों के लिए निशुल्क पुलिस पंचायत की सुविधा
- फोटो : credit
विस्तार
परिवार में जब संपत्ति रिश्तों से बड़ी होने लगे और बुजुर्ग माता-पिता अपने ही घर में असहाय महसूस करने लगें, तब कानून के साथ संवेदना की भी जरूरत होती है। सीहोर में आयोजित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत ने ऐसे ही मामलों में पुलिस और समाज के बीच संवेदनशील सेतु बनने का प्रयास किया। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर गठित पंचायत में जमीन विवाद, पारिवारिक कलह, मारपीट और वर्षों पुराने लेनदेन से जुड़े मामलों की सुनवाई कर बुजुर्गों को राहत दिलाने की कोशिश की गई।
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मंडी क्षेत्र निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत के समक्ष बताया कि उनके चार बेटे और दो बेटियां हैं। उनके पास अब अपनी कोई जमीन नहीं है। परिवार की करीब 4.5 एकड़ जमीन में से कुछ हिस्सा एक बेटे को राशि लेकर रजिस्ट्री किया जा चुका है, जबकि शेष जमीन पर चारों बेटे अलग-अलग खेती कर रहे हैं। बुजुर्ग माता-पिता का जीवन बेटों द्वारा दिए जाने वाले राशन के सहारे चल रहा है।
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बेटे की मारपीट पर पंचायत ने जताई कड़ी नाराजगी
बुजुर्ग पिता का एक बेटे के साथ पहले विवाद और मारपीट का मामला भी सामने आया। पंचायत में बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी अपना पक्ष रखा। उनका कहना था कि एक बेटे को अतिरिक्त जमीन दी जा चुकी है और उपलब्ध जमीन का बंटवारा करने पर खेती करना मुश्किल होगा। सुनवाई के दौरान पंचायत ने पिता के साथ पूर्व में हुई मारपीट की कड़ी भर्त्सना की और भविष्य में किसी भी तरह के विवाद से दूर रहने की समझाइश दी।
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संपत्ति से पहले माता-पिता का सम्मान जरूरी
पंचायत में बुजुर्ग पिता को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में भी बताया गया। परिवार को समझाया गया कि संपत्ति से जुड़े निर्णय पिता की इच्छा और सहमति के अनुसार होने चाहिए। साथ ही वसीयत और संपत्ति संबंधी कानूनी अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई। लंबी समझाइश के बाद परिवार के सभी पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि भविष्य में पिता के साथ विवाद नहीं करेंगे और संपत्ति को लेकर उनके निर्णय का सम्मान करेंगे।
पैर छूकर बेटों ने पिता से लिया आशीर्वाद
पंचायत की सबसे भावुक तस्वीर उस समय सामने आई, जब समझाइश के बाद बेटों ने अपने पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। वर्षों से चले आ रहे विवाद के बीच यह क्षण केवल एक समझौता नहीं, बल्कि परिवार में रिश्तों और सम्मान की वापसी का संदेश भी देता नजर आया।
मारपीट के बाद पुलिस तक पहुंचा पारिवारिक विवाद
दूसरे प्रकरण में सीहोर निवासी बुजुर्ग माता-पिता ने पारिवारिक विवाद और मारपीट की शिकायत की थी। मामला इतना बढ़ा कि एफआईआर तक पहुंच गया। बुजुर्गों ने विवाद के कारण तनाव और भविष्य में खतरे की आशंका भी व्यक्त की। पंचायत में दोनों पक्षों को आमने-सामने सुनकर उनके दावे और पक्ष जाने गए।
बेटे-बहू ने बुजुर्गों से मांगी माफी
लंबी काउंसलिंग के बाद पंचायत ने दोनों पक्षों को समझाया कि बीती घटनाओं को बदला नहीं जा सकता, लेकिन आगे का जीवन बेहतर बनाया जा सकता है। पंचायत की समझाइश पर बेटा और बहू माता-पिता का सम्मान करने और भविष्य में विवाद नहीं करने पर सहमत हुए। इसके बाद उन्होंने बुजुर्गों के पैर छूकर माफी मांगी और आगे शांति बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
12 साल पुराने 15 हजार रुपये के लेन-देन का मामला
तीसरे प्रकरण में देहात क्षेत्र के 80 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि उन्होंने करीब 12 वर्ष पहले जरूरत के समय एक व्यक्ति को 15 हजार रुपये उधार दिए थे, लेकिन रकम वापस नहीं मिली। सामने वाले पक्ष ने दावा किया कि वह मूल राशि से अधिक पैसा लौटा चुका है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने गवाह भी प्रस्तुत किए, लेकिन सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वास्तविक रूप से राशि वापस हुई थी या नहीं।
ईमानदारी के भरोसे हुआ अनोखा समझौता
पंचायत ने दोनों पक्षों को समझाया कि वर्षों पुराने लेन-देन में केवल विवाद बढ़ाने के बजाय ईमानदारी और नैतिकता का रास्ता अपनाना चाहिए। दोनों पक्षों की सहमति से तय हुआ कि संबंधित व्यक्ति एक माह के भीतर आस्था स्थल पर राशि रखेगा। यदि बुजुर्ग का दावा सही है तो वे राशि ले लेंगे और यदि दावा सही नहीं है तो शपथपूर्वक इसे स्वीकार करेंगे। दोनों पक्षों की सहमति से राजीनामा दर्ज किया गया।
बुजुर्गों के लिए निशुल्क पुलिस पंचायत की सुविधा
बैठक में अन्य प्रकरणों की भी सुनवाई की गई तथा कुछ मामलों में आगामी तिथि निर्धारित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी बुजुर्ग सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में निशुल्क आवेदन कर सकता है। इसके लिए कार्यालय में निर्धारित फार्म भरकर आधार कार्ड अथवा आयु प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी प्रस्तुत करनी होगी। बैठक में कोर कमेटी सदस्य अनिल पालीवाल, कमल सिंह ठाकुर और विपुल चाण्डक सहित संबंधित लोग मौजूद रहे।
