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Sehore News: मूंग खरीदी खत्म, किसानों को 525 करोड़ का भुगतान, करोड़ों अब भी अटके; इंतजार में किसान
Sat, 09 Aug 2025 06:05 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Aug 2025 06:05 PM IST
सार
सरकार ने 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन कराया। खरीदी 7 से शुरू होनी थी, लेकिन केंद्र तैयार न होने के कारण यह 14 जुलाई से ही शुरू हो सकी। 7 अगस्त तक 30,516 में से 27,621 किसानों ने 673 करोड़ की मूंग बेची।
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सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
सीहोर जिले में 7 अगस्त तक 27,621 किसानों से 7,76,094 क्विंटल मूंग की खरीदी पूरी हो चुकी है। कुल मूल्य 673 करोड़ रुपये तय हुआ, लेकिन अब तक 525 करोड़ रुपये का ही भुगतान हो पाया है। आज रक्षाबंधन हो गया और अन्य त्योहार आने वाले हैं। ऐसे में किसान बैंकों की कतारों में खड़े अपनी मेहनत की कमाई पाने का इंतजार कर रहे हैं।
पंजीयन से खरीदी तक का संघर्ष
सरकार ने 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन कराया। इस दौरान 32,553 किसानों ने 83,838 हेक्टेयर में बोई फसल का रजिस्ट्रेशन कराया। खरीदी 7 जुलाई से शुरू होनी थी, लेकिन केंद्र तैयार न होने के कारण यह 14 जुलाई से ही शुरू हो सकी। 7 अगस्त तक 30,516 में से 27,621 किसानों ने मूंग बेची।
प्रशासन की सख्ती, बिचौलियों की छुट्टी
इस बार प्रशासन ने खरीदी की शुरुआत से ही सख्त रुख अपनाया। जिससे बिचौलियों की भीड़ केंद्रों से नदारद रही। जहां कोशिश हुई, वहां प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। इससे व्यापारिक मूंग की बिक्री पर रोक लगी और खरीदी में पारदर्शिता बनी रही।
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जांच की जद में भंडारित मूंग
जिला उपार्जन समिति और एनसीसीएफ के अधिकारी पूरे खरीदी सीजन में केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। अब खरीदी बंद होने के बाद 63 केंद्रों पर भंडारित मूंग की स्टैकवार जांच होगी। अमानक (नॉन-एफएक्यू) माल मिलने पर संबंधित स्टैक को रिजेक्ट कर दिया जाएगा और भुगतान रोक दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें: रक्षाबंधन पर उठी अर्थी, भाई की कलाई पर बहनों ने बिलखते हुए बांधी राखी, अंतिम यात्रा में भीड़; तस्वीरें
अवैध मूंग पर कार्रवाई
श्यामपुर निमोटा में हरदा से आई 450 क्विंटल मूंग प्रशासन ने जब्त की। नगर के एक व्यापारी के गोदाम से 89 क्विंटल और कृषि उपज मंडी से एमएसपी पर बेचने से पहले 80 क्विंटल मूंग पकड़ी गई। अंतिम दिन यह मूंग किसानों को वापस सौंपी जाएगी।
ये भी पढ़ें: निजी स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे क से कबूतर की जगह क से काबा, म से मस्जिद और न से नमाज; जानें मामला
भुगतान के इंतजार में किसान
किसानों की नजरें बाकी भुगतान पर टिकी हैं। समय पर रकम मिल जाए तो त्योहार की रौनक लौट आएगी। प्रशासन के लिए चुनौती है कि गुणवत्ता जांच पूरी कर सभी किसानों को मेहनत का पूरा मूल्य समय पर दिलाया जाए, वरना उनकी मेहनत की मिठास कड़वाहट में बदल जाएगी।
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पंजीयन से खरीदी तक का संघर्ष
सरकार ने 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन कराया। इस दौरान 32,553 किसानों ने 83,838 हेक्टेयर में बोई फसल का रजिस्ट्रेशन कराया। खरीदी 7 जुलाई से शुरू होनी थी, लेकिन केंद्र तैयार न होने के कारण यह 14 जुलाई से ही शुरू हो सकी। 7 अगस्त तक 30,516 में से 27,621 किसानों ने मूंग बेची।
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प्रशासन की सख्ती, बिचौलियों की छुट्टी
इस बार प्रशासन ने खरीदी की शुरुआत से ही सख्त रुख अपनाया। जिससे बिचौलियों की भीड़ केंद्रों से नदारद रही। जहां कोशिश हुई, वहां प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। इससे व्यापारिक मूंग की बिक्री पर रोक लगी और खरीदी में पारदर्शिता बनी रही।
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जांच की जद में भंडारित मूंग
जिला उपार्जन समिति और एनसीसीएफ के अधिकारी पूरे खरीदी सीजन में केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। अब खरीदी बंद होने के बाद 63 केंद्रों पर भंडारित मूंग की स्टैकवार जांच होगी। अमानक (नॉन-एफएक्यू) माल मिलने पर संबंधित स्टैक को रिजेक्ट कर दिया जाएगा और भुगतान रोक दिया जाएगा।
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अवैध मूंग पर कार्रवाई
श्यामपुर निमोटा में हरदा से आई 450 क्विंटल मूंग प्रशासन ने जब्त की। नगर के एक व्यापारी के गोदाम से 89 क्विंटल और कृषि उपज मंडी से एमएसपी पर बेचने से पहले 80 क्विंटल मूंग पकड़ी गई। अंतिम दिन यह मूंग किसानों को वापस सौंपी जाएगी।
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भुगतान के इंतजार में किसान
किसानों की नजरें बाकी भुगतान पर टिकी हैं। समय पर रकम मिल जाए तो त्योहार की रौनक लौट आएगी। प्रशासन के लिए चुनौती है कि गुणवत्ता जांच पूरी कर सभी किसानों को मेहनत का पूरा मूल्य समय पर दिलाया जाए, वरना उनकी मेहनत की मिठास कड़वाहट में बदल जाएगी।
