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MP News: सीहोर फिर तेजी से पांव पसार रहा डेंगू-मलेरिया संक्रमण, छह नए मरीज मिलने से हड़कंप
Tue, 04 Nov 2025 10:47 AM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Nov 2025 10:47 AM IST
सार
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तापमान 16 डिग्री से ऊपर रहने तक मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बना रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से साफ-सफाई, मच्छरदानी के प्रयोग और बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।
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मलेरिया-डेंगू, मच्छर। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Freepik.com
विस्तार
सीहोर जिले में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप एक बार फिर सिर उठा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में चार नए डेंगू और दो मलेरिया के मरीज सामने आए हैं। डेंगू के दो मरीज आष्टा, दो बुदनी से मिले हैं, जबकि मलेरिया के मरीजों में एक श्यामपुर और एक बुदनी क्षेत्र का है। इन नए मामलों ने प्रशासन और आमजन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें मैदान में
मलेरिया यूनिट की टीमें तत्काल सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। फॉगिंग कर मच्छरों को नष्ट करने और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। अधिकारी-कर्मचारी लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि संक्रमण फैलने से पहले ही रोकथाम हो सके।
जिले में आंकड़ों का बढ़ता खतरा
अब तक जिले में डेंगू के कुल 21, मलेरिया के 8 और चिकनगुनिया के 7 मरीज दर्ज किए जा चुके हैं। यद्यपि इनमें से अधिकांश मरीज ठीक हो गए हैं, फिर भी नए मरीजों के आने से स्पष्ट है कि संक्रमण की शृंखला टूटी नहीं है। विभाग इन सभी क्षेत्रों का फॉलो-अप कर रहा है और जिन इलाकों में मरीज मिले, वहां टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
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तापमान से नहीं थमा संक्रमण
हालांकि बारिश का मौसम बीत चुका है, फिर भी तापमान में कमी न आने के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा बना हुआ है। वर्तमान में दिन का तापमान 25 डिग्री से ऊपर और रात का 20-23 डिग्री के बीच है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तापमान 16 डिग्री के करीब नहीं आता, तब तक मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप पूरी तरह समाप्त नहीं होता।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
जिला मलेरिया अधिकारी क्षमा बर्वे ने बताया कि नागरिकों को सतर्क रहना होगा। तेज बुखार, कंपकंपी, उल्टी, सिरदर्द, बेचैनी, कमजोरी, मितली जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सालय पहुँचें। बचाव के उपायों में रात में मच्छरदानी का उपयोग, आसपास की सफाई और पानी जमा न होने देना शामिल है। खासकर ड्रम, टंकी या खाली प्लॉट में पानी का रुकना मच्छरों के लिए आदर्श स्थिति बनाता है।
ये भी पढ़ें- 22 बच्चों की मौत के मामले में आरोपी डॉक्टर की पत्नी गिरफ्तार, स्टॉक में की थी हेराफेरी
सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजी
फिलहाल विभाग लगातार निगरानी और उपचार कार्यों में लगा हुआ है। प्रत्येक नए मरीज का फॉलो-अप लिया जा रहा है ताकि बीमारी फैलने से पहले नियंत्रण में लाई जा सके। अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे केवल प्रशासन पर निर्भर न रहें, स्वच्छता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। इस बदलते मौसम में एक छोटी-सी लापरवाही बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है। इसलिए जागरूक रहना ही इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इनका कहना
जिला मलेरिया अधिकारी सीहोर क्षमा बर्वे ने बताया कि डेंगू के चार और मलेरिया के दो नए मरीज मिले हैं। जिन स्थानों पर मरीज मिले हैं, वहाँ हमारी टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं। घर-घर जाकर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली जा रही है। कोई बीमार व्यक्ति मिलता है तो उसे तत्काल अस्पताल भेजा जा रहा है। साथ ही लोगों को बीमारी से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें मैदान में
मलेरिया यूनिट की टीमें तत्काल सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। फॉगिंग कर मच्छरों को नष्ट करने और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। अधिकारी-कर्मचारी लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि संक्रमण फैलने से पहले ही रोकथाम हो सके।
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जिले में आंकड़ों का बढ़ता खतरा
अब तक जिले में डेंगू के कुल 21, मलेरिया के 8 और चिकनगुनिया के 7 मरीज दर्ज किए जा चुके हैं। यद्यपि इनमें से अधिकांश मरीज ठीक हो गए हैं, फिर भी नए मरीजों के आने से स्पष्ट है कि संक्रमण की शृंखला टूटी नहीं है। विभाग इन सभी क्षेत्रों का फॉलो-अप कर रहा है और जिन इलाकों में मरीज मिले, वहां टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
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तापमान से नहीं थमा संक्रमण
हालांकि बारिश का मौसम बीत चुका है, फिर भी तापमान में कमी न आने के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा बना हुआ है। वर्तमान में दिन का तापमान 25 डिग्री से ऊपर और रात का 20-23 डिग्री के बीच है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तापमान 16 डिग्री के करीब नहीं आता, तब तक मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप पूरी तरह समाप्त नहीं होता।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
जिला मलेरिया अधिकारी क्षमा बर्वे ने बताया कि नागरिकों को सतर्क रहना होगा। तेज बुखार, कंपकंपी, उल्टी, सिरदर्द, बेचैनी, कमजोरी, मितली जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सालय पहुँचें। बचाव के उपायों में रात में मच्छरदानी का उपयोग, आसपास की सफाई और पानी जमा न होने देना शामिल है। खासकर ड्रम, टंकी या खाली प्लॉट में पानी का रुकना मच्छरों के लिए आदर्श स्थिति बनाता है।
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सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजी
फिलहाल विभाग लगातार निगरानी और उपचार कार्यों में लगा हुआ है। प्रत्येक नए मरीज का फॉलो-अप लिया जा रहा है ताकि बीमारी फैलने से पहले नियंत्रण में लाई जा सके। अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे केवल प्रशासन पर निर्भर न रहें, स्वच्छता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। इस बदलते मौसम में एक छोटी-सी लापरवाही बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है। इसलिए जागरूक रहना ही इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इनका कहना
जिला मलेरिया अधिकारी सीहोर क्षमा बर्वे ने बताया कि डेंगू के चार और मलेरिया के दो नए मरीज मिले हैं। जिन स्थानों पर मरीज मिले हैं, वहाँ हमारी टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं। घर-घर जाकर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली जा रही है। कोई बीमार व्यक्ति मिलता है तो उसे तत्काल अस्पताल भेजा जा रहा है। साथ ही लोगों को बीमारी से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
