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Sehore news: मूंग बेचकर भी खाली हाथ किसान! 500 किसानों को एक माह से समर्थन मूल्य का भुगतान नहीं

Sat, 06 Sep 2025 12:37 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Sat, 06 Sep 2025 12:37 PM IST
सार

सीहोर जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने वाले करीब 500 किसानों को एक माह बाद भी भुगतान नहीं मिला है। 7 जुलाई से 14 अगस्त के बीच 1,000 मीट्रिक टन मूंग बेची गई थी। केंद्र से अनुमति में देरी के कारण राशि अटकी रही, विभाग ने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया है। 

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Sehore news: Moong farmers unpaid! 500 farmers in Sehore await MSP payment even after a month
फ़ाइल फ़ोटो

विस्तार

सीहोर जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने वाले किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। करीब 500 किसानों ने 7 जुलाई से 14 अगस्त के बीच अपनी उपज बेच दी थी, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी उनके खातों में राशि नहीं पहुंची है। इससे किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और हर दिन बैंक से खाली हाथ लौट रहे हैं।

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पंजीकरण और खरीदी की स्थिति
इस वर्ष जिले में 32,553 किसानों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 30,516 किसानों ने स्लॉट बुक किया और 27,663 किसानों ने मूंग की उपज बेची। जिले के 63 खरीदी केंद्रों पर कुल 77,775.21 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हुई, जिसकी कुल कीमत लगभग 675.24 करोड़ रुपये है।
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500 किसानों का भुगतान अटका
जानकारी के अनुसार, जिले के करीब 500 किसानों की 1,000 मीट्रिक टन मूंग की राशि अभी तक खातों में नहीं आई है। रमपुरा के किसान हरिबाबू चौहान ने बताया कि पैसों के अभाव में उनका लेनदेन और कामकाज रुक गया है। शाहगंज के भूपेश कुमार ने कहा कि उन्होंने दूसरे व्यक्ति के खाते पर मूंग का तौल कराया था, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हुआ।

केंद्र से अनुमति में हुई देरी
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मूंग खरीदी की प्रक्रिया केंद्र सरकार की अनुमति से जुड़ी रहती है। प्रारंभिक खरीदी की अनुमति मिल गई थी और उसका भुगतान भी हो गया, लेकिन बाद की खरीदी के लिए नई अनुमति लेनी पड़ी। यह अनुमति विभाग को तीन दिन पहले ही मिली है।

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किसान क्यों हो रहे परेशान
किसानों का कहना है कि खरीफ की बोवनी और रबी की तैयारी के लिए धन की आवश्यकता रहती है। समय पर भुगतान न मिलने से बीज, खाद और अन्य जरूरी सामान लेने में परेशानी हो रही है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द राशि खाते में डाले, जिससे आगामी कृषि कार्य प्रभावित न हों।

विभाग ने दिया आश्वासन
सीहोर कृषि विभाग के डीडीए एके उपाध्याय ने बताया कि जिन किसानों के भुगतान रुके हुए हैं, उनके खातों में राशि अगले एक सप्ताह में जमा हो जाएगी। विभाग का दावा है कि अब किसानों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

उम्मीद पर टिकी निगाहें
अब सभी किसानों की नजरें सरकार और विभाग पर टिकी हैं। किसानों का कहना है कि अगर एक सप्ताह में राशि उनके खातों में आ जाती है तो उनकी मुश्किलें काफी हद तक हल हो जाएंगी। लेकिन अगर भुगतान और टला तो वे बड़े संकट में फंस जाएंगे।

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