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Sehore news: सीहोर में मूंग घोटाला! 1800 बोरी अमानक उपज पकड़ी गई, समर्थन मूल्य खरीदी पर उठे सवाल
Mon, 21 Jul 2025 09:37 AM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jul 2025 09:37 AM IST
सार
सीहोर जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता उजागर हुई है। किसान की शिकायत पर एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी की अगुवाई में जांच दल ने वासुदेव स्थित रामानंद वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया, जहां 1800 बोरी अमानक मूंग बरामद की गई।
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सीहोर में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी में बड़ा घोटाला,
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
समर्थन मूल्य पर की जा रही मूंग खरीदी में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। किसान की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने वासुदेव स्थित रामानंद वेयरहाउस से 1800 बोरी अमानक मूंग जब्त की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने वेयरहाउस संचालक, समिति प्रबंधक और सर्वेयर दीपेंद्र पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
यह मामला उस समय उजागर हुआ जब चांदाग्रहण के किसान शमीम खान ने एसडीएम से शिकायत की कि उनकी मूंग की ट्रॉली को बिना ग्रेडिंग रिजेक्ट कर दिया गया, जबकि अन्य किसानों से पैसे लेकर अमानक मूंग खरीदी जा रही थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम रघुवंशी ने तत्काल जांच दल का गठन किया, जिसने रामानंद वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस के स्टॉक क्रमांक 04 और 38 में कुल 1800 बोरियों में अमानक मूंग पाई गई। साथ ही वेयरहाउस के भौतिक स्टॉक और ऑनलाइन बिलिंग में भारी अंतर भी सामने आया। इसके अलावा, सर्वेयर दीपेंद्र पटेल द्वारा की गई मूंग खरीदी से संबंधित जानकारी भी गोदाम द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। जांच दल ने पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है।
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एसडीएम रघुवंशी ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, अन्यथा उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने उप संचालक, कृषि विभाग, जिला विपणन अधिकारी (मार्कफेड), और एमपी वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक को भी पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मंडी व्यापारियों के गोदामों का भी निरीक्षण
घटना के बाद एसडीएम ने रविवार को नगर के मंडी व्यापारियों के गोदामों का औचक निरीक्षण भी किया। हालांकि इस दौरान किसी भी गोदाम में अनियमितता नहीं पाई गई। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर की जांच की और भौतिक स्टॉक का मिलान भी कराया। एसडीएम ने मंडी सचिव विलियम जॉर्ज और व्यापारियों को सख्त निर्देश दिए कि समर्थन मूल्य पर बिकने वाली उपज को लेकर कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए।
ये भी पढ़ें:मध्य प्रदेश में कमजोर पड़ा सिस्टम,भारी बारिश से राहत, 23 जुलाई से फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी गोदामों में मौजूद स्टॉक रिकॉर्ड के अनुसार होना चाहिए और किसी भी तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही निर्देश दिया कि मंडी सचिव समय-समय पर व्यापारिक गोदामों का निरीक्षण करें और जानकारी प्रस्तुत करें। बिना मंडी अनुमति के व्यापारिक मूंग शहर से बाहर न जाए। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक सख्त संदेश मानी जा रही है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
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यह मामला उस समय उजागर हुआ जब चांदाग्रहण के किसान शमीम खान ने एसडीएम से शिकायत की कि उनकी मूंग की ट्रॉली को बिना ग्रेडिंग रिजेक्ट कर दिया गया, जबकि अन्य किसानों से पैसे लेकर अमानक मूंग खरीदी जा रही थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम रघुवंशी ने तत्काल जांच दल का गठन किया, जिसने रामानंद वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस के स्टॉक क्रमांक 04 और 38 में कुल 1800 बोरियों में अमानक मूंग पाई गई। साथ ही वेयरहाउस के भौतिक स्टॉक और ऑनलाइन बिलिंग में भारी अंतर भी सामने आया। इसके अलावा, सर्वेयर दीपेंद्र पटेल द्वारा की गई मूंग खरीदी से संबंधित जानकारी भी गोदाम द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। जांच दल ने पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है।
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एसडीएम रघुवंशी ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, अन्यथा उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने उप संचालक, कृषि विभाग, जिला विपणन अधिकारी (मार्कफेड), और एमपी वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक को भी पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मंडी व्यापारियों के गोदामों का भी निरीक्षण
घटना के बाद एसडीएम ने रविवार को नगर के मंडी व्यापारियों के गोदामों का औचक निरीक्षण भी किया। हालांकि इस दौरान किसी भी गोदाम में अनियमितता नहीं पाई गई। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर की जांच की और भौतिक स्टॉक का मिलान भी कराया। एसडीएम ने मंडी सचिव विलियम जॉर्ज और व्यापारियों को सख्त निर्देश दिए कि समर्थन मूल्य पर बिकने वाली उपज को लेकर कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी गोदामों में मौजूद स्टॉक रिकॉर्ड के अनुसार होना चाहिए और किसी भी तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही निर्देश दिया कि मंडी सचिव समय-समय पर व्यापारिक गोदामों का निरीक्षण करें और जानकारी प्रस्तुत करें। बिना मंडी अनुमति के व्यापारिक मूंग शहर से बाहर न जाए। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक सख्त संदेश मानी जा रही है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
