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नेहा पच्चीसिया: जमीन सौदे मामले में नेहा समेत तीन के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की मांग; विशेष न्यायालय में आवेदन
Thu, 17 Sep 2026 08:18 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 17 Sep 2026 08:18 PM IST
सार
कटनी जमीन सौदा मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग को लेकर विशेष न्यायालय में आवेदन दिया गया है। अधिवक्ता अविनाश तिवारी ने 16 सितंबर को आवेदन पेश किया। फिलहाल रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं हुआ है।
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नेहा पच्चीसिया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की गई है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कटनी के चर्चित जमीन सौदा और पद के दुरुपयोग के मामले में अब आरोपियों के विदेश भागने की आशंका को लेकर रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग उठी है। अधिवक्ता अविनाश तिवारी ने विशेष न्यायाधीश, पीसी एक्ट, जिला न्यायालय कटनी के समक्ष आवेदन दाखिल कर निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बरापात्रे और मरूफ अहमद हनफी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की है।
आवेदन 16 सितंबर 2026 को प्रस्तुत किया गया। इसमें न्यायालय से मामले पर जल्द सुनवाई करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एसआईटी अब तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। ऐसे में आशंका है कि आरोपी लुकआउट सर्कुलर जारी होने से पहले ही विदेश जा चुके हों या फर्जी और जाली दस्तावेजों के जरिए हवाई, जमीनी अथवा समुद्री मार्ग से देश की सीमा पार कर गए हों। अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने यह भी आशंका जताई है कि तीनों नामजद आरोपी किसी दूसरे देश में छिपे हो सकते हैं। इसी आधार पर न्यायालय से राज्य सरकार की स्टेटस रिपोर्ट तलब करने और न्यायहित में जल्द निर्णय लेने की मांग की गई है।
ये भी पढ़ें- नेहा पच्चीसिया को मिलेगी राहत?: फरार निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया हाईकोर्ट की शरण में, आवेदन पर फैसला सुरक्षित
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दरअसल, पूरा मामला आदिवासी हत्या प्रकरण के आरोपी रमेश लोधी और उसके परिजनों को राहत देने के कथित दबाव से जुड़ा है। आरोप है कि निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 82.86 लाख रुपए की गाइडलाइन वैल्यू वाली जमीन करीब 18 लाख रुपये में मरूफ अहमद हनफी को दिलवाने में भूमिका निभाई। आरोपों के मुताबिक, जमीन सौदे में 15 लाख रुपये का चेक रमेश लोधी को दिया गया था, जिसका लिंक क्षितिज राज बरापात्रे से जुड़ने की बात सामने आई है। क्षितिज राज बरापात्रे के नेहा पच्चीसिया के बंगले में रहने का भी उल्लेख मामले में किया गया है।
आकाश लोधी की शिकायत पर जबलपुर की एएसपी अनु बेनीवाल ने जांच रिपोर्ट तैयार की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर 19 अगस्त 2026 को कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बरापात्रे और मरूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के लिए एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में 8 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं।
इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और लुकआउट सर्कुलर जारी करने की कार्रवाई की गई। अब FIR दर्ज हुए करीब एक माह होने को है, लेकिन एसआईटी तीनों में से किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। इसी गिरफ्तारी में देरी और विदेश भागने की आशंका को आधार बनाते हुए अधिवक्ता अविनाश तिवारी ने विशेष न्यायालय में रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की है। हालांकि, फिलहाल रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं हुआ है, बल्कि इसके लिए न्यायालय में आवेदन दाखिल किया गया है।
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आवेदन 16 सितंबर 2026 को प्रस्तुत किया गया। इसमें न्यायालय से मामले पर जल्द सुनवाई करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एसआईटी अब तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। ऐसे में आशंका है कि आरोपी लुकआउट सर्कुलर जारी होने से पहले ही विदेश जा चुके हों या फर्जी और जाली दस्तावेजों के जरिए हवाई, जमीनी अथवा समुद्री मार्ग से देश की सीमा पार कर गए हों। अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने यह भी आशंका जताई है कि तीनों नामजद आरोपी किसी दूसरे देश में छिपे हो सकते हैं। इसी आधार पर न्यायालय से राज्य सरकार की स्टेटस रिपोर्ट तलब करने और न्यायहित में जल्द निर्णय लेने की मांग की गई है।
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दरअसल, पूरा मामला आदिवासी हत्या प्रकरण के आरोपी रमेश लोधी और उसके परिजनों को राहत देने के कथित दबाव से जुड़ा है। आरोप है कि निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 82.86 लाख रुपए की गाइडलाइन वैल्यू वाली जमीन करीब 18 लाख रुपये में मरूफ अहमद हनफी को दिलवाने में भूमिका निभाई। आरोपों के मुताबिक, जमीन सौदे में 15 लाख रुपये का चेक रमेश लोधी को दिया गया था, जिसका लिंक क्षितिज राज बरापात्रे से जुड़ने की बात सामने आई है। क्षितिज राज बरापात्रे के नेहा पच्चीसिया के बंगले में रहने का भी उल्लेख मामले में किया गया है।
आकाश लोधी की शिकायत पर जबलपुर की एएसपी अनु बेनीवाल ने जांच रिपोर्ट तैयार की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर 19 अगस्त 2026 को कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बरापात्रे और मरूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के लिए एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में 8 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं।
इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और लुकआउट सर्कुलर जारी करने की कार्रवाई की गई। अब FIR दर्ज हुए करीब एक माह होने को है, लेकिन एसआईटी तीनों में से किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है। इसी गिरफ्तारी में देरी और विदेश भागने की आशंका को आधार बनाते हुए अधिवक्ता अविनाश तिवारी ने विशेष न्यायालय में रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की है। हालांकि, फिलहाल रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं हुआ है, बल्कि इसके लिए न्यायालय में आवेदन दाखिल किया गया है।
