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Sehore News: शादी समारोह में अचानक पहुंची पुलिस तो मची खलबली, कुछ देर की माथापच्ची के बाद टला विवाह; जानें वजह

Thu, 29 May 2025 12:06 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Thu, 29 May 2025 12:06 PM IST
सार

सीहोर में हो रहे एक शादी समारोह में महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की टीम समय पर नहीं पहुंची तो नाबालिग वधू बन जाती। उन्होंने समारोह में पहुंचकर समझाइश दी और बच्ची का विवाह रुकवाया।

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16 year old minor getting married in Sehore police stopped it
महिला बाल विकास विभाग की टीम और शासन ने रुकवाया बाल विवाह।

विस्तार

18 साल से कम उम्र की नाबालिग लड़की का विवाह करना कानूनन जुर्म है। ऐसा करते पाए जाने पर कार्रवाई होगी और जेल तक जाना पड़ सकता है। इस तरह का कार्य किसी को नहीं करना चाहिए। महिला बाल विकास विभाग की टीम और शासन-प्रशासन की तरफ से आमजन को इस बारे में लगातार जागरूक किया जाता है, लेकिन फिर भी कुछ लोग चोरी-छिपे ऐसा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जिले में सामने आया है। बाल विवाह को विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की "एक्सेस टू जस्टिस टीम" ने पुलिस की मदद से मौके पर पहुंचकर रुकवाया।

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जानकारी के अनुसार, चाइल्ड लाइन को सूचना मिली थी कि जावर क्षेत्र में एक 16 वर्षीय किशोरी का विवाह हो रहा है। इस सूचना के बाद "एक्सेस टू जस्टिस" टीम महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, और जावर थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने नाबालिग की अंकसूची देखी, जिससे पता चला कि उसकी उम्र मात्र 16 वर्ष है। सभी ने कानून की जानकारी देकर और समझाइश के माध्यम से विवाह रुकवाया। परिवार ने सहमति जताई कि बालिका की उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही उसका विवाह किया जाएगा।
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तो हो सकती थी देर
महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर पर्यवेक्षक सायमा अरशद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रचना मालवीय, जिला "एक्सेस टू जस्टिस" टीम के जिला प्रभारी सुमित गौर, सदस्य दीपक राठौर और जावर थाना पुलिस समय पर नहीं पहुंचते तो नाबालिग विवाह होते ही वधू बन जाती। उन्होंने अन्य लोगों से भी अपील की कि वे अपने बेटे-बेटियों का विवाह बालिग होने पर ही करें।

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नाबालिग को कई तरह की आती हैं दिक्कतें
एक्सपर्ट बताते हैं कि शादी के लिए लड़कियों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित की गई है। यदि किसी नाबालिग लड़की का विवाह हो जाता है, तो उसे आगे चलकर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से गर्भवती होने की स्थिति में उसे सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए, सभी को खुद भी जागरूक होना चाहिए और दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए कि नाबालिग बेटा-बेटियों का विवाह न करें।

महिला बाल विकास विभाग की टीम और शासन ने रुकवाया बाल विवाह

महिला बाल विकास विभाग की टीम और शासन ने रुकवाया बाल विवाह

 

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