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MP News: सीहोर में दो दिन तक तालाब में तड़पती रही घायल मादा टाइगर, भोपाल से आई टीम ने किया रेस्क्यू
Wed, 11 Jun 2025 09:20 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Jun 2025 09:20 PM IST
सार
वन विभाग की टीम ने पटाखे चलाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह खुद से बाहर नहीं आई। इसके बाद मामला वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल तक पहुंचा। तब वन विहार भोपाल की टीम ने आकर मादा टाइगर का रेस्क्यू किया।
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भोपाल वन विभाग की टीम ने घायल टाइगर को निकाला बाहर।
विस्तार
मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है, लेकिन सीहोर जिले में टाइगर को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। सलकनपुर-इटारसी के तालाब में दो दिनों तक एक मादा टाइगर पानी के अंदर तड़पती रही। इसकी सूचना वन विभाग के अमले को समय पर दे दी गई थी, लेकिन विभाग की टीम देर से मौके पर पहुंची। इसके बाद तालाब में पानी में फंसे टाइगर की निगरानी की जाती रही, लेकिन उसे बाहर नहीं निकाला जा सका।
हालांकि, वन विभाग की टीम ने पटाखे चलाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह खुद से बाहर नहीं आई। इसके बाद मामला वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल तक पहुंचा। तब वन विहार भोपाल की टीम ने आकर मादा टाइगर का रेस्क्यू किया।
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चरवाहों ने दी थी सबसे पहले सूचना
जानकारी के अनुसार, सलकनपुर-इटारसी के तालाब में मादा टाइगर को पानी के अंदर तड़पता हुआ सबसे पहले चरवाहों ने देखा था। इसके बाद सूचना इटारसी ग्राम पंचायत के सरपंच वीरेंद्र गोहिया को दी गई। उन्होंने वन विभाग को सूचित किया। विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टाइगर को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन प्रयास सफल नहीं हुए। जब टाइगर को बाहर निकालने में देरी होती रही तो मामला अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल तक पहुंचाया गया। बाद में वन विहार भोपाल की टीम ने पहुंचकर टाइगर का रेस्क्यू किया। बताया जा रहा है कि मादा टाइगर की उम्र 15 से 18 माह के बीच है। उसे घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए भोपाल ले जाया गया।
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गर्दन में गहरे घाव, कीड़े लग चुके थे
बताया जा रहा है कि टाइगर की गर्दन में गहरे घाव थे, जिनमें कीड़े भी लग चुके थे। दो दिनों तक पानी में रहने और भोजन न मिलने के कारण वह कमजोर हो गई थी। सीहोर के डीएफओ एम.एस. डावर ने बताया कि सूचना मिलते ही रेहटी की टीम को मौके पर भेजा गया और टाइगर की निगरानी की गई। मैं स्वयं भी मौके पर पहुंचा। वन विभाग ने उसे बाहर निकालने के प्रयास किए, लेकिन टाइगर कुछ देर बाहर आने के बाद फिर से पानी में लौट जाती थी। बाद में भोपाल से आई टीम ने उसका सफल रेस्क्यू किया और इलाज जारी है।
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हालांकि, वन विभाग की टीम ने पटाखे चलाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह खुद से बाहर नहीं आई। इसके बाद मामला वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल तक पहुंचा। तब वन विहार भोपाल की टीम ने आकर मादा टाइगर का रेस्क्यू किया।
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चरवाहों ने दी थी सबसे पहले सूचना
जानकारी के अनुसार, सलकनपुर-इटारसी के तालाब में मादा टाइगर को पानी के अंदर तड़पता हुआ सबसे पहले चरवाहों ने देखा था। इसके बाद सूचना इटारसी ग्राम पंचायत के सरपंच वीरेंद्र गोहिया को दी गई। उन्होंने वन विभाग को सूचित किया। विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टाइगर को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन प्रयास सफल नहीं हुए। जब टाइगर को बाहर निकालने में देरी होती रही तो मामला अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल तक पहुंचाया गया। बाद में वन विहार भोपाल की टीम ने पहुंचकर टाइगर का रेस्क्यू किया। बताया जा रहा है कि मादा टाइगर की उम्र 15 से 18 माह के बीच है। उसे घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए भोपाल ले जाया गया।
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गर्दन में गहरे घाव, कीड़े लग चुके थे
बताया जा रहा है कि टाइगर की गर्दन में गहरे घाव थे, जिनमें कीड़े भी लग चुके थे। दो दिनों तक पानी में रहने और भोजन न मिलने के कारण वह कमजोर हो गई थी। सीहोर के डीएफओ एम.एस. डावर ने बताया कि सूचना मिलते ही रेहटी की टीम को मौके पर भेजा गया और टाइगर की निगरानी की गई। मैं स्वयं भी मौके पर पहुंचा। वन विभाग ने उसे बाहर निकालने के प्रयास किए, लेकिन टाइगर कुछ देर बाहर आने के बाद फिर से पानी में लौट जाती थी। बाद में भोपाल से आई टीम ने उसका सफल रेस्क्यू किया और इलाज जारी है।

भोपाल वन विभाग की टीम ने घायल टाइगर को रेस्क्यू कर बाहर निकाला

भोपाल वन विभाग की टीम ने घायल टाइगर को रेस्क्यू कर बाहर निकाला
