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सीहोर कथा विवाद: कलेक्टर बोले- भीड़ देख महाराज ने टाला रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम, दबाव के आरोप गलत
Wed, 02 Mar 2022 05:09 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 02 Mar 2022 05:09 PM IST
सार
सीहोर कलेक्टर सीएम ठाकुर ने कहा कि प्रशासन तीन दिन से व्यवस्था करने में लगा है। सोमवार को रुद्राक्ष महोत्सव में बहुत ज्यादा भीड़ पहुंच गई थी। भीड़ के दबाव में प्रदीप मिश्रा ने रुद्राक्ष बांटने का कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया। प्रशासन की तरफ से उन पर कोई दबाव नहीं बनाया गया। इस तरह के आरोप गलत हैं।
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सीहोर कलेक्टर सीएम ठाकुर ने कहा कि प्रशासन की तरफ से कोई दबाव नहीं बनाया गया।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
मध्य प्रदेश के सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा के रुद्राक्ष महोत्सव स्थगित होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पत्र लिखकर प्रशासन पर कार्रवाई की मांग की है। इस पर जिला कलेक्टर सीएम ठाकुर ने कहा कि भीड़ देख कर महाराज ने रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम टाला था। दबाव के आरोप गलत हैं।
सीहोर कलेक्टर सीएम ठाकुर ने कहा कि प्रशासन तीन दिन से व्यवस्था करने में लगा है। कथा अभी भी चल रही है। सोमवार को रुद्राक्ष महोत्सव में बहुत ज्यादा भीड़ पहुंच गई थी। भीड़ के दबाव में पंडित प्रदीप मिश्रा ने रुद्राक्ष बांटने का कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया, क्योंकि रुद्राक्ष बांटने की प्रक्रिया में भगदड़ होने की आशंका थी। प्रशासन की तरफ से उन पर कोई दबाव नहीं बनाया गया। इस तरह के आरोप गलत हैं। अब महाराज रुद्राक्ष बांटने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था कर रहे हैं।
विजयवर्गीय ने जिला प्रशासन पर कार्रवाई की मांग की
मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी। साथ ही विजयवर्गीय ने सीएम से कहा कि 17 साल से आप इस प्रांत के मुखिया हैं। आखिर ऐसी कौन सी विपदा आ गई थी कि पंडित प्रदीप मिश्रा पर इतना दबाव बनाया गया कि उन्हें भारी मन से कथा को समाप्त करना पड़ा।
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क्या था मामला
बता दें शिव महापुराण और रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियां सीहोर में चितावलिया हेमा गांव में पिछले 15 दिनों से चल रही थीं। सोमवार सुबह पंडित प्रदीप मिश्रा ने आयोजन की शुरुआत की। सुबह से ही हजारों लोगों का पंडाल पहुंचना शुरू हो गया। भीड़ इस कदर उमड़ी की दोपहर होते-होते भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे के दोनों ओर 40 किमी तक जाम लग गया। हालात ऐसे बन गए कि पैदल चलने वालों तक का हाईवे से गुजरना मुश्किल हो रहा था। सीहोर-आष्टा और आसपास के सभी होटल, धर्मशाला फुल थे। दोपहर तक ही ढाई लाख भक्त यहां पहुंच चुके थे और श्रद्धालुओं का कारवां नहीं थम रहा था। अफरा-तफरी की स्थिति को देख पं. प्रदीप मिश्रा भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ऊपर से बार-बार दबाव आ रहा है, इसलिए कथा स्थगित कर रहा हूं। आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि अपने घर जाकर ऑनलाइन माध्यम से ही कथा सुनें। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कथा स्थगित करने के लिए कोई दबाव नहीं डाला गया।
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सीहोर कलेक्टर सीएम ठाकुर ने कहा कि प्रशासन तीन दिन से व्यवस्था करने में लगा है। कथा अभी भी चल रही है। सोमवार को रुद्राक्ष महोत्सव में बहुत ज्यादा भीड़ पहुंच गई थी। भीड़ के दबाव में पंडित प्रदीप मिश्रा ने रुद्राक्ष बांटने का कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया, क्योंकि रुद्राक्ष बांटने की प्रक्रिया में भगदड़ होने की आशंका थी। प्रशासन की तरफ से उन पर कोई दबाव नहीं बनाया गया। इस तरह के आरोप गलत हैं। अब महाराज रुद्राक्ष बांटने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था कर रहे हैं।
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विजयवर्गीय ने जिला प्रशासन पर कार्रवाई की मांग की
मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी। साथ ही विजयवर्गीय ने सीएम से कहा कि 17 साल से आप इस प्रांत के मुखिया हैं। आखिर ऐसी कौन सी विपदा आ गई थी कि पंडित प्रदीप मिश्रा पर इतना दबाव बनाया गया कि उन्हें भारी मन से कथा को समाप्त करना पड़ा।
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क्या था मामला
बता दें शिव महापुराण और रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियां सीहोर में चितावलिया हेमा गांव में पिछले 15 दिनों से चल रही थीं। सोमवार सुबह पंडित प्रदीप मिश्रा ने आयोजन की शुरुआत की। सुबह से ही हजारों लोगों का पंडाल पहुंचना शुरू हो गया। भीड़ इस कदर उमड़ी की दोपहर होते-होते भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे के दोनों ओर 40 किमी तक जाम लग गया। हालात ऐसे बन गए कि पैदल चलने वालों तक का हाईवे से गुजरना मुश्किल हो रहा था। सीहोर-आष्टा और आसपास के सभी होटल, धर्मशाला फुल थे। दोपहर तक ही ढाई लाख भक्त यहां पहुंच चुके थे और श्रद्धालुओं का कारवां नहीं थम रहा था। अफरा-तफरी की स्थिति को देख पं. प्रदीप मिश्रा भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ऊपर से बार-बार दबाव आ रहा है, इसलिए कथा स्थगित कर रहा हूं। आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि अपने घर जाकर ऑनलाइन माध्यम से ही कथा सुनें। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कथा स्थगित करने के लिए कोई दबाव नहीं डाला गया।
